{"_id":"694d7c1745de80d8cc032cc4","slug":"emphasis-on-connecting-the-new-generation-with-folk-traditions-bhiwani-news-c-125-1-shsr1009-144444-2025-12-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bhiwani News: नई पीढ़ी को लोक परंपराओं से जोड़ने पर जोर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bhiwani News: नई पीढ़ी को लोक परंपराओं से जोड़ने पर जोर
विज्ञापन
गांव उमरावत में आयोजित कार्यक्रम में अतिथियों को सम्मानित करते आयोजक। स्रोत : आयोजक
भिवानी। गांव उमरावत स्थित सूर्य कवि पंडित लख्मीचंद सांस्कृतिक भवन में आयोजित पांच दिवसीय सांस्कृतिक महोत्सव के तीसरे दिन वीरवार को भी लोक संस्कृति की सजीव झलक देखने को मिली। कार्यक्रम का आयोजन म्हारी संस्कृति म्हारा स्वाभिमान संगठन की ओर से किया जा रहा है जिसकी अध्यक्षता संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष हनुमान कौशिक ने की।
संगठन के प्रवक्ता रामधन शास्त्री ने बताया कि कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में हरियाणा अनुसूचित जाति आयोग के उपाध्यक्ष विजेंद्र बडगुजर ने शिरकत की। उन्होंने अकहा कि सूर्य कवि पंडित लख्मीचंद की सांस्कृतिक विरासत को सहेजना केवल कला की सेवा नहीं, बल्कि अपनी सांस्कृतिक जड़ों को मजबूत करने का कार्य है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन नई पीढ़ी को अपनी लोक परंपराओं से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
विजेंद्र बडगुजर ने म्हारी संस्कृति म्हारा स्वाभिमान संगठन के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि संगठन युवा पीढ़ी को लोक कला और सांस्कृतिक मूल्यों से जोड़ने का सराहनीय कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि सांगी विष्णुदत्त और पंडित तुलेराम जैसे महान कलाकारों ने हरियाणा की माटी की खुशबू को देश-विदेश तक पहुंचाया है जिससे प्रदेश की पहचान मजबूत हुई है।
विज्ञापन
कार्यक्रम में विशिष्ट वक्ताओं के रूप में एडवोकेट पारस डालमिया और राजेश जांगड़ा ने भी विचार रखे। उन्होंने सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण को सामाजिक एकता और सांस्कृतिक समरसता के लिए आवश्यक बताया।
इस अवसर पर कपीन्द्र शर्मा, अशोक मरीची, संगठन की महिला विंग प्रमुख डॉ. सुशीला जांगड़ा सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न लोक प्रस्तुतियों ने दर्शकों को हरियाणवी संस्कृति से रूबरू कराया।
विज्ञापन
संगठन के प्रवक्ता रामधन शास्त्री ने बताया कि कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में हरियाणा अनुसूचित जाति आयोग के उपाध्यक्ष विजेंद्र बडगुजर ने शिरकत की। उन्होंने अकहा कि सूर्य कवि पंडित लख्मीचंद की सांस्कृतिक विरासत को सहेजना केवल कला की सेवा नहीं, बल्कि अपनी सांस्कृतिक जड़ों को मजबूत करने का कार्य है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन नई पीढ़ी को अपनी लोक परंपराओं से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
विज्ञापन
विजेंद्र बडगुजर ने म्हारी संस्कृति म्हारा स्वाभिमान संगठन के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि संगठन युवा पीढ़ी को लोक कला और सांस्कृतिक मूल्यों से जोड़ने का सराहनीय कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि सांगी विष्णुदत्त और पंडित तुलेराम जैसे महान कलाकारों ने हरियाणा की माटी की खुशबू को देश-विदेश तक पहुंचाया है जिससे प्रदेश की पहचान मजबूत हुई है।
विज्ञापन
कार्यक्रम में विशिष्ट वक्ताओं के रूप में एडवोकेट पारस डालमिया और राजेश जांगड़ा ने भी विचार रखे। उन्होंने सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण को सामाजिक एकता और सांस्कृतिक समरसता के लिए आवश्यक बताया।
इस अवसर पर कपीन्द्र शर्मा, अशोक मरीची, संगठन की महिला विंग प्रमुख डॉ. सुशीला जांगड़ा सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न लोक प्रस्तुतियों ने दर्शकों को हरियाणवी संस्कृति से रूबरू कराया।