{"_id":"5fda50018ebc3e40fb19801b","slug":"development-79-crore-project-bhiwani-news-rtk5866753106","type":"story","status":"publish","title_hn":"ओवरब्रिज निर्माण के फेर में नहीं मिली सड़क तोडने की अनुमति, अटकी 79 करोड़ की परियोजना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ओवरब्रिज निर्माण के फेर में नहीं मिली सड़क तोडने की अनुमति, अटकी 79 करोड़ की परियोजना
विज्ञापन
बरसाती पानी के लिए तैयार किया गया मैन पंपिंग स्टेशन। संवाद न्यूज एजेंसी
- फोटो : Bhiwani
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
संजय वर्मा
भिवानी। पूरे शहर को बरसाती पानी से निजात दिलाने का प्रोजेक्ट ओवरब्रिज निर्माण के फेर में फंस गया है। अमरूत योजना में तैयार हो चुके दो मुख्य पंपिंग स्टेशनों को पाइपलाइन से नहीं जोड़ा गया है। करीब 63 करोड़ रुपयों की लागत से बरसाती पानी की निकासी की बड़ी परियोजना पर जून 2018 में काम शुरू हुआ था, जिसे जुलाई 2019 तक पूरा करना था, मगर निर्धारित अवधि के छह माह बाद भी काम पूरा नहीं हुआ तो सरकार को इसके लिए एक साल की एक्सटेंशन देनी पड़ी। इस मद में इसकी लागत 16 करोड़ और बढ़ गई। अब इसकी कुल लागत 79 करोड़ हो गई। अमरूत योजना के कार्य को पूरा करने में अब सबसे बड़ी बाधा दो मेन पंपिंग स्टेशनों को पाइपलाइन से जोड़ने की बनी हुई है, क्योंकि इस कार्य के लिए शहर की सबसे व्यस्त सड़कें तोड़नी होंगी, जबकि ओवरब्रिज निर्माण की वजह से इसकी अनुमति अभी तक नहीं मिली है।
भिवानी शहर की करीब पौने चार लाख की आबादी को बरसाती पानी की दशकों पुरानी समस्या से निजात दिलाने के लिए जून 2018 में अमरूत योजना के तहत पाइपलाइन डालने का काम शुरू हुआ था। पूरे शहर के बरसाती पानी का संग्रहण करने के लिए शहर में दो मेन पंपिंग स्टेशन भी बनाए गए। इसमें पहला मेन पंपिंग स्टेशन पुराने जलघर टैंकों के समीप बनाया गया। जबकि दूसरा वैश्य महाविद्यालय के समीप स्वास्थ्य कर्मचारी रिहायशी क्वाटरों के पीछे बनाया गया। इन दोनों ही पंपिंग स्टेशनों को तैयार किए जाने के बावजूद इन्हें पाइपलाइन से नहीं जोड़ा गया। अब पिछले तीन माह से सिर्फ पाइप लाइन डालने के लिए सड़क तोड़ने की अनुमति का इंतजार हो रहा है, मगर प्रशासन व संबंधित विभाग की तरफ से एनओसी नहीं मिली है।
तोशाम डबल फाटक पर बन रहा है एक किलोमीटर लंबा पुल, ट्रैफिक डायवर्ट बना रोड़ा
शहर के तोशाम बाईपास डबल रेलवे फाटक पर करीब एक किलोमीटर लंबा रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण काम चल रहा है। हांसी रोड के भारी वाहनों को तोशाम रोड से वाया वैश्य महाविद्यालय मार्ग रेस्ट हाउस तक डायवर्ट किया गया है। पुल निर्माण की वजह से भारी वाहनों का रूट डायवर्ट ही अमरूत योजना में रोड़ा बन गया है। वैश्य महाविद्यालय के समीप बने मेन पंपिंग स्टेशन नंबर दो को पाइपलाइन के जरिए हांसी रोड पर महिला पुलिस थाने के पास बने साफ्ट से जोड़ा जाना है। इस कार्य के लिए एक तरफ की सड़क तोड़कर ही काम शुरू होगा। भारी वाहनों के आवागमन की वजह से सड़क तोड़ने की अनुमति का काम बीच में ही लटका हुआ है। दो बार संबंधित अधिकारियों के साथ जिला प्रशासन भी बैठकें कर चुका है, मगर कोई हल नहीं निकला।
विज्ञापन
साढ़े छह किलोमीटर लंबी लाइन में दो किलोमीटर पाइप डालने का काम बाकी
