फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Bhiwani News ›   Exposing gang withdrawing money from bank accounts using registry data

Bhiwani: रजिस्ट्री का डाटा प्रयोग करके बैंक खातों से रुपये निकालने वाले गिरोह का पर्दाफाश

Sat, 29 Apr 2023 01:25 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी (हरियाणा) Published by: अमर उजाला ब्यूरो Updated Sat, 29 Apr 2023 01:25 AM IST
सार

साइब क्राइम थाना पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। नकली रबड़ फिंगर प्रिंट व अन्य सामान बरामद किया है। साइबर क्राइम थाना में गांव नाथूवास निवासी सूरजमल ने शिकायत दी थी।

विज्ञापन
Exposing gang withdrawing money from bank accounts using registry data
पुलिस की गिरफ्त में धोखाधड़ी कर बैंक खातों से रुपये निकालने के आरोपी।

विस्तार

हरियाणा के भिवानी में साइबर क्राइम थाना पुलिस ने जमीन की रजिस्ट्री से बायोमेट्रिक डाटा चुराकर बैंक खातों से रुपये निकालने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया और रिमांड पर लेकर पूछताछ की। पूछताछ के बाद आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया। जहां तीनों आरोपियों को जिला कारागार भेजने के आदेश दिए गए।

विज्ञापन

 

आरोपियों की पहचान बिहार में जिला पूर्णिया में छपरैली निवासी डोमर कुमार विश्वास, जिला अररिया में गांव मछेला निवासी मेराज आलम और अमानुल के रूप में हुई है। आरोपियों के पास से रबड़ की नकली फिंगर प्रिंट, फोन, नकदी व अन्य सामान बरामद किया गया है। साइबर क्राइम थाना में गांव नाथूवास निवासी सूरजमल ने शिकायत दी थी।

विज्ञापन

 

शिकायत में बताया कि गत दिसंबर माह में आधार पेमेंट सिस्टम से धोखाधड़ी करके उसके बैंक खाते से करीब 70 हजार रुपये निकाल लिए गए। इस मामले में केस दर्ज करके साइबर थाना पुलिस ने कार्रवाई शुरू की। इस मामले में कार्रवाई करते हुए एएसआई विजय ने आरोपी डोमर व मेराज को गत 18 अप्रैल को गिरफ्तार किया और आरोपियों को आठ दिनों के रिमांड पर लिया। इसके बाद पुलिस ने मामले के मुख्य आरोपी अमानुल को 25 अप्रैल को गिरफ्तार किया।

विज्ञापन
विज्ञापन


रजिस्ट्री से लोगों का डाटा चुराकर बनाते थे नकली फिंगर प्रिंट
मुख्य आरोपी अमानुल ने बताया कि 2021 में उसकी दिल्ली में एक फैक्टरी थी। लॉकडाउन के कारण उसका काम बंद हो गया। इसके बाद उसकी मुलाकात डोमर व मेराज से हुई। तीनों मिलकर जमाबंदी डॉट कॉम से लोगों की रजिस्ट्री निकालते थे और उससे आधार कार्ड व फिंगर प्रिंट जैसा डाटा लेते थे। इस डाटा की मदद से वे रबर पर हूबहू नकली फिंगर प्रिंट तैयार करते थे।

 

लोगों को रुपयों का लालच देकर या फिर प्रधानमंत्री की योजना बताकर एआईपीडीएस आधार पर बैंक खाता खुलवाते थे। बाद में नकली फिंगर प्रिंट की मदद से आधार इनेबल्ड पेमेंट सिस्टम के जरिए लोगों के खातों से रुपये निकालते थे। इससे पीड़ित को तुरंत धोखाधड़ी का पता भी नहीं चलता था। धोखाधड़ी से प्राप्त राशि को तीनों आपस में बराबर हिस्सों में बांट लेते थे।



आरोपियों से ये चीजें हुई बरामद

  • दो गुलाबी रंग की रबड़ की ट्रे, जिस पर करीब 80 नकली फिंगरप्रिंट छपे हुए हैं।
  • तीन फिनो कॉम्बो खाते की किट।
  • 63 नकली रबड़ फिंगरप्रिंट बरामद किए गए हैं।
  • आधार कार्ड व आधार कार्ड की लिस्ट बरामद की गई है।
  • दो फिंगरप्रिंट स्कैनर बरामद किए गए हैं।
  • तीन मोबाइल फोन, 12 सिम कार्ड व एक मेमोरी कार्ड बरामद किया गया है।
  • चेक बुक बरामद की गई है।
  • आरोपियों से 20,400 बरामद किए गए हैं।
  • नकली रबड़ के फिंगरप्रिंट बनाने के लिए एक नैनो स्टैंप रबड़, स्टैंप बनाने की मशीन को बरामद किया गया है।


ऑनलाइन व फोन पर धोखाधड़ी करने वाले ऐसे आरोपियों की बातों व प्रलोभन में न आएं। किसी को भी फोन पर या ऑनलाइन अपने बैंक संबंधी या निजी जानकारी ना दें। वहीं, किसी प्रकार की भी ऑनलाइन धोखाधड़ी होने पर 1930 पर अपनी शिकायत दर्ज करवाएं। -लोगेश कुमार, सहायक पुलिस अधीक्षक, भिवानी।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed