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पर्यावरण पर संकट: जिले में एक्यूआई 429 पहुंचा, ग्रैप चार लागू
Mon, 18 Nov 2024 10:28 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Mon, 18 Nov 2024 10:28 PM IST
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प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए पानी का छिड़काव करते माईनिंग एसोसिएशन के सदस्य।
भिवानी। स्मॉग के साथ प्रदूषण का प्रकोप भी लगातार बढ़ रहा है। जिले में सोमवार को एक्यूआई 429 तक पहुंच गया। इसके बाद एनजीटी ने ग्रैप चार लागू कर दिया है। इससे लोगों की सेहत पर भी खतरा बढ़ गया। जिले की आबोहवा सांस लेने लायक भी नहीं है। ऐसे में जिला प्रशासन ने भी हवा के प्रदूषण को कम करने के लिए सड़कों पर पानी का छिड़काव कराने के साथ-साथ प्रदूषण के सभी कार्यों पर भी पाबंदी लगा दी है।
जिले में पांचवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों की 19 से 23 नवंबर तक छुट्टी के भी उपायुक्त ने आदेश दिए हैं, जबकि स्कूलों में बच्चों को बुलाने के बजाय ऑनलाइन कक्षाएं लगाई जा सकती हैं। सोमवार सुबह ठिठुरन और कोहरा छाने से बच्चे स्कूल पहुंचने पर मजबूर हुए। सुबह और शाम का भ्रमण करने वालों को भी फिलहाल ऐसे मौसम की वजह से घर से बाहर नहीं निकलने की सलाह दी जा रही है। धूल कण और प्रदूषण बढ़ाने वाले सभी कार्यों पर पहले ही पाबंदी लगाई जा चुकी है। वहीं ग्रैप चार के आदेशों की सख्ती से पालना सुनिश्चित कराने के लिए संबंधित विभाग अधिकारियों को भी सख्त हिदायतें दी हैं।
प्रदूषण खतरे के मुहाने पर पहुंचने पर दिल्ली में माल ढुलाई वाहनों के प्रवेश पर भी पाबंदी लगा दी है। ऐसे में जिले में आपूर्ति देने वाली खाद्य वस्तुओं के अलावा अन्य जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति पर भी इसका असर देखने को मिलेगा। फिलहाल जिले में ईंट भट्ठे, खनन कार्य के अलावा सरकारी परियोजना साइटों पर काम बंद पड़ा है।
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सोमवार सुबह स्मॉग की वजह से दृश्यता भी 30 मीटर से कम बनी रही वहीं सुबह ठिठुरन और स्मॉग के बीच स्कूली बच्चे भी विद्यालय पहुंचे। बच्चों को सुबह घर से निकलने के दौरान आंखों में जलन और हवा के बढ़े प्रदूषण से सांस लेने में भी दिक्कत बनी। हालांकि सोमवार शाम को प्रशासन की तरफ से 19 से 23 नवंबर तक जिले के सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में पांचवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों की छुट्टी के आदेश जारी किए गए। सोमवार को जिले में प्रदूषण का स्तर हर दो घंटे बाद बढ़ता रहा। एक्यूआई 429 तक पहुंच गया।
इस समय हवा बेहद खराब स्थिति में पहुंच रही है। इसकी वजह से पहले से बीमारियों के संक्रमण से घिरे मरीजों की तबीयत ज्यादा बिगड़ सकती है। वहीं बुजुर्गाें और बच्चों की सेहत पर भी खतरा बढ़ सकता है। उन्हें सांस लेने में परेशानी हो सकती है। इस स्थिति से बचने के लिए सुबह और शाम के समय भ्रमण करने के लिए जाने वाले लोग भी फिलहाल बचाव रखना जरूरी है।
- डॉ. यतीन गुप्ता, चिकित्सा विशेषज्ञ
फॉगर गन के माध्यम से शहर में विभिन्न स्थानों पर करवाया पानी का छिड़काव
जिला प्रशासन के निर्देशानुसार प्रदूषण पर नियंत्रण पाने के लिए माइनिंग कंपनी की ओर से सोमवार को शहर में विभिन्न स्थानों पर फॉगर गन के माध्यम से पानी का छिड़काव करवाया गया, ताकि प्रदूषण से आमजन को निजात दिलाई जा सकें। हरियाणा माइनिंग एसोसिएशन के प्रदेश प्रवक्ता राकेश बैनीवाल ने बताया कि प्रशासन की ओर से एनजीटी के आदेशों को लागू करवाने के लिए व्यापक और पुख्ता प्रबंध किए हैं, लेकिन इसके बावजूद भी प्रदूषण कम नहीं हो पा रहा है। इस बढ़ते प्रदूषण का प्रभाव सिर्फ बच्चों व बुजुर्गों पर ही नहीं, बल्कि युवाओं पर भी खासा देखने को मिल रहा है।
उपायुक्त ने जारी किए निर्देश
उपायुक्त महावीर कौशिक ने मौलिक शिक्षा विभाग के महानिदेशक की ओर से जारी निर्देशों के पालना में जिला भिवानी में वायु प्रदूषण की अधिकता को देखते हुए पांचवीं कक्षा तक के सभी सरकारी, अर्द्ध सरकारी और निजी विद्यालयों में अवकाश घोषित करने के आदेश जारी किए हैं। जिले में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) की मौजूदा स्थिति का आकलन करने के बाद स्कूलों में 5वीं कक्षा तक की भौतिक कक्षाएं बंद करने के संबंध में निर्णय लिया है। बच्चों के स्वास्थ्य एवं सुरक्षा के हित में यह निर्णय लिया गया है कि जिला भिवानी के सभी क्षेत्रों (शहरी एवं ग्रामीण) में 19 से 23 नवंबर तक 5वीं कक्षा तक की सभी कक्षाएं बंद रहेंगी। जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए गए हैं कि पांचवीं कक्षा तक के सभी सरकारी, अर्द्ध सरकारी और निजी विद्यालय अवकाश के दौरान खुले न रहें। यह अवकाश केवल विद्यार्थियों के लिए मान्य होंगे। इन आदेशों की दृढ़ता से पालना सुनिश्चित करने के लिए आदेश जारी किए गए हैं।
