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आदर्श चुनाव आचार संहिता का पालन कराएं उड़नदस्ते : डीसी
Mon, 19 Aug 2024 05:52 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Mon, 19 Aug 2024 05:52 AM IST
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भिवानी में फ्लाइंग स्क्वाड टीमों के नोडल अधिकारियों को निर्देश देते डीसी महावीर कौशिक।
भिवानी। आदर्श चुनाव आचार संहिता (एमसीसी) का पालन कराने के लिए जिले के चारों विधानसभा क्षेत्रों में पांच-पांच उड़नदस्ते (एफएसटी) गठित किए गए हैं। इन उड़नदस्तों के नोडल अधिकारियों की बैठक रविवार को लघु सचिवालय स्थित डीआरडीए सभागार में हुई। इस बैठक की अध्यक्षता करते हुए डीसी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी महावीर कौशिक ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे जिले में कहीं भी एमसीसी का उल्लंघन न होने दें। सीविजिल एप पर आने वाली संबंधित शिकायतों का निर्धारित समय में निपटारा करें।
उन्होंने कहा कि सभी टीमें अपने क्षेत्रों में प्रभावी ढंग से निगरानी करें ताकि चुनाव पारदर्शी ढंग से हो। उन्होंने निर्देश दिए कि वे अपने क्षेत्रों में लोगों को भी एमसीसी के पालन के लिए जागरूक करें। वह खुद एमसीसी का उल्लंघन न करें और चुनाव को शांतिपूर्वक ढंग से करवाने में जिला प्रशासन का सहयोग करें।
उन्होंने कहा कि सीविजिल एप पर आने वाली शिकायतों का 100 मिनट में निपटारा करना जरूरी है। इसलिए सभी टीमों को निगरानी के लिए अलग कार्यक्षेत्र दिया गया है।
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इस दौरान डीआईओ अमित लांबा ने चुनावी गतिविधियों की निगरानी से जुड़ी मोबाइल एप के संचालन के लिए नोडल अधिकारियों को पीपीटी के माध्यम से जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि किसी भी वाहन में नकदी या ड्रग्स आदि पाया जाता है तो उसकी सूचना तुरंत आबकारी-कराधान विभाग को दें। पकड़े गए सामान को जब्त करने की कार्रवाई संबंधी विभागों की ओर से की जाएगी। एफएसटी केवल सामान को पकड़कर उसको एसएमएस पोर्टल पर दर्ज करेंगे। जब्ती सामान को वापस करने की कार्यवाही अलग समिति करेगी।
नागरिक टोल फ्री नंबर 1950 पर दे सकते हैं रिश्वत की सूचना
जिला निर्वाचन अधिकारी महावीर कौशिक ने कहा कि मतदाताओं को लुभाने के लिए नकदी, शराब या अन्य पारितोषिक वस्तु बांटना और मुफ्त में भोजन परोसना निर्वाचन आयोग की हिदायतों के अनुसार रिश्वत माता जाता है। रिश्वत देना या स्वीकार करना दोनों दंडनीय अपराध है, जिसमें एक वर्ष तक का कारावास और जुर्माना दोनों हो सकता है। ऐसी गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए विभिन्न उड़नदस्तों का गठन किया गया है। जिला निर्वाचन अधिकारी ने आमजन से भी सहयोग की अपील की है। उन्होंने कहा कि यदि जिले में किसी व्यक्ति को रिश्वत संबंधी सूचना मिलती है तो वे जिला मुख्यालय पर स्थापित टोल फ्री नंबर 1950 पर भी बता सकते हैं ताकि तुरंत प्रभाव से कार्रवाई की जा सके। बैठक में नगराधीश एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी विपिन कुमार ने भी कई निर्देश दिए। इस दौरान चुनाव उपतहसीलदार विनोद कुमार, चुनाव कानूनगो सतीश कुमार और रामफल सहित एफएसटी के सभी नोडल अधिकारी मौजूद रहे।
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उन्होंने कहा कि सभी टीमें अपने क्षेत्रों में प्रभावी ढंग से निगरानी करें ताकि चुनाव पारदर्शी ढंग से हो। उन्होंने निर्देश दिए कि वे अपने क्षेत्रों में लोगों को भी एमसीसी के पालन के लिए जागरूक करें। वह खुद एमसीसी का उल्लंघन न करें और चुनाव को शांतिपूर्वक ढंग से करवाने में जिला प्रशासन का सहयोग करें।
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उन्होंने कहा कि सीविजिल एप पर आने वाली शिकायतों का 100 मिनट में निपटारा करना जरूरी है। इसलिए सभी टीमों को निगरानी के लिए अलग कार्यक्षेत्र दिया गया है।
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इस दौरान डीआईओ अमित लांबा ने चुनावी गतिविधियों की निगरानी से जुड़ी मोबाइल एप के संचालन के लिए नोडल अधिकारियों को पीपीटी के माध्यम से जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि किसी भी वाहन में नकदी या ड्रग्स आदि पाया जाता है तो उसकी सूचना तुरंत आबकारी-कराधान विभाग को दें। पकड़े गए सामान को जब्त करने की कार्रवाई संबंधी विभागों की ओर से की जाएगी। एफएसटी केवल सामान को पकड़कर उसको एसएमएस पोर्टल पर दर्ज करेंगे। जब्ती सामान को वापस करने की कार्यवाही अलग समिति करेगी।
नागरिक टोल फ्री नंबर 1950 पर दे सकते हैं रिश्वत की सूचना
जिला निर्वाचन अधिकारी महावीर कौशिक ने कहा कि मतदाताओं को लुभाने के लिए नकदी, शराब या अन्य पारितोषिक वस्तु बांटना और मुफ्त में भोजन परोसना निर्वाचन आयोग की हिदायतों के अनुसार रिश्वत माता जाता है। रिश्वत देना या स्वीकार करना दोनों दंडनीय अपराध है, जिसमें एक वर्ष तक का कारावास और जुर्माना दोनों हो सकता है। ऐसी गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए विभिन्न उड़नदस्तों का गठन किया गया है। जिला निर्वाचन अधिकारी ने आमजन से भी सहयोग की अपील की है। उन्होंने कहा कि यदि जिले में किसी व्यक्ति को रिश्वत संबंधी सूचना मिलती है तो वे जिला मुख्यालय पर स्थापित टोल फ्री नंबर 1950 पर भी बता सकते हैं ताकि तुरंत प्रभाव से कार्रवाई की जा सके। बैठक में नगराधीश एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी विपिन कुमार ने भी कई निर्देश दिए। इस दौरान चुनाव उपतहसीलदार विनोद कुमार, चुनाव कानूनगो सतीश कुमार और रामफल सहित एफएसटी के सभी नोडल अधिकारी मौजूद रहे।