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Hindi News ›   Haryana ›   Bhiwani News ›   Finally, Nandis will get grant for food, now Cow Seva Commission has registered the Nandishala of Municipal Council.

Bhiwani News: आखिरकार नंदियों को मिलेगा खुराक के लिए अनुदान, अब नगर परिषद की नंदीशाला का गो सेवा आयोग ने किया रजिस्ट्रेशन

Fri, 02 Aug 2024 03:27 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी Updated Fri, 02 Aug 2024 03:27 AM IST
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Finally, Nandis will get grant for food, now Cow Seva Commission has registered the Nandishala of Municipal Council.
भिवानी। अब नगर परिषद की नंदीशाला का गो सेवा आयोग ने आखिरकार रजिस्ट्रेशन कर दिया है। अब नंदीशाला में प्रत्येक लावारिस नंदी की टेगिंग होगी। वहीं उनकी खुराक के लिए भी अलग से अनुदान मिलेगी।
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मई 2022 में नगर परिषद की नंदीशाला की नंदीशाला सेवा दल भिवानी ने जिम्मेदारी संभाली थी और दो साल से अब तक खुद ही हर माह नंदियों की खुराक का लाखों रुपयों का खर्च उठाती आ रही है। करीब साल भर पहले गो सेवा आयोग ने नंदीशाला को सूचीबद्ध कर दिया था, लेकिन इसके बाद कोई अनुदान नहीं दी थी। अमर उजाला ने इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया था।
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आखिरकार गो सेवा आयोग ने नंदीशाला का रजिस्ट्रेशन कर दिया। इसके बाद अब नंदीशाला में प्रत्येक नंदी के लिए खुराक कर साढ़े 1200 रुपये मिलना शुरू हो जाएगा। इसके अलावा अब शहर से लावारिस नंदी को पकड़कर नंदीशाला में लाने पर उसकी टेगिंग भी होगी। नंदीशाला का रजिस्ट्रेशन होने से अब लावारिस नंदियों के लिए ढांचागत सुविधाओं के लिए बजट का रास्ता भी साफ हो गया है।
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शहर के हालुवास रेलवे फाटक पार करीब सात से आठ एकड़ भूमि में नगर परिषद की नंदीशाला है। नगर परिषद द्वारा शहर से लावारिस नंदियों को पकड़ने के बाद इसे यहां नंदीशाला में छोड़ा जाने लगा, लेकिन यहां बजट का प्रावधान नहीं होने से नंदी के भूखे मरने की नौबत आ गई। जिसके बाद मई 2022 में नंदीशाला सेवा दल भिवानी ने इसके संचालन की जिम्मेदारी संभाली। फिलहाल नंदीशाला में 572 नंदी हैं।
इनकी खुराक और दवाइयों पर हर माह करीब दस लाख रुपये का बजट खर्च आ रहा है। ये बजट समाजसेवी व दानदाताओं से ही चल रहा है। नंदीशाला में सात कर्मचारी भी काम कर रहे हैं। इसमें चार नगर परिषद और तीन कर्मचारी संस्था के हैं। नंदीशाला में 572 नंदियों के लिए रोजाना दो 16 टन हरा और आठ टन सूखा चारा की खपत है। संवाद
नंदीशाला सेवा दल ने कराया दो शेड व चारा भंडारण का निर्माण
नंदीशाला सेवा दल ने नंदीशाला की रखरखाव की जिम्मेदारी संभालने के बाद यहां लावारिस नंदियों के लिए दो नए शेड तैयार कराए। इसके अलावा चारा कटाई और चारा भंडारण के लिए भी अलग से शेड तैयार कराया गया। इसके अलावा नंदीशाला में पशु चिकित्सा कक्ष भी तैयार कराया गया। ये सब दानदाताओं के सहयोग से हुआ है। हालांकि नगर परिषद की भूमि पर ये नंदीशाला खुली हैं मगर नगर परिषद से आज तक एक नए पैसे का भी सहयोग नहीं मिला। हालांकि प्रशासन ने ही नंदीशाला की शुरुआत की थी। बाद में अधिकारियों ने ही नंदी की खुराक के लिए बजट का कोई प्रावधान नहीं होने का हवाला देकर नंदी की भूख मिटाने से हाथ खड़े कर डाले, इसके बाद ही नंदीशाला सेवा दल भिवानी ने इसे संकट के दौर में संभाला और इसका बखूबी संचालन कर लावारिस नंदियों को आसरा दिया। अब नंदीशाला सेवा दल के सहयोग से ही इसका रजिस्ट्रेशन भी गो सेवा आयोग से हो गया है।

शहर में अब भी घूम रहे हैं पांच हजार से अधिक लावारिस नंदी
शहर व आसपास के ग्रामीण क्षेत्र में अब भी करीब पांच हजार से अधिक लावारिस नंदी घूम रहे हैं। जो लोगों के लिए हादसों की वजह बन रहे हैं। वहीं किसानों की खेती को भी चौपट कर रहे हैं। हालांकि नगर परिषद ने शहरी दायरे से नंदी पकड़ने के लिए करीब 25 लाख के बजट से कुछ अर्से पहले ठेका दिया था। नंदी पकड़ना भी शुरू कर दिया। मगर गो सेवा आयोग से ग्रांट जारी नहीं होने से गोशाला संचालकों ने इन्हें लेने से ही इंकार कर दिया था। गो सेवा आयोग ने येलो टेग के साथ लावारिस नंदी पकड़ने पर अलग से बजट देने की घोषणा की थी। मगर बजट में देरी से ये मामला खटाई में पड़ गया। अब नंदीशाला अलग से रजिस्ट्रेशन हुआ है तो लावारिस नंदी को अब ठिकाना और खुराक दोनों मिलने का रास्ता साफ हुआ है।
चार अगस्त को नंदीशाला में होगा सम्मान समारोह
नंदीशाला की स्थापना पर चार अगस्त रविवार शाम चार बजे नंदीशाला परिसर में सम्मान समारोह का आयोजन किया जाएगा। इस मौके पर उन महानुभावों को सम्मान मिलेगा, जिन्होंने नंदीशाला संचालन में अपना आर्थिक योगदान देकर लावारिस नंदी के रखरखाव में अहम भूमिका निभाई है। वहीं संस्था में बेहतर काम करने वालों को भी प्रोत्साहन मिलेगा। इसके लिए संस्था ने शहर के गणमान्य लोगों को कार्यक्रम में आमंत्रित किया है।

नंदीशाला को सूचीबद्ध किए जाने के बाद अब रजिस्ट्रेशन भी हो गया है। अब गो सेवा आयोग से यहां रहने वाले प्रत्येक नंदी की खुराक का बजट दिया जाएगा। लेकिन इस बजट के अलावा भी शहर के समाजसेवी लोगों का सहयोग इसी तरह मिलता रहेगा तब जाकर नंदी का उचित रखरखाव संभव हो पाएगा। क्योंकि हर माह यहां दस लाख से अधिक का खर्च आ रहा है, जबकि गो सेवा आयोग की ग्रांट चंद लाख ही मिलेगी। गो सेवा आयोग के चेयरमैन श्रवण कुमार का संस्था की ओर से आभार भी जताया गया है। नंदीशाला का रजिस्ट्रेशन कराने के लिए संस्था पदाधिकारियों को काफी मेहनत करनी पड़ी।
- अमित बंसल, संस्थापक सदस्य, नंदीशाला सेवा दल भिवानी।
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