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Bhiwani News: जनगणना के दूसरे चरण में 50 प्रतिशत कर्मचारी दूसरे विभागों से लगाने की मांग
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भिवानी। जनगणना के दूसरे चरण में 50 प्रतिशत कर्मचारियों की नियुक्ति अन्य सरकारी विभागों से करने की मांग को लेकर शिक्षक संगठनों ने जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. निर्मल दहिया और जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी विनय कुमार जिंदल को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने कहा कि शिक्षकों की लगातार सरकारी ड्यूटी लगने से विद्यालयों में पढ़ाई प्रभावित हो रही है इसलिए जनगणना में दूसरे विभागों की भागीदारी बढ़ाई जाए।
शिक्षक प्रतिनिधियों ने बताया कि जनगणना के पहले चरण में अप्रैल-मई के दौरान शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई थी। इसके बाद जून से शिक्षा विभाग के अनेक कर्मचारी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्य में भी जुटे हैं। लगातार अतिरिक्त जिम्मेदारियां मिलने से शिक्षक विद्यार्थियों को पर्याप्त समय नहीं दे पा रहे हैं।
जनवरी-फरवरी में परीक्षाओं की तैयारी का अहम समय
शिक्षक संगठनों के अनुसार जनगणना का दूसरा चरण जनवरी-फरवरी में प्रस्तावित है। यह समय पाठ्यक्रम पूरा कराने, पुनरावृत्ति और वार्षिक परीक्षाओं की तैयारी के लिहाज से महत्वपूर्ण है। इसी अवधि में परीक्षाएं भी नजदीक आ जाती हैं। ऐसे में शिक्षकों की बड़ी संख्या में ड्यूटी लगाने से नियमित पढ़ाई और विद्यार्थियों की परीक्षा तैयारी प्रभावित हो सकती है।
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प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि जनगणना के लिए नियुक्त होने वाले कुल कर्मचारियों में से आधे अन्य सरकारी विभागों से लगाए जाए ताकि जनगणना का काम सुचारु रूप से पूरा हो और विद्यालयों में शिक्षण कार्य बाधित न हो। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के शैक्षणिक हित सर्वोपरि हैं और शिक्षकों को अपनी मुख्य जिम्मेदारी निभाने के लिए पर्याप्त समय मिलना चाहिए। इस अवसर पर राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला प्रधान भूपेंद्र चाहर, संगठन सचिव कृष्ण मलिक, संदीप ढोचक, अरुण ढिल्लो, अध्यापक संघ के जिला प्रधान अजीत राठी, महेंद्र श्योराण, हसला से प्रवेश गौतम और राजेश कौशिक सहित अन्य शिक्षक प्रतिनिधि मौजूद रहे।
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शिक्षक प्रतिनिधियों ने बताया कि जनगणना के पहले चरण में अप्रैल-मई के दौरान शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई थी। इसके बाद जून से शिक्षा विभाग के अनेक कर्मचारी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्य में भी जुटे हैं। लगातार अतिरिक्त जिम्मेदारियां मिलने से शिक्षक विद्यार्थियों को पर्याप्त समय नहीं दे पा रहे हैं।
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जनवरी-फरवरी में परीक्षाओं की तैयारी का अहम समय
शिक्षक संगठनों के अनुसार जनगणना का दूसरा चरण जनवरी-फरवरी में प्रस्तावित है। यह समय पाठ्यक्रम पूरा कराने, पुनरावृत्ति और वार्षिक परीक्षाओं की तैयारी के लिहाज से महत्वपूर्ण है। इसी अवधि में परीक्षाएं भी नजदीक आ जाती हैं। ऐसे में शिक्षकों की बड़ी संख्या में ड्यूटी लगाने से नियमित पढ़ाई और विद्यार्थियों की परीक्षा तैयारी प्रभावित हो सकती है।
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प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि जनगणना के लिए नियुक्त होने वाले कुल कर्मचारियों में से आधे अन्य सरकारी विभागों से लगाए जाए ताकि जनगणना का काम सुचारु रूप से पूरा हो और विद्यालयों में शिक्षण कार्य बाधित न हो। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के शैक्षणिक हित सर्वोपरि हैं और शिक्षकों को अपनी मुख्य जिम्मेदारी निभाने के लिए पर्याप्त समय मिलना चाहिए। इस अवसर पर राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला प्रधान भूपेंद्र चाहर, संगठन सचिव कृष्ण मलिक, संदीप ढोचक, अरुण ढिल्लो, अध्यापक संघ के जिला प्रधान अजीत राठी, महेंद्र श्योराण, हसला से प्रवेश गौतम और राजेश कौशिक सहित अन्य शिक्षक प्रतिनिधि मौजूद रहे।