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Bhiwani News: लघु चिड़ियाघर में डुक्कू और प्रीतो खा रहे दूध ब्रेड के साथ मूंगफली और शहद
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भिवानी। ठंड का असर न केवल आम जनजीवन पर है बल्कि सर्दी में वन्य जीवों पर भी इसका विपरीत असर होता है। इसी को लेकर चौधरी सुरेंद्र सिंह मेमोरियल लघु चिड़ियाघर में वन्य प्राणियों की खुराक में भी आंशिक बदलाव हुआ है। सर्दी के दौरान लघु चिड़ियाघर के हिमालयन भालू प्रीतो और डुक्कू को रोजाना दूध और ब्रेड के साथ मूंगफली का स्वाद भी चखने को मिल रहा है। रोजाना एक किलो मूंगफली दोनों चट कर जाते हैं।
सर्दी के दौरान उनकी खुराक में इसके अलावा भी कुछ खास खाद्य चीजें शामिल की गई हैं। जबकि परिंदों के लिए भी मौसमी फल खाने को दिए जा रहे हैं। हालांकि मांसाहारी वन्य जीवों की खुराक में कोई बदलाव नहीं है। उनके बाड़े में सर्दी से बचाव के लिए सिर्फ हीटर की व्यवस्था कराई गई है।
भिवानी का करीब 12 एकड़ से अधिक दायरे में फैला लघु चिड़ियाघर वन्य जीवों की अनेक प्रजातियों को संरक्षित किए हुए है। इसमें बब्बर शेर, टाइगर, हिमालयन भालू, दरियाई घोड़ा, मगरमच्छ, घड़ियाल, लोमड़ी, काला हिरन, हिरन के अलावा वन्य परिंदों की भी कई प्रजातियां हैं। सर्दी का सितम छाने लगा है। ऐसे में कुछ वन्य जीवों की खुराक में भी वन्य प्राणी चिकित्सकों की सलाह से उनकी खुराक में बदलाव किया गया है। हिमालयन काले भालू का जोड़ा दर्शकों का मुख्य आकर्षण भी है। क्योंकि इसका बाड़ा मुख्य प्रवेश द्वार में अंदर घुसने के बाद सबसे पहले आता है।
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डुक्कू और प्रीतो को रोजाना ही दूध और ब्रेड के साथ मूंगफली, शहद के अलावा मौसमी फल भी दिए जा रहे हैं। जिन्हें वे बड़े ही चाव से खाते हैं। मांसाहारी जीवों में यहां बब्बर शेर, टाइगर हैं जिन्हें तीन दिन मटन के अलावा कटड़े का मांस भी दिया जाता है। लोमड़ी को चिकन दिया जा रहा है। इसी तरह अन्य वन्य जीवों को ठंड से बचाव के लिए बाड़ों को भी सुरक्षित किया गया है।
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लघु चिड़ियाघर में सर्दी के दौरान कुछ वन्य जीवों की खुराक में वन्यप्राणी चिकित्सकों की सलाह से बदलाव किया गया है। भालू को दूध, ब्रेड के साथ मूंगफली और शहद दिया जा रहा है। इसके अलावा भी उन्हें कुछ गर्म तासीर की चीजें खाने को दी जा रही हैं। इसी तरह मौसमी फल भी शाकाहारी वन्य जीवों को दिए जा रहे हैं। मांसाहारी वन्य जीवों की खुराक में कोई बदलाव नहीं है। उनके बाड़ों में ठंड से बचाव के लिए हीटर की व्यवस्था करा दी गई है।
- वन्य निरीक्षक मनवीर सिंह, इंचार्ज, चौधरी सुरेंद्र सिंह मेमोरियल लघु चिड़ियाघर भिवानी।
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सर्दी के दौरान उनकी खुराक में इसके अलावा भी कुछ खास खाद्य चीजें शामिल की गई हैं। जबकि परिंदों के लिए भी मौसमी फल खाने को दिए जा रहे हैं। हालांकि मांसाहारी वन्य जीवों की खुराक में कोई बदलाव नहीं है। उनके बाड़े में सर्दी से बचाव के लिए सिर्फ हीटर की व्यवस्था कराई गई है।
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भिवानी का करीब 12 एकड़ से अधिक दायरे में फैला लघु चिड़ियाघर वन्य जीवों की अनेक प्रजातियों को संरक्षित किए हुए है। इसमें बब्बर शेर, टाइगर, हिमालयन भालू, दरियाई घोड़ा, मगरमच्छ, घड़ियाल, लोमड़ी, काला हिरन, हिरन के अलावा वन्य परिंदों की भी कई प्रजातियां हैं। सर्दी का सितम छाने लगा है। ऐसे में कुछ वन्य जीवों की खुराक में भी वन्य प्राणी चिकित्सकों की सलाह से उनकी खुराक में बदलाव किया गया है। हिमालयन काले भालू का जोड़ा दर्शकों का मुख्य आकर्षण भी है। क्योंकि इसका बाड़ा मुख्य प्रवेश द्वार में अंदर घुसने के बाद सबसे पहले आता है।
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डुक्कू और प्रीतो को रोजाना ही दूध और ब्रेड के साथ मूंगफली, शहद के अलावा मौसमी फल भी दिए जा रहे हैं। जिन्हें वे बड़े ही चाव से खाते हैं। मांसाहारी जीवों में यहां बब्बर शेर, टाइगर हैं जिन्हें तीन दिन मटन के अलावा कटड़े का मांस भी दिया जाता है। लोमड़ी को चिकन दिया जा रहा है। इसी तरह अन्य वन्य जीवों को ठंड से बचाव के लिए बाड़ों को भी सुरक्षित किया गया है।
लघु चिड़ियाघर में सर्दी के दौरान कुछ वन्य जीवों की खुराक में वन्यप्राणी चिकित्सकों की सलाह से बदलाव किया गया है। भालू को दूध, ब्रेड के साथ मूंगफली और शहद दिया जा रहा है। इसके अलावा भी उन्हें कुछ गर्म तासीर की चीजें खाने को दी जा रही हैं। इसी तरह मौसमी फल भी शाकाहारी वन्य जीवों को दिए जा रहे हैं। मांसाहारी वन्य जीवों की खुराक में कोई बदलाव नहीं है। उनके बाड़ों में ठंड से बचाव के लिए हीटर की व्यवस्था करा दी गई है।
- वन्य निरीक्षक मनवीर सिंह, इंचार्ज, चौधरी सुरेंद्र सिंह मेमोरियल लघु चिड़ियाघर भिवानी।