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जिले में पांचवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों की 19 से 23 नवंबर तक छुट्टी के भी उपायुक्त ने आदेश दिए हैं, जबकि स्कूलों में बच्चों को बुलाने के बजाय ऑनलाइन कक्षाएं लगाई जा सकती हैं। सोमवार सुबह ठिठुरन और कोहरा छाने से बच्चे स्कूल पहुंचने पर मजबूर हुए। सुबह और शाम का भ्रमण करने वालों को भी फिलहाल ऐसे मौसम की वजह से घर से बाहर नहीं निकलने की सलाह दी जा रही है। धूल कण और प्रदूषण बढ़ाने वाले सभी कार्यों पर पहले ही पाबंदी लगाई जा चुकी है। वहीं ग्रैप चार के आदेशों की सख्ती से पालना सुनिश्चित कराने के लिए संबंधित विभाग अधिकारियों को भी सख्त हिदायतें दी हैं।
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प्रदूषण खतरे के मुहाने पर पहुंचने पर दिल्ली में माल ढुलाई वाहनों के प्रवेश पर भी पाबंदी लगा दी है। ऐसे में जिले में आपूर्ति देने वाली खाद्य वस्तुओं के अलावा अन्य जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति पर भी इसका असर देखने को मिलेगा। फिलहाल जिले में ईंट भट्ठे, खनन कार्य के अलावा सरकारी परियोजना साइटों पर काम बंद पड़ा है।
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सोमवार सुबह स्मॉग की वजह से दृश्यता भी 30 मीटर से कम बनी रही वहीं सुबह ठिठुरन और स्मॉग के बीच स्कूली बच्चे भी विद्यालय पहुंचे। बच्चों को सुबह घर से निकलने के दौरान आंखों में जलन और हवा के बढ़े प्रदूषण से सांस लेने में भी दिक्कत बनी। हालांकि सोमवार शाम को प्रशासन की तरफ से 19 से 23 नवंबर तक जिले के सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में पांचवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों की छुट्टी के आदेश जारी किए गए। सोमवार को जिले में प्रदूषण का स्तर हर दो घंटे बाद बढ़ता रहा। एक्यूआई 429 तक पहुंच गया।
इस समय हवा बेहद खराब स्थिति में पहुंच रही है। इसकी वजह से पहले से बीमारियों के संक्रमण से घिरे मरीजों की तबीयत ज्यादा बिगड़ सकती है। वहीं बुजुर्गाें और बच्चों की सेहत पर भी खतरा बढ़ सकता है। उन्हें सांस लेने में परेशानी हो सकती है। इस स्थिति से बचने के लिए सुबह और शाम के समय भ्रमण करने के लिए जाने वाले लोग भी फिलहाल बचाव रखना जरूरी है।
- डॉ. यतीन गुप्ता, चिकित्सा विशेषज्ञ
फॉगर गन के माध्यम से शहर में विभिन्न स्थानों पर करवाया पानी का छिड़काव
जिला प्रशासन के निर्देशानुसार प्रदूषण पर नियंत्रण पाने के लिए माइनिंग कंपनी की ओर से सोमवार को शहर में विभिन्न स्थानों पर फॉगर गन के माध्यम से पानी का छिड़काव करवाया गया, ताकि प्रदूषण से आमजन को निजात दिलाई जा सकें। हरियाणा माइनिंग एसोसिएशन के प्रदेश प्रवक्ता राकेश बैनीवाल ने बताया कि प्रशासन की ओर से एनजीटी के आदेशों को लागू करवाने के लिए व्यापक और पुख्ता प्रबंध किए हैं, लेकिन इसके बावजूद भी प्रदूषण कम नहीं हो पा रहा है। इस बढ़ते प्रदूषण का प्रभाव सिर्फ बच्चों व बुजुर्गों पर ही नहीं, बल्कि युवाओं पर भी खासा देखने को मिल रहा है।
उपायुक्त ने जारी किए निर्देश
उपायुक्त महावीर कौशिक ने मौलिक शिक्षा विभाग के महानिदेशक की ओर से जारी निर्देशों के पालना में जिला भिवानी में वायु प्रदूषण की अधिकता को देखते हुए पांचवीं कक्षा तक के सभी सरकारी, अर्द्ध सरकारी और निजी विद्यालयों में अवकाश घोषित करने के आदेश जारी किए हैं। जिले में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) की मौजूदा स्थिति का आकलन करने के बाद स्कूलों में 5वीं कक्षा तक की भौतिक कक्षाएं बंद करने के संबंध में निर्णय लिया है। बच्चों के स्वास्थ्य एवं सुरक्षा के हित में यह निर्णय लिया गया है कि जिला भिवानी के सभी क्षेत्रों (शहरी एवं ग्रामीण) में 19 से 23 नवंबर तक 5वीं कक्षा तक की सभी कक्षाएं बंद रहेंगी। जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए गए हैं कि पांचवीं कक्षा तक के सभी सरकारी, अर्द्ध सरकारी और निजी विद्यालय अवकाश के दौरान खुले न रहें। यह अवकाश केवल विद्यार्थियों के लिए मान्य होंगे। इन आदेशों की दृढ़ता से पालना सुनिश्चित करने के लिए आदेश जारी किए गए हैं।