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Bhiwani News: गर्मी के साथ धूल भरी तेज हवा बढ़ा रही आमजन की परेशानी
Mon, 29 Apr 2024 04:00 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Mon, 29 Apr 2024 04:00 AM IST
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भिवानी-चरखी दादरी रोड पर तेज हवा चलने पर उड़ा धूल का गुब्बार।
भिवानी। अप्रैल माह बीतने को है। इस माह में आए कई पश्चिमी विक्षोभ ने तापमान को 37 पार नहीं जाने दिया। रविवार को क्षेत्र में बादलवाही रही। वहीं 10 से 15 किलोमीटर की रफ्तार से चली हवाओं के साथ धूल उड़ी। रविवार रात को आर्द्रता 40 प्रतिशत और अधिकतम तापमान 23 डिग्री बना रहा। वहीं रविवार दिन के समय अधिकतम तापमान 35 डिग्री तक पहुंच और आर्द्रता 19 प्रतिशत तक बनी रही।
रविवार को दिनभर तेज हवाएं चलती रहीं। जिनके साथ धूल उड़ती रही। धूल उड़ने से सबसे ज्यादा परेशानी दुपहिया वाहन चालकों को उठानी पड़ी। वहीं बाजार दिन के समय सुनसान नजर आए। हालांकि रविवार का दिन होने के चलते ज्यादातर दुकानें बद रहीं। लोग घरों में आराम फरमाते नजर आए। शाम होने पर पार्कों में रौनक नजर आई। बच्चे झूलों पर खेलने का आनंद और बड़े-बुजुर्ग घास पर टहलकर स्वास्थ्य लाभ लेते रहे। रविवार को अधिकतम तापमान 36.7 डिग्री और न्यूनतम तापमान 22.9 रहा।
गर्मी बढ़ने पर प्रशासन ने जारी की है एडवाइजरी
गर्मी बढ़ने के साथ ही जिला प्रशासन भी अलर्ट मोड पर है। हीट-वेव यानी लू अथवा अत्यधिक गर्मी से बचाव को लेकर विशेष एडवाइजरी जारी की गई है। जिसके तहत स्वास्थ्य केंद्रों और आंगनबाड़ी केंद्रों पर ओआरएस पैकेट, आवश्यक दवा, तरल पदार्थ, आइस पैक, जीवन रक्षक दवाओं की पर्याप्त आपूर्ति का प्रावधान हो। हीट स्ट्रोक रूम में जरूरत के अनुरूप बिस्तर के अलावा उपलब्धता के अनुसार सीएचसी और पीएचसी पर ठंडे पानी का प्रबंध हो। डीसी नरेश नरवाल ने शिक्षा विभाग को निर्देश दिए हैं कि अत्यधिक गर्मी में लू से बचने के लिए सरकार या विभाग के निर्देशानुसार स्कूलों का समय पुनर्निर्धारित किया गया है। स्कूल जल्दी शुरू हो सकते हैं और दोपहर से पहले बंद हो सकते हैं। सभी स्कूलों और शिक्षा संस्थानों में स्वच्छ पेयजल का प्रबंध हो।
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गर्मी में कैसे करें पशुओं का कैसे करें बचाव
पशुओं को सूर्य की सीधी किरणों से बचाना चाहिए। पशुपालक उन्हें छायादार स्थान पर रखें और दिन में 2 से 3 बार नहलाएं। भैंसों को तालाब में रखना चाहिए। गर्मी का सबसे ज्यादा असर दुधारू पशुओं पर पड़ता है। ऐसे में उनका विशेष ख्याल रखें। पशुओं को हरा चारा अधिक खिलाएं। दिन में कम से कम तीन बार पानी पिलाएं। पशुशाला के आसपास छाया का अच्छा प्रबंध हो।
गर्मी में कैसे करें बच्चे और बुजुर्गों का बचाव
गर्मी के मौसम में पाचन शक्ति कमजोर हो जाती है। खाना पचने में समय लगता है। इस दौरान बच्चों को डायरिया, पीलिया और टायफाइड होने की आशंका बहुत बढ़ जाती है। ऐसे में बच्चों के खानपान का पूरा ख्याल रखें। उनको हल्का, सुपाच्य और ताजा खाना दें। इस बात की निगरानी भी करें कि वे बाहर का कुछ न खाएं। वहीं बुजुर्ग जब तक बहुत ज्यादा जरूरी न हो, तब तक दिन के सबसे गर्म समय में बाहर न निकलें। अगर आप बाहर हैं, छाया में रहने का प्रयास करें। धूप से बचाव के लिए टोपी और छतरी का उपयोग करें। डिहाइड्रेशन से बचने के लिए नियमित अंतराल पर पानी पीते रहें।
जिले में पिछले पांच दिनों में तापमान और प्रदूषण की स्थिति
तापमान अधिकतम न्यूनतम
27 अप्रैल 36.5 23.5
26 अप्रैल 36.5 20.8
25 अप्रैल 36.5 19.1
24 अप्रैल 35.5 22.7
23 अप्रैल 30.3 20.5
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रविवार को दिनभर तेज हवाएं चलती रहीं। जिनके साथ धूल उड़ती रही। धूल उड़ने से सबसे ज्यादा परेशानी दुपहिया वाहन चालकों को उठानी पड़ी। वहीं बाजार दिन के समय सुनसान नजर आए। हालांकि रविवार का दिन होने के चलते ज्यादातर दुकानें बद रहीं। लोग घरों में आराम फरमाते नजर आए। शाम होने पर पार्कों में रौनक नजर आई। बच्चे झूलों पर खेलने का आनंद और बड़े-बुजुर्ग घास पर टहलकर स्वास्थ्य लाभ लेते रहे। रविवार को अधिकतम तापमान 36.7 डिग्री और न्यूनतम तापमान 22.9 रहा।
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गर्मी बढ़ने पर प्रशासन ने जारी की है एडवाइजरी
गर्मी बढ़ने के साथ ही जिला प्रशासन भी अलर्ट मोड पर है। हीट-वेव यानी लू अथवा अत्यधिक गर्मी से बचाव को लेकर विशेष एडवाइजरी जारी की गई है। जिसके तहत स्वास्थ्य केंद्रों और आंगनबाड़ी केंद्रों पर ओआरएस पैकेट, आवश्यक दवा, तरल पदार्थ, आइस पैक, जीवन रक्षक दवाओं की पर्याप्त आपूर्ति का प्रावधान हो। हीट स्ट्रोक रूम में जरूरत के अनुरूप बिस्तर के अलावा उपलब्धता के अनुसार सीएचसी और पीएचसी पर ठंडे पानी का प्रबंध हो। डीसी नरेश नरवाल ने शिक्षा विभाग को निर्देश दिए हैं कि अत्यधिक गर्मी में लू से बचने के लिए सरकार या विभाग के निर्देशानुसार स्कूलों का समय पुनर्निर्धारित किया गया है। स्कूल जल्दी शुरू हो सकते हैं और दोपहर से पहले बंद हो सकते हैं। सभी स्कूलों और शिक्षा संस्थानों में स्वच्छ पेयजल का प्रबंध हो।
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गर्मी में कैसे करें पशुओं का कैसे करें बचाव
पशुओं को सूर्य की सीधी किरणों से बचाना चाहिए। पशुपालक उन्हें छायादार स्थान पर रखें और दिन में 2 से 3 बार नहलाएं। भैंसों को तालाब में रखना चाहिए। गर्मी का सबसे ज्यादा असर दुधारू पशुओं पर पड़ता है। ऐसे में उनका विशेष ख्याल रखें। पशुओं को हरा चारा अधिक खिलाएं। दिन में कम से कम तीन बार पानी पिलाएं। पशुशाला के आसपास छाया का अच्छा प्रबंध हो।
गर्मी में कैसे करें बच्चे और बुजुर्गों का बचाव
गर्मी के मौसम में पाचन शक्ति कमजोर हो जाती है। खाना पचने में समय लगता है। इस दौरान बच्चों को डायरिया, पीलिया और टायफाइड होने की आशंका बहुत बढ़ जाती है। ऐसे में बच्चों के खानपान का पूरा ख्याल रखें। उनको हल्का, सुपाच्य और ताजा खाना दें। इस बात की निगरानी भी करें कि वे बाहर का कुछ न खाएं। वहीं बुजुर्ग जब तक बहुत ज्यादा जरूरी न हो, तब तक दिन के सबसे गर्म समय में बाहर न निकलें। अगर आप बाहर हैं, छाया में रहने का प्रयास करें। धूप से बचाव के लिए टोपी और छतरी का उपयोग करें। डिहाइड्रेशन से बचने के लिए नियमित अंतराल पर पानी पीते रहें।
जिले में पिछले पांच दिनों में तापमान और प्रदूषण की स्थिति
तापमान अधिकतम न्यूनतम
27 अप्रैल 36.5 23.5
26 अप्रैल 36.5 20.8
25 अप्रैल 36.5 19.1
24 अप्रैल 35.5 22.7
23 अप्रैल 30.3 20.5