फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Bhiwani News ›   Due to the Irrigation Department's delay, the drainage pipeline could not be laid on time, and crops in five villages were ruined by waterlogging.

Bhiwani News: सिंचाई विभाग की लेटलतीफी से समय पर नहीं डल पाई पानी निकासी पाइप लाइन, पांच गांवों की फसलें जलभराव से बर्बाद

Sun, 12 Oct 2025 11:09 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी Updated Sun, 12 Oct 2025 11:09 PM IST
विज्ञापन
Due to the Irrigation Department's delay, the drainage pipeline could not be laid on time, and crops in five villages were ruined by waterlogging.
सिंचाई विभाग द्वारा तिगडाना ड्रेन से निगाना फीडर नहर तक  डाली जा रही पाइप लाइन। 
भिवानी। सिंचाई विभाग की लेटलतीफी का खामियाजा जिले के किसानों को भारी नुकसान के रूप में भुगतना पड़ा है। जिले की लगभग ढाई हजार एकड़ कृषि भूमि को जलभराव से स्थायी निजात दिलाने के लिए डाली जाने वाली पाइपलाइन मानसून से पहले पूरी नहीं हो पाई। परिणामस्वरूप घुसकानी, गुजरानी, मित्ताथल, प्रेमनगर और तिगड़ाना गांवों के खेतों में इस साल भी जलभराव हो गया जिससे किसानों की फसलें बर्बाद हो गईं।
विज्ञापन

दरअसल सिंचाई विभाग ने इन गांवों की कृषि योग्य भूमि को जलभराव से राहत दिलाने के लिए ड्रेन का निर्माण कराया था ताकि अतिरिक्त पानी की निकासी हो सके। लेकिन ड्रेन से आगे पानी की सप्लाई व्यवस्था न होने के कारण हर बार ओवरफ्लो की स्थिति बन जाती थी और खेतों में पानी जमा हो जाता था। इसी समस्या के समाधान के लिए दो करोड़ 46 लाख रुपये की लागत से सिंचाई परियोजना के तहत पाइपलाइन डालने की योजना बनाई गई थी।
विज्ञापन

विभाग ने मानसून से पहले पाइपलाइन डालने का काम शुरू किया लेकिन देरी के चलते सिर्फ दो किलोमीटर लंबी लाइन ही बिछ पाई। बारिश शुरू होते ही काम रोकना पड़ा, जिसके कारण बाकी लाइन अधूरी रह गई। इस वजह से खेतों में बरसाती पानी जमा हो गया और पकी हुईं फसलें नष्ट हो गईं। इस पाइपलाइन के जरिये खेतों का अतिरिक्त पानी तिगड़ाना ड्रेन से निगाना फीडर नहर में डाले जाने की योजना थी लेकिन विभाग की सुस्ती से किसानों को फिर जलभराव झेलना पड़ा।
विज्ञापन
विज्ञापन


आग से जल गए सिंचाई विभाग के पाइप
सिंचाई विभाग ने करीब दो वर्ष पहले पाइप मंगवाकर साइट पर रख दिए थे लेकिन इन्हें दबाने का कार्य इस साल मानसून से पहले शुरू किया गया। मई माह में अचानक आग लगने से पाइप जल गए जिससे विभाग को लाखों रुपये का नुकसान उठाना पड़ा। यदि पाइपलाइन समय पर डल जाती हर साल होने वाले जलभराव से किसानों की फसलें बर्बाद नहीं होतीं।

बारिश से पहले केवल दो किलोमीटर तक ही डाली गई पाइपलाइन
सिंचाई विभाग द्वारा तीन किलोमीटर दायरे में एचडीपीई पाइपलाइन डाली जानी थी ताकि घुसकानी, गुजरानी, मित्ताथल, तिगड़ाना और प्रेमनगर गांवों के खेतों में जमा बरसाती पानी को निगाना नहर में प्रवाहित किया जा सके। लेकिन विभाग समय पर काम पूरा नहीं कर सका। बारिश शुरू होने से पहले मात्र दो किलोमीटर पाइपलाइन ही बिछाई जा सकी। अगर यह कार्य समय पर पूरा हो जाता तो किसानों की ढाई हजार एकड़ फसल जलभराव से बर्बाद होने से बच सकती थी।

किसान लंबे समय से कर रहे थे समाधान की मांग
इस क्षेत्र के किसान पिछले लंबे समय से जलभराव से निजात की मांग करते आ रहे थे। मानसून के दौरान ड्रेन टूटने या ओवरफ्लो होने से हर साल किसानों को अपनी फसलों को बचाने के लिए रेत के कट्टे लगाकर काम चलाना पड़ता था। इससे किसानों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता था। पाइपलाइन डलने से इस समस्या का स्थायी समाधान होगा और सूखा प्रभावित क्षेत्रों में इस पानी के उपयोग से भूमिगत जलस्तर भी बढ़ सकेगा।



तिगड़ाना ड्रेन से निगाना फीडर नहर में पाइपलाइन डाले जाने का कार्य बारिश के कारण बीच में रुक गया था। अब खेतों से पानी निकासी होते ही पाइपलाइन दबाने का काम फिर से शुरू कर दिया जाएगा। – गौरव, जेई, सिंचाई विभाग
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed