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Bhiwani News: जलघर टैंकों में भंडारण के बावजूद अधिकांश शहर गर्मी में प्यासा

Wed, 30 Apr 2025 11:11 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी Updated Wed, 30 Apr 2025 11:11 PM IST
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Despite storage in water tank most of the city is thirsty in summer
महम रोड पर टयूबवेल से टैंकर में पानी भरता ट्रैक्टर चालक। 
भिवानी। गर्मी में शहर गंभीर जल संकट से जूझ रहा है। हालांकि नहरों में 28 अप्रैल तक पानी चला है, जिससे जलघर के टैंकों में भी पानी का भंडारण हुआ है, मगर फिर भी शहर के अंदर पानी की राशनिंग की जा रही है।
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सबसे अहम बात तो यह है कि दो बार दादरी गेट चौक पर महिलाएं पानी को लेकर हाईवे पर जाम लगा चुकी हैं जबकि तीन बार ये मामला समाधान शिविर में भी गूंज चुका है। लेकिन फिर भी शहरवासी पानी को तरस रहे हैं। शहर की अधिकांश बाहरी कॉलोनियों के अंदर तो हालत यह है कि पानी दो से तीन दिन में आ रहा है, लेकिन पानी आने का न तो कोई शेड्यूल है न कोई समय तय है। ऐसे में लोग महंगे पानी के टैंकर खरीदकर अपनी प्यास बुझा रहे हैं।
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भिवानी शहर में तीन मुख्य जलघर बने हैं, जिसमें निनान जलघर, डाबर कॉलोनी जलघर और महम रोड मुख्य जलघर शामिल हैं। डाबर और निनान के टैंक नहरी पानी से लबालब हैं, मगर पुराना जलघर के टैंक अब भी आधे खाली हैं। ऐसे में शहर को राशनिंग के सहारे ही पानी मिल रहा है।
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गर्मी की तपिश बढ़ने के साथ ही महिलाएं भी सिर पर दूर दराज से पीने का पानी लाने को मजबूर हो गई हैं, जबकि पानी के टैंकर भी एक हजार से 1200 रुपये तक वसूल रहे हैं। सरकारी टैंकर आपूर्ति का भी कोई शेड्यूल और व्यवस्था तक नहीं है।
ऐसे में विभाग मात्र दस से 12 पानी के टैंकर ही भिजवा पा रहा है जबकि अब जरूरत 70 से 80 पानी के टैंकरों की है। कई कॉलोनी तो ऐसी हैं जहां पानी का न तो टैंकर पहुंच रहा है न नलों में पानी आ रहा है। ये लोग अपने ही स्तर पर पीने के पानी का बंदोबस्त करने पर मजबूर हैं।
डिमांड से आधा मिला नहरी पानी
सिंचाई विभाग की सुंदर सिस्टम की नहरों में डिमांड से आधा पानी ही मिला है। इसकी वजह से जूई, मित्ताथल और सुंदर सब ब्रांच में प्रत्येक नहर में दो या तीन दिन ही पानी मुहैया कराया गया है। हालांकि सिंचाई अधिकारियों ने प्राथमिकता के आधार पर ग्रामीण और शहरी दायरे के जलघर टैंकों को भरने का भी दावा किया है। बावजूद इसके गर्मी की शुरुआत में ही जल संकट लोगों का कंठ सूखा रहा है। सुंदर सिस्टम में 2250 क्यूसेक पानी की डिमांड की गई थी, मगर 1625 क्यूसेक पानी ही मिला है। हालांकि दो से तीन दिन अतिरिक्त पानी की भी व्यवस्था कराई गई। अब 28 अप्रैल से नहरों में पानी बंद है।
ढाणा रोड के साथ-साथ आनंद नगर और लक्ष्मी नगर में पानी की नियमित आपूर्ति नहीं हो रही है। पानी कब आया और कब चला गया, किसी को कुछ पता नहीं चल पाता। मुश्किल से 20 मिनट बूस्टर से आपूर्ति हो पा रही है। कई बार शिकायतें कर चुके हैं, लेकिन पानी की स्थिति में कोई सुधार नहीं आया है। हालत यह है कि पानी का टैंकर खरीदकर रोजमर्रा की जरूरतें पूरी कर रहे हैं।
-एडवोकेट अरविंद बैरान शहरवासी।
दादरी गेट और ढाणा रोड क्षेत्र में पानी की पिछले महीने भर से दिक्कत बनी है। इससे पहले भी पानी को लेकर स्थिति में ज्यादा सुधार नहीं था। अब तो रोजमर्रा के कामकाज के लिए भी दूर दराज से पानी लाना पड़ता है। जनस्वास्थ्य विभाग इस क्षेत्र में पानी का टैंकर भी नहीं भिजवा रहा है। अधिकारी फोन तक नहीं उठा रहे हैं। समाधान शिविर में भी अपनी शिकायत दर्ज करा चुके हैं, मगर पानी की समस्या का हल नहीं हुआ है।
- बलबीर जांगड़ा शहरवासी।
ढाणा रोड के साथ-साथ आनंद नगर, लक्ष्मी नगर में पानी की आपूर्ति दो से तीन दिन में हो रही है। पानी चंद मिनटों के लिए ही आता है। इसमें रोजमर्रा के काम काज भी नहीं हो पा रहे हैं। बच्चों को नहलाकर स्कूल भेजने तक के लिए पानी की व्यवस्था तक नहीं हो पा रही है। विभागीय अधिकारियों के साथ प्रशासन से भी गुहार लगा चुके हैं, मगर कोई सुनने वाला नहीं है। महिलाएं दादरी गेट पर जाम भी लगा चुकी हैं।
- संतोष देवी ढाणा रोड क्षेत्रवासी।
समाधान शिविर में भी पानी की समस्या दो बार रख चुके हैं, अधिकारी केवल आश्वासन ही दे रहे हैं। दादरी गेट से लेकर ढाणा रोड की कॉलोनियों के अंदर पानी की आपूर्ति नहीं हो रही है। बूस्टरों पर भी आपूर्ति का कोई शेड्यूल नहीं है। मनमर्जी से कर्मचारी पानी कभी रात को कभी शाम को कुछ मिनट के लिए छोड़ देते हैं, जिसकी वजह से सभी घरों तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है।
- राम सिंह यादव ढाणा रोड निवासी।
देवनगर कॉलोनी में भी पानी का संकट बना है। इसके अलावा अन्य हिस्सों में भी पानी को लेकर हाहाकार मचा है। प्रशासन और जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग शहर में नियमित पानी की आपूर्ति का दावा कर कोई जल संकट नहीं होने की बात कह रहा है। जबकि पीने के पानी के लिए भी महिलाएं सिर पर बर्तन उठाकर पानी ढोने को मजबूर हैं। प्रशासन को लोगों की पेयजल जरूरतों को हर हाल में पूरा करने के लिए जरूरी कदम उठाने चाहिए।

- सुरेश सैनी सामाजिक कार्यकर्ता।
शहर में पानी की नियमित आपूर्ति हो रही है। जिन हिस्सों में पानी को लेकर शिकायतें आ रही हैं उन हिस्सों में पानी के टैंकर भेजे जा रहे हैं। नगर परिषद से भी पानी के टैंकर लेकर लोगों को आपूर्ति कराई जा रही है।
- सुरज प्रकाश जैन, एसडीओ, शहरी पेयजल शाखा भिवानी।
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