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Bhiwani News: बहल अनाज मंडी में सरसों खरीद पर संशय खत्म, पैक्स कराएगी हैंडलिंग एजेंट के तौर पर सरसों खरीद
Fri, 28 Mar 2025 12:18 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Fri, 28 Mar 2025 12:18 AM IST
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बहल अनाज मंडी में हैंडलिंग एजेंट बनाने की प्रक्रिया का विरोध करते आढ़ती।
बहल। बहल अनाज मंडी में सरसों की खरीद के लिए पिछले कई दिनों से चल रही अनिश्चितता वीरवार को खत्म हो गई। अनाज मंडी में खरीद के लिए पैक्स (दी बहल बहुउद्देश्यीय प्राथमिक कृषि सहकारी समिति लिमिटेड बहल) बहल के नाम हैंडलिंग एजेंट की निविदा छूटी है। हैंडलिंग एजेंट बनने के बाद पैक्स द्वारा बहल अनाज मंडी में 34 रुपये प्रति क्विंटल के कमीशन रेट पर सरसों की सरकारी खरीद की जाएगी। वहीं, सीएमएस अधिकारियों का कहना है कि वे इस बारे में फाइनल फैसला अनाज मंडी में वस्तुस्थिति जानने के बाद करेंगे।
सरकार द्वारा सरसों की सरकारी खरीद के लिए हैंडलिंग एजेंट बनाने का नियम बनाया गया था। इस पर कई मंडियों में आढ़तियों द्वारा विरोध भी किया गया। वहीं, बहल अनाज मंडी में हैंडलिंग एजेंट बनाने की प्रक्रिया के लिए सीएमएस लोहारू द्वारा कमीशन के लिए रेट की निविदाएं मांगी गई थी। इस पर बहल अनाज मंडी के पैक्स बहल सहित पांच फर्मों ने हैंडलिंग एजेंट बनने के लिए निविदा दी थी।
वीरवार को सीएमएस लोहारू में निविदा लगाने वाले आढ़तियों व अन्य लोगों के समक्ष निविदाएं खोली गई जिसमें पैक्स द्वारा कमीशन रेट दूसरी अन्य फर्मों से कम मिले। इसलिए, पैक्स के नाम बहल अनाज मंंडी में सरसों की सरकारी खरीद की निविदा छूटी। सब कुछ सही रहा तो शुक्रवार से सरसों की खरीद कार्य शुरू कर दिया जाएगा। लेकिन, सीएमएस की तरफ से कहा गया है कि अभी हैंडलिंग एजेंट बनाने की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है। अधिकारियों ने कहा कि वे अनाज मंडी में जाकर पैक्स की खरीद प्रक्रिया की तैयारियों की जांच करेंगे, उसके बाद ही कोई फैसला लिया जाएगा।
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34 रुपये प्रति क्विंटल के कमीशन रेट पर पैक्स को मिली खरीद
बहल में सरकारी खरीद के लिए सीएमएस लोहारू द्वारा मोहरबंद निविदाएं मांगी गई थी। इसके लिए बहल अनाज मंडी से चार फर्मों (श्री श्याम ट्रेडिंग कंपनी, काजला ट्रेडिंग कंपनी, सीआर पूनियां एंड संस व एआर ट्रेडर्स) के अलावा पैक्स बहल द्वारा निविदा भरी गई थी। निविदा खुलने पर अनाज मंडी की चार फर्मों द्वारा कमीशन के लिए 40 रुपये प्रति क्विंटल के रेट मिले जबकि पैक्स द्वारा 34 रुपये प्रति क्विंटल के रेट भरे गए थे। इस प्रकार सबसे कम रेट होने पर पैक्स के नाम निविदा छूटी। निविदा मिलने के बाद पैक्स प्रबंधक संजय शर्मा ने बताया कि पैक्स को सीएमएस द्वारा हैंडलिंग एजेंट बनाया गया है। सरसों की खरीद में जहां खरीद एजेंसियों के सभी मापदंड पूरे किए जाएंगे व किसानों को किसी प्रकार की दिक्कत नहीं होने दी जाएगी।
आढ़तियों ने किया पैक्स को हैंडलिंग एजेंट बनाने का विरोध
पैक्स को हैंडलिंग एजेंट बनाए जाने के बाद अनाज मंडी के आढ़ती अनाज मंडी के शेड में एकत्रित हुए और खरीद को लेकर सोसायटी के नियमों का विरोध किया। आढ़तियों ने कहा कि सोसायटी 25 लाख रुपये की प्रतिभूति राशि भरवाकर अपनी शर्तों पर कमीशन देने का नियम लागू कर रखा है। जो कि सरासर गलत है। वे इन शर्तों पर काम नहीं करेंगे। आढ़तियों ने कहा कि वे इस उम्मीद में भारी भरकम राशि लगाकर अनाज मंडी में दुकान बनाए बैठे हैं कि सरकारी खरीद में उनको काम मिलेगा। उन्होंने प्रशासन व सरकार से मांग की कि हैंडलिंग एजेंट बनाने की प्रक्रिया पर फिर से विचार किया जाए और अनाज मंडी के आढ़ती को ही बिना शर्त के हैंडलिंग एजेंट बनाए जाए।
