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फिल्टर करने के बाद ही की जाए पेयजल की आपूर्ति : डीसी
Wed, 31 Jul 2024 11:34 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Wed, 31 Jul 2024 11:34 PM IST
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जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ शहर में पेयजल आपूर्ति सिस्टम का जायजा लेते डीसी महावीर क
भिवानी। उपायुक्त महावीर कौशिक ने बुधवार को जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारियों को साथ लेकर शहर में पेयजल आपूर्ति सिस्टम का बारीकी से जायजा लिया। उन्होंने शहर के सभी तीनों जलघरों का निरीक्षण किया। दिनोद पर बने द्वितीय जलघर के निरीक्षण के दौरान उन्होंने विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वाटर टैंकों की सफाई करवाई जाए और लोगों को स्वच्छ पेयजल मुहैया करवाया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि फिल्टर करने के बाद ही पानी की आपूर्ति की जाए।
निरीक्षण के दौरान जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारियों ने डीसी को बताया कि शहर की करीब सवा दो लाख आबादी है। पेयजल आपूर्ति के लिए तीन जलघर हैं और 32 बूस्टिंग स्टेशन हैं। करीब 582 किमी लंबी पाइप लाइन से शहर का करीब 95 प्रतिशत क्षेत्र में पेयजल पहुंचाया जा रहा है। महम रोड पर करीब 19.50 एमएलडी क्षमता जलघर है। दिनोद रोड तोशाम बाईपास पर द्वितीय जलघर है, जिसकी क्षमता करीब 29 एमएलडी है और तीसरा जलघर रोहतक रोड पर गांव निनाण के पास है, जिसकी क्षमता करीब 20 एमएलडी है।
डीसी ने तीनों जलघरों का किया निरीक्षण
डीसी ने तीनों जलघरों का निरीक्षण किया। सबसे पहले वे दिनोद रोड के पास डाबर जलघर पहुंचे। वहां पर उन्होंने वाटर टैंक और पानी को फिल्टर किए जाने वाले सिस्टम को देखा। उन्होंने वाटर टैंकों की सफाई करवाने के निर्देश दिए। उसके बाद डीसी रोहतक रोड पर निनाण के पास बने द्वितीय जलघर पहुंचे। अधिकारियों ने बताया कि यहां पर दो वाटर टैंक हैं, जिनमें एक 14 एकड़ में और दूसरा 16 एकड़ में बना हुआ है। यहां मित्ताथल हेड से पाइप लाइन के माध्यम से पानी आता है, जो करीब 16 किमी दूर है। इसके पश्चात डीसी ने महम रोड पर पुराने जलघर का निरीक्षण किया। यहां पर उन्होंने पानी की जांच लैब भी देखी। उन्होंने निर्देश दिए कि नागरिकों को जागरूक करें कि वे पानी की जांच करवाते रहें। अधिकारियों ने बताया कि आम नागरिक भी इस लैब में पानी की जांच करवा सकता है, जिसकी 250 रुपये फीस है। निरीक्षण के दौरान जनस्वास्थ्य विभाग के अधीक्षक अभियंता कृष्ण कुमार गिल और कार्यकारी अभियंता सुनील रंगा व सूर्यकांत भी मौजूद रहे।
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पेयजल आपूर्ति के लिए शहर में हैं 32 बूस्टिंग स्टेशन
जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने डीसी को बताया कि शहर में पेयजल के लिए 32 बूस्टिंग स्टेशन स्थापित किए गए हैं। जलघरों से इन बूस्टिंग स्टेशनों में पानी पहुंचाया जाता है और उसके बाद घरों में पानी की आपूर्ति की जाती है। महम रोड पर बने जलघर नंबर एक से विद्या नगर, डीसी कॉलोनी, लोक निर्माण विश्राम गृह, आईटीआई, जिला कारागार, न्यायिक परिसर, राजकीय कॉलेज और केएल जालान अस्पताल क्षेत्र में बने बूस्टिंग स्टेशन में पानी पहुंचाया जाता है। तोशाम बाईपास पर दिनोद रोड के करीब डाबर में जलघर नंबर दो से दादरी गेट, लाजपत नगर, दुर्गा कालोनी, टीआईटी, जीतूवाला जोहड़, हनुमान ढाणी, बीटीएम, लेबर एवं चिरंजीव कॉलोनी, पतराम गेट, रामगंज मोहल्ला, नेहरू पार्क, पीपली वाली जोहड़ी, खाकी बाबा मंदिर, अनाज मंडी, न्यू हाउसिंग बोर्ड और सिविल अस्पताल के पास बने बूस्टिंग स्टेशन में पानी पहुंचाया जाता है। गांव निनाण के पास बने तृतीय जलघर से डिफेंस कॉलोनी, बैंक कॉलोनी, एमसी कॉलोनी, भारत नगर, विकास नगर, शांति नगर ढाणा रोड, डोभी और पुराना बस स्टैंड लोहड़ बाजार में बने बूस्टिंग स्टेशन में पानी की आपूर्ति की जाती है।