हांसी रोड पर करीब साढ़े छह किलोमीटर लंबाई तक पाइप डालनी है, जिसमें करीब चार किलोमीटर तक पाइप लाइन डाली जा चुकी है। करीब दो किलोमीटर पाइप डालना बाकी है। हांसी रोड पर मिताथल-घुसकारी ड्रेन में शहर का बरसाती पानी डाला जाना है, जिसका इस्तेमाल खेतों में सिंचाई के लिए होगा। अब ये कार्य मार्च 2021 तक पूरा करना है। संवाद
वर्जन-
मुख्य पंपिंग स्टेशन नंबर दो को पाइपलाइन से जोड़ने के लिए सड़क तोड़ने की अनुमति के लिए पिछले तीन माह से इंतजार कर रहे हैं। इस संबंध में संबंधित अधिकारियों व उपायुक्त से भी बात हो चुकी हैं, मगर अभी तक उन्हें एनओसी नहीं मिली है। अगर एनओसी मिलती है तो जनवरी माह में पाइपलाइन डालने का काम पूरा कर दिया जाएगा।
- छत्तर सिंह, डॉयरेक्टर कंस्ट्रक्शन एजेंसी
अमरूत योजना का करीब 70 फीसदी काम पूरा हो चुका है। निर्धारित अवधि में ये काम पूरा कर लिया जाएगा। संबंधित विभागों के अधिकारियों से भी तालमेल बैठाकर बचा हुआ कार्य भी जल्द पूरा कराया जाएगा।
- रणसिंह यादव, चेयरमैन नगर परिषद भिवानी
शहर में 1995 की बाढ़ के बाद से ही बरसाती पानी की निकासी का मसला अहम बना हुआ था। जिसका समाधान सिर्फ एक बड़ी परियोजना के जरिए ही हल हो सकता था। इसलिए अमरूत योजना में व्यापक स्तर पर शहर में पाइपलाइन डाली गई और दो मेन पंपिंग स्टेशन बनाए गए। अब इन दोनों ही पंपिंग स्टेशनों को जल्द पाइपलाइन से जुड़वा दिया जाएगा। बारिश के मौसम में इसका फायदा पूरे शहर को मिलेगा।
- घनश्यामदास सर्राफ विधायक भिवानी
समय पर नहीं हुआ पूरा काम तो 16 करोड़ बढ़ गई लागत
शहर में बरसाती पानी निकासी के लिए अमरूत योजना के तहत पंपिंग स्टेशन निर्माण व पाइपलाइन डालने का काम 63 करोड़ में कराए जाने के लिए वर्क ऑर्डर जून 2018 में किया गया था। ये कार्य एक साल की अवधि में पूरा किया जाना निर्धारित किया गया। लेकिन कोविड-19 व अन्य कारणों से ये कार्य अधर में ही लटकता चला गया। अब सरकार ने इस कार्य को एक साल की एक्सटेंशन दी और इस कार्य को मार्च 2021 तक पूरा करने का समय निर्धारित किया। इसी के साथ कार्य की लागत भी 16 करोड़ अधिक बढ़ गई। अब ये कार्य 79 करोड़ रुपये में कराया जाएगा।
विज्ञापन
भिवानी। पूरे शहर को बरसाती पानी से निजात दिलाने का प्रोजेक्ट ओवरब्रिज निर्माण के फेर में फंस गया है। अमरूत योजना में तैयार हो चुके दो मुख्य पंपिंग स्टेशनों को पाइपलाइन से नहीं जोड़ा गया है। करीब 63 करोड़ रुपयों की लागत से बरसाती पानी की निकासी की बड़ी परियोजना पर जून 2018 में काम शुरू हुआ था, जिसे जुलाई 2019 तक पूरा करना था, मगर निर्धारित अवधि के छह माह बाद भी काम पूरा नहीं हुआ तो सरकार को इसके लिए एक साल की एक्सटेंशन देनी पड़ी। इस मद में इसकी लागत 16 करोड़ और बढ़ गई। अब इसकी कुल लागत 79 करोड़ हो गई। अमरूत योजना के कार्य को पूरा करने में अब सबसे बड़ी बाधा दो मेन पंपिंग स्टेशनों को पाइपलाइन से जोड़ने की बनी हुई है, क्योंकि इस कार्य के लिए शहर की सबसे व्यस्त सड़कें तोड़नी होंगी, जबकि ओवरब्रिज निर्माण की वजह से इसकी अनुमति अभी तक नहीं मिली है।
भिवानी शहर की करीब पौने चार लाख की आबादी को बरसाती पानी की दशकों पुरानी समस्या से निजात दिलाने के लिए जून 2018 में अमरूत योजना के तहत पाइपलाइन डालने का काम शुरू हुआ था। पूरे शहर के बरसाती पानी का संग्रहण करने के लिए शहर में दो मेन पंपिंग स्टेशन भी बनाए गए। इसमें पहला मेन पंपिंग स्टेशन पुराने जलघर टैंकों के समीप बनाया गया। जबकि दूसरा वैश्य महाविद्यालय के समीप स्वास्थ्य कर्मचारी रिहायशी क्वाटरों के पीछे बनाया गया। इन दोनों ही पंपिंग स्टेशनों को तैयार किए जाने के बावजूद इन्हें पाइपलाइन से नहीं जोड़ा गया। अब पिछले तीन माह से सिर्फ पाइप लाइन डालने के लिए सड़क तोड़ने की अनुमति का इंतजार हो रहा है, मगर प्रशासन व संबंधित विभाग की तरफ से एनओसी नहीं मिली है।
