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Bhiwani News: डेढ़ एकड़ में रखी बाजरे की पुली के हजारों टन ढेर में लगी आग
Thu, 05 Oct 2023 11:15 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Thu, 05 Oct 2023 11:15 PM IST
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गांव रूपगढ़ में देर रात लगी बाजरे की पुलियों में लगी आग से उठता धुआं व बुझाने का प्रयास करते
भिवानी। गांव रूपगढ़ के खेतों में बुधवार देर रात को करीब डेढ़ एकड़ में रखी बाजरा की हजारों टन पुली के ढेर में अचानक आग लग गई। आग इतनी भयंकर थी कि काफी ऊंचाई तक आग की लपटें उठीं और डेढ़ किलोमीटर दूर इलाके तक धुआं फैल गया। सूचना पाकर दमकल की दो गाड़ियां भी मौके पर पहुंची। वहीं हादसे की सूचना पाकर पुलिस भी मौके पर पहुंची। कई घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया, बावजूद इसके वीरवार को भी पुली का ढेर सुलगता रहा। पीड़ित किसान ने मामले की शिकायत पुलिस को दी है।
गांव रूपगढ़ निवासी दीपक यादव ने बताया कि करीब 95 एकड़ के आसपास इलाके के बाजरे की फसल कटाई के बाद हजारों टन पुली का ढेर करीब डेढ़ एकड़ भूमि पर रखा गया था। इसमें से करीब 30 एकड़ भूमि की पुली दूसरे किसानों से खरीद की गई थी। जबकि अधिकांश पुली परिवार के ही सदस्यों के खेतों से काटकर यहां लाई गई थी। इस पुली की कटिंग कराने के बाद पशु चारे में इस्तेमाल किया जाना था।
दीपक ने बताया कि वह घरेलू पशुओं के लिए सूखे चारे में इसका इस्तेमाल करते हैं और अधिक सूखे चारे की बिक्री भी कर देते हैं। बुधवार शाम करीब साढ़े सात बजे वह खेत से घर लौटा था उस समय सब ठीकठाक था। लेकिन रात साढ़े आठ बजे उन्हें पुली के ढेर में आग की सूचना मिली तो परिवार के लोग वहां मौके पर पहुंचे। पुली के ढेर के बीच में आग सुलगी है। सूचना दमकल विभाग को दी। इसके बाद दमकल की दो गाड़ी मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाने का प्रयास किया। सूखी पुली के ढेर में आग तेजी से फैल गई और धुआं और आग की लपटें काफी ऊंचाई तक दिखाई दीं। पुली के ढेर से घना धुआं आसपास के करीब डेढ़ किलोमीटर तक फैल गया।
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उन्होंने बताया कि सूखे पशु चारे में इस्तेमाल होने वाली बाजरा की पुली की कीमत करीब नौ लाख थी, क्योंकि पुली की कटाई और ढुलाई में ही लाखों रुपयों का खर्च आ गया था। पीड़ित किसान दीपक यादव ने मामले की सूचना पुलिस को दी है। दीपक ने बताया कि सोमवार को उपायुक्त से मिलकर नष्ट हुई पुली पर प्रशासन और सरकार से भी मुआवजे की मांग की जाएगी।
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गांव रूपगढ़ निवासी दीपक यादव ने बताया कि करीब 95 एकड़ के आसपास इलाके के बाजरे की फसल कटाई के बाद हजारों टन पुली का ढेर करीब डेढ़ एकड़ भूमि पर रखा गया था। इसमें से करीब 30 एकड़ भूमि की पुली दूसरे किसानों से खरीद की गई थी। जबकि अधिकांश पुली परिवार के ही सदस्यों के खेतों से काटकर यहां लाई गई थी। इस पुली की कटिंग कराने के बाद पशु चारे में इस्तेमाल किया जाना था।
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दीपक ने बताया कि वह घरेलू पशुओं के लिए सूखे चारे में इसका इस्तेमाल करते हैं और अधिक सूखे चारे की बिक्री भी कर देते हैं। बुधवार शाम करीब साढ़े सात बजे वह खेत से घर लौटा था उस समय सब ठीकठाक था। लेकिन रात साढ़े आठ बजे उन्हें पुली के ढेर में आग की सूचना मिली तो परिवार के लोग वहां मौके पर पहुंचे। पुली के ढेर के बीच में आग सुलगी है। सूचना दमकल विभाग को दी। इसके बाद दमकल की दो गाड़ी मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाने का प्रयास किया। सूखी पुली के ढेर में आग तेजी से फैल गई और धुआं और आग की लपटें काफी ऊंचाई तक दिखाई दीं। पुली के ढेर से घना धुआं आसपास के करीब डेढ़ किलोमीटर तक फैल गया।
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उन्होंने बताया कि सूखे पशु चारे में इस्तेमाल होने वाली बाजरा की पुली की कीमत करीब नौ लाख थी, क्योंकि पुली की कटाई और ढुलाई में ही लाखों रुपयों का खर्च आ गया था। पीड़ित किसान दीपक यादव ने मामले की सूचना पुलिस को दी है। दीपक ने बताया कि सोमवार को उपायुक्त से मिलकर नष्ट हुई पुली पर प्रशासन और सरकार से भी मुआवजे की मांग की जाएगी।