हैंडलिंग एजेंट बनाए जाने की प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है। हालांकि, जिन फर्मों ने रेट दिए थे उसमें सबसे कम पैक्स बहल के थे। लेकिन, अभी हैंडलिंग एजेंट बनाने का काम पूरा नहीं हुआ है। एक बार अनाज मंडी की मौजूदा स्थिति देखने के बाद ही निर्णय लिया जाएगा कि पैक्स द्वारा सही तरीके से खरीद कार्य किया जा सकेगा या नहीं। हमारे लिए सबसे पहले किसान हैं, फिर आढ़ती और उसके बाद पैक्स। हम किसी भी हालत में किसान को परेशानी नहीं आने देना चाहते हैं।
-ईश्वर सिंह, प्रबंधक, सीएमएस लोहारू।
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सरकार द्वारा सरसों की सरकारी खरीद के लिए हैंडलिंग एजेंट बनाने का नियम बनाया गया था। इस पर कई मंडियों में आढ़तियों द्वारा विरोध भी किया गया। वहीं, बहल अनाज मंडी में हैंडलिंग एजेंट बनाने की प्रक्रिया के लिए सीएमएस लोहारू द्वारा कमीशन के लिए रेट की निविदाएं मांगी गई थी। इस पर बहल अनाज मंडी के पैक्स बहल सहित पांच फर्मों ने हैंडलिंग एजेंट बनने के लिए निविदा दी थी।
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वीरवार को सीएमएस लोहारू में निविदा लगाने वाले आढ़तियों व अन्य लोगों के समक्ष निविदाएं खोली गई जिसमें पैक्स द्वारा कमीशन रेट दूसरी अन्य फर्मों से कम मिले। इसलिए, पैक्स के नाम बहल अनाज मंंडी में सरसों की सरकारी खरीद की निविदा छूटी। सब कुछ सही रहा तो शुक्रवार से सरसों की खरीद कार्य शुरू कर दिया जाएगा। लेकिन, सीएमएस की तरफ से कहा गया है कि अभी हैंडलिंग एजेंट बनाने की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है। अधिकारियों ने कहा कि वे अनाज मंडी में जाकर पैक्स की खरीद प्रक्रिया की तैयारियों की जांच करेंगे, उसके बाद ही कोई फैसला लिया जाएगा।
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34 रुपये प्रति क्विंटल के कमीशन रेट पर पैक्स को मिली खरीद
बहल में सरकारी खरीद के लिए सीएमएस लोहारू द्वारा मोहरबंद निविदाएं मांगी गई थी। इसके लिए बहल अनाज मंडी से चार फर्मों (श्री श्याम ट्रेडिंग कंपनी, काजला ट्रेडिंग कंपनी, सीआर पूनियां एंड संस व एआर ट्रेडर्स) के अलावा पैक्स बहल द्वारा निविदा भरी गई थी। निविदा खुलने पर अनाज मंडी की चार फर्मों द्वारा कमीशन के लिए 40 रुपये प्रति क्विंटल के रेट मिले जबकि पैक्स द्वारा 34 रुपये प्रति क्विंटल के रेट भरे गए थे। इस प्रकार सबसे कम रेट होने पर पैक्स के नाम निविदा छूटी। निविदा मिलने के बाद पैक्स प्रबंधक संजय शर्मा ने बताया कि पैक्स को सीएमएस द्वारा हैंडलिंग एजेंट बनाया गया है। सरसों की खरीद में जहां खरीद एजेंसियों के सभी मापदंड पूरे किए जाएंगे व किसानों को किसी प्रकार की दिक्कत नहीं होने दी जाएगी।
आढ़तियों ने किया पैक्स को हैंडलिंग एजेंट बनाने का विरोध
पैक्स को हैंडलिंग एजेंट बनाए जाने के बाद अनाज मंडी के आढ़ती अनाज मंडी के शेड में एकत्रित हुए और खरीद को लेकर सोसायटी के नियमों का विरोध किया। आढ़तियों ने कहा कि सोसायटी 25 लाख रुपये की प्रतिभूति राशि भरवाकर अपनी शर्तों पर कमीशन देने का नियम लागू कर रखा है। जो कि सरासर गलत है। वे इन शर्तों पर काम नहीं करेंगे। आढ़तियों ने कहा कि वे इस उम्मीद में भारी भरकम राशि लगाकर अनाज मंडी में दुकान बनाए बैठे हैं कि सरकारी खरीद में उनको काम मिलेगा। उन्होंने प्रशासन व सरकार से मांग की कि हैंडलिंग एजेंट बनाने की प्रक्रिया पर फिर से विचार किया जाए और अनाज मंडी के आढ़ती को ही बिना शर्त के हैंडलिंग एजेंट बनाए जाए।
हैंडलिंग एजेंट बनाए जाने की प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है। हालांकि, जिन फर्मों ने रेट दिए थे उसमें सबसे कम पैक्स बहल के थे। लेकिन, अभी हैंडलिंग एजेंट बनाने का काम पूरा नहीं हुआ है। एक बार अनाज मंडी की मौजूदा स्थिति देखने के बाद ही निर्णय लिया जाएगा कि पैक्स द्वारा सही तरीके से खरीद कार्य किया जा सकेगा या नहीं। हमारे लिए सबसे पहले किसान हैं, फिर आढ़ती और उसके बाद पैक्स। हम किसी भी हालत में किसान को परेशानी नहीं आने देना चाहते हैं।
-ईश्वर सिंह, प्रबंधक, सीएमएस लोहारू।