फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Bhiwani News ›   farmers protest, kitlana toll, agriculture bill

‘बंटेंगे न रुकेंगे, लड़ेंगे आरपार की लड़ाई’

Wed, 21 Apr 2021 12:25 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Wed, 21 Apr 2021 12:25 AM IST
विज्ञापन
farmers protest, kitlana toll, agriculture bill
कितलाना टोल पर सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते किसान। संवाद - फोटो : Bhiwani
भिवानी। कृषि कानूनों के विरोध में कितलाना टोल पर चल रहे अनिश्चितकालीन धरने के 117वें दिन किसानों ने नारेबाजी कर रोष जताया। किसानों ने धरनास्थल पर नारेबाजी करते हुए एलान किया कि ये लड़ाई आर-पार की है। सरकार जो मर्जी षड्यंत्र रचे लेकिन वे न बटेंगे न थकेंगे और न ही रुकेंगे। उनके अनुसार देश के अन्नदाता का संघर्ष तीन कृषि कानून रद्द होने तक जारी रहेगा।
विज्ञापन

किसान नेता नर सिंह, कामरेड ओमप्रकाश, बिजेंद्र बेरला ने कहा कि सरकार अहंकार में चूर है लेकिन भूल रही है कि घमंड तो रावण का भी नहीं चला था। उन्होंने कहा कि संयुक्त किसान मोर्चा ने देशभर में किसान पंचायत की और उन आयोजनों में भारी भीड़ उमड़ी। ये इस बात का प्रतीक है कि किसान आंदोलन अब जनांदोलन बन गया है, जिसको सभी वर्गों का समर्थन मिल रहा है। आज किसान, मजदूर अपने हकों को लेकर जागरूक हो गए हैं और सरकार को जगाकर रहेंगे। धरने की अध्यक्षता खाप सांगवान 40 के सचिव नरसिंह डीपीई, बिजेंद्र बेरला, रणधीर कुंगड़, दिलबाग ढुल, सुभाष यादव, कमल सांगवान, कृष्णा छपार, कमलेश भैरवी ने संयुक्त रूप से की। धरने का मंच संचालन कामरेड ओमप्रकाश ने किया। इस अवसर पर राजबीर शास्त्री चिड़िया, मा. ताराचंद चरखी, सुरजभान सांगवान, रणधीर घिकाड़ा, कमल प्रधान, प्रो. राजेंद्र डोहकी, रत्तन सिंह, राजबीर बोहरा, प्रेम सिंह, सुरेंद्र कुब्जानगर, मीरसिंह निमड़ीवाली, सूबेदार सत्यवीर, बीरमति डोहकी, बलजीत शर्मा, रामफल देशवाल, चंद्रमुखी चरखी, सुल्तान खान, पूर्व सरपंच समुंद्र सिंह आदि मौजूद थे।
विज्ञापन

संपत्ति क्षति पूर्ति कानून हरियाणा को रद्द करने की राष्ट्रपति से की मांग
संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से जिला उपायुक्त कार्यालय भिवानी पर प्रदर्शन करके राष्ट्रपति से संपत्ति क्षति पूर्ति कानून रद्द करने की मांग की है। तहसीलदार के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन भिजवाया है। जिसमें मांग की गई हैं कि संपत्ति क्षति-पूर्ति कानून हरियाणा 2021 को रद्द किया जाए, पुलिस द्वारा आंदोलनकारियों पर बनाए मुकदमे वापस हो, आंदोलन पर दमन बंद हो और किसानों की मांगों को स्वीकार किया जाए। आंदोलनकारी जिला उपायुक्त कार्यालय भिवानी के सामने इकट्ठे हुए और किसान सभा के प्रदेश उपाध्यक्ष मा. शेर सिंह ने अध्यक्षता की। सभी वक्ताओं ने केन्द्र व राज्य सरकार की जन विरोधी नीतियों की कड़ी आलोचना की और तानाशाही हरकतों से बाज आने के लिए आगाह किया। साथ ही कहा कि जब तक किसानों के विरुद्ध बनाए गए कानून रद्द नहीं होगे, किसान आंदोलन वापस नहीं होंगे। प्रदर्शन में संयुक्त किसान मोर्चे की ओर से कामरेड ओमप्रकाश, जिले सिंह निगाना, युद्धवीर अहलावत, कमल प्रधान, बलवान एमसी, मजदूर नेता अनिल कुमार, राजेंद्र तंवर, लालचंद जांगडा, कर्मचारी नेता सुखदर्शन सरोहा, राज सिंह जताई, महिला नेत्री सन्तोष देशवाल, अनुराधा, वेद खेडी, रामफल देशवाल, सतबीर ओबरा, रतन जिंदल, ईश्वर कोट, महाबीर चांग, छाजूराम मिताथल, महाबीर बडेसरा, महेन्द्र प्रजापति, मीना शर्मा, ओमप्रकाश घुसकानी आदि शामिल थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed