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Bhiwani News: एक जगह रिसाव पूरी तरह बंद करने से पहले ही दो अन्य जगहों से फिर फूट पड़ी जल की धारा, सप्ताह भर अब कम दबाव से होगी आपूर्ति
Tue, 09 Jan 2024 10:55 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Tue, 09 Jan 2024 10:55 PM IST
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भिवानी। सरकुलर रोड जोगीवाला मंदिर के पास जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की 16 इंची मुख्य पेयजल लाइन का रिसाव पूरी तरह से बंद करने से पहले ही दो अन्य जगहों से पाइप में रिसाव हो गया और जलधारा फूट पड़ी। अधिकारियों को रिसाव ठीक करने का काम भी बीच में ही रोकना पड़ा। इस वजह से अब एक सप्ताह तक कम दबाव में आपूर्ति की जाएगी।
वहीं जांच के बाद पता चला कि एसिड के प्रभाव से काफी हिस्से का पाइप पूरी तरह से जर्जर हो चुका है। अब 40 फुट दायरे का पाइप बदलकर उसकी जगह नई पाइप डाली जाएगी। मंगलवार को जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने रोहतक से सामान मंगवाया है, रिसाव का समाधान होने में करीब सप्ताह भर और लग जाएगा। नई लीकेज के कारण मंगलवार को भी पुराने शहर में पेयजल आपूर्ति प्रभावित हुई। लगातार दो दिनों से पुराने शहर के करीब 75 हजार लोगों को जलसंकट झेलना पड़ा।
दादरी गेट बूस्टर की 16 इंची मुख्य पेयजल लाइन सरकुलर रोड जोगीवाला मंदिर के पास से लीक हो गई है। लाइन लीकेज की वजह वहां बैटरी रिपेयरिंग की दुकानदारों द्वारा खुले में एसिड डाला जाना माना जा रहा है। इस वजह से जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की 16 इंची मुख्य पेयजल लाइन का पाइप भी जंग खाकर कमजोर हो गया। पानी के प्रेशर से ये पाइप फट गया और लीकेज की वजह बना।
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सोमवार को जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने रिसाव की जगह पाइप को ठीक कर दिया था, लेकिन जब मंगलवार सुबह फिर से पेयजल सप्लाई प्रेशर के साथ छोड़ी तो दो अन्य जगहों से पाइप फिर लीकेज करने लगा। जिस कारण काफी पानी भी व्यर्थ बहने लगा। इसके बाद जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग अधिकारियों ने जेसीबी से और जगह खोदाई कराई तो यहां भी पाइप जर्जरहाल मिला।
विभाग के पास नहीं है पर्याप्त सामान, रोहतक से मंगवाना पड़ा
जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के पास सामान का भी अभाव है। मुख्य लाइन की लीकेज होने के बाद नया पाइप और इसे जोड़ने के लिए सामान भी अधिकारियों ने रोहतक से मंगवाया है। जिसे आने में दो दिन लग सकते हैं। इसके बाद लीकेज को ठीक कराने के लिए पहले पुराने पाइन को हटाना पड़ेगा और फिर नया पाइप डालकर उसे लाइन के साथ जोड़ा जाएगा। इस कार्य में करीब सप्ताह भर लगेगा। इस दौरान टेल पर लगने वाले घरों तक पानी कम पहुंचने की संभावना है। क्योंकि लाइन में अब पूरे प्रेशर से पानी नहीं छोड़ा जाएगा।
शहर के ये जोन हुए प्रभावित
पुराने शहर को करीब चार से पांच जोन में पेयजल सप्लाई के लिए बांटा हुआ है। मंगलवार को भी लोहड़ जोन, हालु जोन के अलावा लोहारू रोड क्षेत्र की पेयजल आपूर्ति पर असर पड़ा। वहीं घंटाघर, नेहरू पार्क, चिरंजीव कॉलोनी सहित शहर के सात बूस्टरों की पेयजल आपूर्ति भी प्रभावित हुई। मुख्य लाइन की लीकेज के कारण दूसरे जलघरों पर लगने वाले बूस्टरों की आपूर्ति भी आंशिक प्रभावित हुई। क्योंकि एक साथ सभी जलघरों से पानी छोड़ा जाता है तभी शहरी दायरे की लाइनों में पानी का प्रेशर बन पाता है। एक जलघर की मैन पाइप लाइन में अगर कोई दिक्कत आती है तो दूसरे जलघर से भी आपूर्ति पर असर पड़ता है।
हमने एक जगह की लीकेज को ठीक करा दिया था, लेकिन पाइप एसिड के प्रभाव से काफी एरिया में कमजोर हो गया था। इसकी वजह से दो अन्य जगहों से भी नई लीकेज और होने लगी। इस वजह से अब 40 फुट दायरे में दो पुराने पाइप बदलकर नए पाइप लगाए जाएंगे। इसके लिए रोहतक से सामान मंगवाया गया है। लीकेज और पाइप लाइन बदलने का काम करीब सप्ताह भर में पूरा कर लिया जाएगा। इस दौरान लाइन में लो प्रेशर से पानी की आपूर्ति दी जाएगी। इस वजह से कुछ इलाकों में आंशिक रूप से पेयजल आपूर्ति पर असर पड़ सकता है।
-कपिल श्योराण, कनिष्ठ अभियंता शहरी पेयजल शाखा जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग भिवानी।
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वहीं जांच के बाद पता चला कि एसिड के प्रभाव से काफी हिस्से का पाइप पूरी तरह से जर्जर हो चुका है। अब 40 फुट दायरे का पाइप बदलकर उसकी जगह नई पाइप डाली जाएगी। मंगलवार को जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने रोहतक से सामान मंगवाया है, रिसाव का समाधान होने में करीब सप्ताह भर और लग जाएगा। नई लीकेज के कारण मंगलवार को भी पुराने शहर में पेयजल आपूर्ति प्रभावित हुई। लगातार दो दिनों से पुराने शहर के करीब 75 हजार लोगों को जलसंकट झेलना पड़ा।
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दादरी गेट बूस्टर की 16 इंची मुख्य पेयजल लाइन सरकुलर रोड जोगीवाला मंदिर के पास से लीक हो गई है। लाइन लीकेज की वजह वहां बैटरी रिपेयरिंग की दुकानदारों द्वारा खुले में एसिड डाला जाना माना जा रहा है। इस वजह से जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की 16 इंची मुख्य पेयजल लाइन का पाइप भी जंग खाकर कमजोर हो गया। पानी के प्रेशर से ये पाइप फट गया और लीकेज की वजह बना।
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सोमवार को जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने रिसाव की जगह पाइप को ठीक कर दिया था, लेकिन जब मंगलवार सुबह फिर से पेयजल सप्लाई प्रेशर के साथ छोड़ी तो दो अन्य जगहों से पाइप फिर लीकेज करने लगा। जिस कारण काफी पानी भी व्यर्थ बहने लगा। इसके बाद जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग अधिकारियों ने जेसीबी से और जगह खोदाई कराई तो यहां भी पाइप जर्जरहाल मिला।
विभाग के पास नहीं है पर्याप्त सामान, रोहतक से मंगवाना पड़ा
जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के पास सामान का भी अभाव है। मुख्य लाइन की लीकेज होने के बाद नया पाइप और इसे जोड़ने के लिए सामान भी अधिकारियों ने रोहतक से मंगवाया है। जिसे आने में दो दिन लग सकते हैं। इसके बाद लीकेज को ठीक कराने के लिए पहले पुराने पाइन को हटाना पड़ेगा और फिर नया पाइप डालकर उसे लाइन के साथ जोड़ा जाएगा। इस कार्य में करीब सप्ताह भर लगेगा। इस दौरान टेल पर लगने वाले घरों तक पानी कम पहुंचने की संभावना है। क्योंकि लाइन में अब पूरे प्रेशर से पानी नहीं छोड़ा जाएगा।
शहर के ये जोन हुए प्रभावित
पुराने शहर को करीब चार से पांच जोन में पेयजल सप्लाई के लिए बांटा हुआ है। मंगलवार को भी लोहड़ जोन, हालु जोन के अलावा लोहारू रोड क्षेत्र की पेयजल आपूर्ति पर असर पड़ा। वहीं घंटाघर, नेहरू पार्क, चिरंजीव कॉलोनी सहित शहर के सात बूस्टरों की पेयजल आपूर्ति भी प्रभावित हुई। मुख्य लाइन की लीकेज के कारण दूसरे जलघरों पर लगने वाले बूस्टरों की आपूर्ति भी आंशिक प्रभावित हुई। क्योंकि एक साथ सभी जलघरों से पानी छोड़ा जाता है तभी शहरी दायरे की लाइनों में पानी का प्रेशर बन पाता है। एक जलघर की मैन पाइप लाइन में अगर कोई दिक्कत आती है तो दूसरे जलघर से भी आपूर्ति पर असर पड़ता है।
हमने एक जगह की लीकेज को ठीक करा दिया था, लेकिन पाइप एसिड के प्रभाव से काफी एरिया में कमजोर हो गया था। इसकी वजह से दो अन्य जगहों से भी नई लीकेज और होने लगी। इस वजह से अब 40 फुट दायरे में दो पुराने पाइप बदलकर नए पाइप लगाए जाएंगे। इसके लिए रोहतक से सामान मंगवाया गया है। लीकेज और पाइप लाइन बदलने का काम करीब सप्ताह भर में पूरा कर लिया जाएगा। इस दौरान लाइन में लो प्रेशर से पानी की आपूर्ति दी जाएगी। इस वजह से कुछ इलाकों में आंशिक रूप से पेयजल आपूर्ति पर असर पड़ सकता है।
-कपिल श्योराण, कनिष्ठ अभियंता शहरी पेयजल शाखा जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग भिवानी।