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निरीक्षण के दौरान जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारियों ने डीसी को बताया कि शहर की करीब सवा दो लाख आबादी है। पेयजल आपूर्ति के लिए तीन जलघर हैं और 32 बूस्टिंग स्टेशन हैं। करीब 582 किमी लंबी पाइप लाइन से शहर का करीब 95 प्रतिशत क्षेत्र में पेयजल पहुंचाया जा रहा है। महम रोड पर करीब 19.50 एमएलडी क्षमता जलघर है। दिनोद रोड तोशाम बाईपास पर द्वितीय जलघर है, जिसकी क्षमता करीब 29 एमएलडी है और तीसरा जलघर रोहतक रोड पर गांव निनाण के पास है, जिसकी क्षमता करीब 20 एमएलडी है।
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डीसी ने तीनों जलघरों का किया निरीक्षण
डीसी ने तीनों जलघरों का निरीक्षण किया। सबसे पहले वे दिनोद रोड के पास डाबर जलघर पहुंचे। वहां पर उन्होंने वाटर टैंक और पानी को फिल्टर किए जाने वाले सिस्टम को देखा। उन्होंने वाटर टैंकों की सफाई करवाने के निर्देश दिए। उसके बाद डीसी रोहतक रोड पर निनाण के पास बने द्वितीय जलघर पहुंचे। अधिकारियों ने बताया कि यहां पर दो वाटर टैंक हैं, जिनमें एक 14 एकड़ में और दूसरा 16 एकड़ में बना हुआ है। यहां मित्ताथल हेड से पाइप लाइन के माध्यम से पानी आता है, जो करीब 16 किमी दूर है। इसके पश्चात डीसी ने महम रोड पर पुराने जलघर का निरीक्षण किया। यहां पर उन्होंने पानी की जांच लैब भी देखी। उन्होंने निर्देश दिए कि नागरिकों को जागरूक करें कि वे पानी की जांच करवाते रहें। अधिकारियों ने बताया कि आम नागरिक भी इस लैब में पानी की जांच करवा सकता है, जिसकी 250 रुपये फीस है। निरीक्षण के दौरान जनस्वास्थ्य विभाग के अधीक्षक अभियंता कृष्ण कुमार गिल और कार्यकारी अभियंता सुनील रंगा व सूर्यकांत भी मौजूद रहे।
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पेयजल आपूर्ति के लिए शहर में हैं 32 बूस्टिंग स्टेशन
जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने डीसी को बताया कि शहर में पेयजल के लिए 32 बूस्टिंग स्टेशन स्थापित किए गए हैं। जलघरों से इन बूस्टिंग स्टेशनों में पानी पहुंचाया जाता है और उसके बाद घरों में पानी की आपूर्ति की जाती है। महम रोड पर बने जलघर नंबर एक से विद्या नगर, डीसी कॉलोनी, लोक निर्माण विश्राम गृह, आईटीआई, जिला कारागार, न्यायिक परिसर, राजकीय कॉलेज और केएल जालान अस्पताल क्षेत्र में बने बूस्टिंग स्टेशन में पानी पहुंचाया जाता है। तोशाम बाईपास पर दिनोद रोड के करीब डाबर में जलघर नंबर दो से दादरी गेट, लाजपत नगर, दुर्गा कालोनी, टीआईटी, जीतूवाला जोहड़, हनुमान ढाणी, बीटीएम, लेबर एवं चिरंजीव कॉलोनी, पतराम गेट, रामगंज मोहल्ला, नेहरू पार्क, पीपली वाली जोहड़ी, खाकी बाबा मंदिर, अनाज मंडी, न्यू हाउसिंग बोर्ड और सिविल अस्पताल के पास बने बूस्टिंग स्टेशन में पानी पहुंचाया जाता है। गांव निनाण के पास बने तृतीय जलघर से डिफेंस कॉलोनी, बैंक कॉलोनी, एमसी कॉलोनी, भारत नगर, विकास नगर, शांति नगर ढाणा रोड, डोभी और पुराना बस स्टैंड लोहड़ बाजार में बने बूस्टिंग स्टेशन में पानी की आपूर्ति की जाती है।