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हरियाणा में रहने वाले अन्य प्रांतों के दिव्यांगजन भी यहीं बनवा सकेंगे दिव्यांगता का प्रमाणपत्र : मक्कड़
Mon, 20 Mar 2023 12:59 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Mon, 20 Mar 2023 12:59 AM IST
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लोक निर्माण विश्राम गृह में पत्रकारों से बातचीत करते राज्य दिव्यांगजन आयुक्त राज कुमार मक्कड़।
भिवानी। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के तहत नियुक्त राज्य दिव्यांगजन आयुक्त राज कुमार मक्कड़ ने कहा कि हरियाणा में रहने वाले अन्य प्रांतों के दिव्यांगजन भी अब यहीं पर अपना दिव्यांगता प्रमाणपत्र बनवा सकेंगे, जिनकी संख्या करीब 76621 है। यूडीआईडी कार्ड बनवाने की अवधि 31 मार्च से बढ़ाकर अब 30 जून कर दी गई है। अब एक जुलाई से यूडीआईडी होने पर दिव्यांगजन सरकारी योजनाओं का लाभ ले सकेंगे। राजकुमार मक्कड़ रविवार को स्थानीय लोक निर्माण विश्राम गृह में पत्रकारों को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार ने पंडित दीन दयाल उपाध्याय के अंत्योदय के सपने के साकार करते हुए दयालु नाम से योजना लागू की। जिसके तहत जिस व्यक्ति की आय एक लाख 80 हजार रुपए तक है और वह कोई व्यक्ति हादसे में दिव्यांग हो जाता है या उसकी मौत हो जाती है तो उसके परिजनों को प्रदेश सरकार पांच लाख रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान करेगी। प्रदेश में तीन लाख 39 हजार 190 दिव्यांगजन का रिकार्ड है, जिनकी 40 प्रतिशत दिव्यांगता है। इनमें से करीब दो लाख दिव्यांगजन आयुष्मान योजना का लाभ ले रहे हैं। शेष में कुछ या नौकरी कर रहे हैं या फिर स्कूली बच्चे हैं, जिनकी संख्या साढ़े 32 हजार है। स्कूली विशेष विद्यार्थियों की शिक्षा को लेकर प्रदेश में 279 विशेष अध्यापकों की भर्ती प्रक्रिया अंतिम चरण में है और 1280 पदों की और नियुक्ति की जाएगी। प्रदेश में दिव्यांगजन को नौकरियों में चार प्रतिशत आरक्षण दिया जा रहा है। एक अप्रैल से एक लाख से अधिक दिव्यांगजन को 2750 रुपए प्रतिमाह पेंशन दी जाएगी, जो यूपी और एमपी को छोड़कर देश के किसी भी प्रांत से अधिक है। दिव्यांगजनों में कौशल विकसित करने को लेकर विगत 26 जनवरी से देशभर के सभी प्रांतों में दिव्य मेले आयोजित किए जा रहे हैं।
इस अवसर पर राज्य दिव्यांगजन सलाहकार समिति की सदस्य सुमन शर्मा, आस्था स्पेशल स्कूल संस्थापक विजय शर्मा, जिला पुनर्वास केंद्र से कुलश्रेष्ठ शर्मा, सचिन सरदाना, अधिवक्ता सुरेश मेवलीवाल, उपेंद्र सिंह, जयनारायण, जगदीश जांगड़ा उपस्थित रहे।
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उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार ने पंडित दीन दयाल उपाध्याय के अंत्योदय के सपने के साकार करते हुए दयालु नाम से योजना लागू की। जिसके तहत जिस व्यक्ति की आय एक लाख 80 हजार रुपए तक है और वह कोई व्यक्ति हादसे में दिव्यांग हो जाता है या उसकी मौत हो जाती है तो उसके परिजनों को प्रदेश सरकार पांच लाख रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान करेगी। प्रदेश में तीन लाख 39 हजार 190 दिव्यांगजन का रिकार्ड है, जिनकी 40 प्रतिशत दिव्यांगता है। इनमें से करीब दो लाख दिव्यांगजन आयुष्मान योजना का लाभ ले रहे हैं। शेष में कुछ या नौकरी कर रहे हैं या फिर स्कूली बच्चे हैं, जिनकी संख्या साढ़े 32 हजार है। स्कूली विशेष विद्यार्थियों की शिक्षा को लेकर प्रदेश में 279 विशेष अध्यापकों की भर्ती प्रक्रिया अंतिम चरण में है और 1280 पदों की और नियुक्ति की जाएगी। प्रदेश में दिव्यांगजन को नौकरियों में चार प्रतिशत आरक्षण दिया जा रहा है। एक अप्रैल से एक लाख से अधिक दिव्यांगजन को 2750 रुपए प्रतिमाह पेंशन दी जाएगी, जो यूपी और एमपी को छोड़कर देश के किसी भी प्रांत से अधिक है। दिव्यांगजनों में कौशल विकसित करने को लेकर विगत 26 जनवरी से देशभर के सभी प्रांतों में दिव्य मेले आयोजित किए जा रहे हैं।
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इस अवसर पर राज्य दिव्यांगजन सलाहकार समिति की सदस्य सुमन शर्मा, आस्था स्पेशल स्कूल संस्थापक विजय शर्मा, जिला पुनर्वास केंद्र से कुलश्रेष्ठ शर्मा, सचिन सरदाना, अधिवक्ता सुरेश मेवलीवाल, उपेंद्र सिंह, जयनारायण, जगदीश जांगड़ा उपस्थित रहे।
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