विज्ञापन
तोशाम डबल फाटक पर बन रहा है एक किलोमीटर लंबा पुल, ट्रैफिक डायवर्ट बना रोड़ा
शहर के तोशाम बाईपास डबल रेलवे फाटक पर करीब एक किलोमीटर लंबा रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण काम चल रहा है। हांसी रोड के भारी वाहनों को तोशाम रोड से वाया वैश्य महाविद्यालय मार्ग रेस्ट हाउस तक डायवर्ट किया गया है। पुल निर्माण की वजह से भारी वाहनों का रूट डायवर्ट ही अमरूत योजना में रोड़ा बन गया है। वैश्य महाविद्यालय के समीप बने मेन पंपिंग स्टेशन नंबर दो को पाइपलाइन के जरिए हांसी रोड पर महिला पुलिस थाने के पास बने साफ्ट से जोड़ा जाना है। इस कार्य के लिए एक तरफ की सड़क तोड़कर ही काम शुरू होगा। भारी वाहनों के आवागमन की वजह से सड़क तोड़ने की अनुमति का काम बीच में ही लटका हुआ है। दो बार संबंधित अधिकारियों के साथ जिला प्रशासन भी बैठकें कर चुका है, मगर कोई हल नहीं निकला।
विज्ञापन
साढ़े छह किलोमीटर लंबी लाइन में दो किलोमीटर पाइप डालने का काम बाकी
हांसी रोड पर करीब साढ़े छह किलोमीटर लंबाई तक पाइप डालनी है, जिसमें करीब चार किलोमीटर तक पाइप लाइन डाली जा चुकी है। करीब दो किलोमीटर पाइप डालना बाकी है। हांसी रोड पर मिताथल-घुसकारी ड्रेन में शहर का बरसाती पानी डाला जाना है, जिसका इस्तेमाल खेतों में सिंचाई के लिए होगा। अब ये कार्य मार्च 2021 तक पूरा करना है। संवाद
वर्जन-
मुख्य पंपिंग स्टेशन नंबर दो को पाइपलाइन से जोड़ने के लिए सड़क तोड़ने की अनुमति के लिए पिछले तीन माह से इंतजार कर रहे हैं। इस संबंध में संबंधित अधिकारियों व उपायुक्त से भी बात हो चुकी हैं, मगर अभी तक उन्हें एनओसी नहीं मिली है। अगर एनओसी मिलती है तो जनवरी माह में पाइपलाइन डालने का काम पूरा कर दिया जाएगा।
- छत्तर सिंह, डॉयरेक्टर कंस्ट्रक्शन एजेंसी
अमरूत योजना का करीब 70 फीसदी काम पूरा हो चुका है। निर्धारित अवधि में ये काम पूरा कर लिया जाएगा। संबंधित विभागों के अधिकारियों से भी तालमेल बैठाकर बचा हुआ कार्य भी जल्द पूरा कराया जाएगा।
- रणसिंह यादव, चेयरमैन नगर परिषद भिवानी
शहर में 1995 की बाढ़ के बाद से ही बरसाती पानी की निकासी का मसला अहम बना हुआ था। जिसका समाधान सिर्फ एक बड़ी परियोजना के जरिए ही हल हो सकता था। इसलिए अमरूत योजना में व्यापक स्तर पर शहर में पाइपलाइन डाली गई और दो मेन पंपिंग स्टेशन बनाए गए। अब इन दोनों ही पंपिंग स्टेशनों को जल्द पाइपलाइन से जुड़वा दिया जाएगा। बारिश के मौसम में इसका फायदा पूरे शहर को मिलेगा।
- घनश्यामदास सर्राफ विधायक भिवानी
समय पर नहीं हुआ पूरा काम तो 16 करोड़ बढ़ गई लागत
शहर में बरसाती पानी निकासी के लिए अमरूत योजना के तहत पंपिंग स्टेशन निर्माण व पाइपलाइन डालने का काम 63 करोड़ में कराए जाने के लिए वर्क ऑर्डर जून 2018 में किया गया था। ये कार्य एक साल की अवधि में पूरा किया जाना निर्धारित किया गया। लेकिन कोविड-19 व अन्य कारणों से ये कार्य अधर में ही लटकता चला गया। अब सरकार ने इस कार्य को एक साल की एक्सटेंशन दी और इस कार्य को मार्च 2021 तक पूरा करने का समय निर्धारित किया। इसी के साथ कार्य की लागत भी 16 करोड़ अधिक बढ़ गई। अब ये कार्य 79 करोड़ रुपये में कराया जाएगा।