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Bhiwani News: जिला नागरिक अस्पताल में बेड पर हुई डिलीवरी, नवजात ने तोड़ा दम

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 18 Oct 2026 12:54 AM IST
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Delivery takes place on a hospital bed at the District Civil Hospital; newborn passes away.
जिला नागरिक अस्पताल के जच्चा बच्चा वार्ड में नवजात की मौत के बाद अस्पताल के बाहर मौजूद परिजन।
भिवानी। जिला नागरिक अस्पताल के जच्चा-बच्चा वार्ड में शुक्रवार शाम गर्भवती महिला ने बेड पर ही बच्चे को जन्म दे दिया। परिजनों का आरोप है कि वे ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक से लेबर रूम में डिलीवरी कराने की गुहार लगाते रहे लेकिन समय पर सुविधा नहीं मिली और जन्म के कुछ सेकंड बाद ही नवजात ने दम तोड़ दिया।
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बैंक कॉलोनी निवासी कुलदीप ने बताया कि उसकी तीन बेटियां हैं। चौथे बच्चे की डिलीवरी के लिए उसने शुक्रवार को पत्नी उर्मिला को जिला नागरिक अस्पताल के जच्चा-बच्चा वार्ड में दाखिल कराया था। शाम करीब चार बजे उर्मिला को बेड पर तेज प्रसव पीड़ा होने लगी। कुलदीप के अनुसार वहां मौजूद पुरुष चिकित्सक से डिलीवरी होने की बात कही तो उन्होंने बताया कि अभी बच्चा नहीं होगा और डिलीवरी अगले माह होगी।
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कुलदीप ने बताया कि पत्नी की हालत देखकर उसने और उसकी मां ने चिकित्सक से दोबारा गुहार लगाई। इसके बाद चिकित्सक ने निजी केंद्र से रंगीन अल्ट्रासाउंड कराने के लिए लिख दिया। इसी दौरान उर्मिला ने वार्ड के बेड पर ही बच्चे को जन्म दे दिया। इसके बाद अफरा-तफरी मच गई और नवजात को एनआईसीयू ले जाने की तैयारी की गई लेकिन तब तक उसकी सांसें थम चुकी थीं।
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कुलदीप का आरोप है कि यदि पत्नी की समय रहते लेबर रूम में डिलीवरी कराई जाती तो बच्चे की जान बच सकती थी। उसने कहा कि यदि अस्पताल में सुविधा उपलब्ध नहीं थी तो उन्हें पहले बता देना चाहिए था ताकि वे किसी अन्य अस्पताल में चले जाते। उसके अनुसार बेटे के जन्म से परिवार को खुशी थी लेकिन चिकित्सकीय लापरवाही के कारण नवजात की मौत हो गई। उसने संबंधित चिकित्सक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की।
कुलदीप के परिजनों ने शहर थाना पुलिस को शिकायत दी। शनिवार सुबह चिकित्सकों के बोर्ड से नवजात के शव का पोस्टमार्टम कराया गया। शहर थाना के जांच अधिकारी रमेश कुमार ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद मामले की जांच नेग्लिजेंसी बोर्ड को सौंपी गई है। बोर्ड की जांच के बाद ही पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई करेगी।

वीरवार को भी महिला ने जच्चा-बच्चा वार्ड के बेड पर दिया था बच्चे को जन्म
उर्मिला को अस्पताल लेकर आने वाली महिला मंजू ने बताया कि वीरवार को भी जच्चा-बच्चा वार्ड में एक महिला ने बेड पर ही बच्चे को जन्म दिया था। उस नवजात का फिलहाल एनआईसीयू में उपचार चल रहा है। मंजू ने कहा कि उर्मिला का बच्चा इतना सौभाग्यशाली नहीं रहा और एनआईसीयू तक पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो गई।

वर्जन
मेरे संज्ञान में ऐसा कोई मामला नहीं है। यदि किसी चिकित्सक ने गर्भवती महिला की डिलीवरी में लापरवाही की है तो नेग्लिजेंसी बोर्ड इसकी गंभीरता से जांच करेगा। जांच में चिकित्सक दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। -डॉ. बलवान सिंह, प्रधान चिकित्सा अधिकारी, जिला नागरिक अस्पताल, भिवानी


वर्जन
गर्भवती महिला पहली बार हमारे पास आई थी। इससे पहले उसकी कोई मेडिकल हिस्ट्री हमारे पास नहीं थी। महिला का कलर डॉप्लर कराया गया था जिससे बच्चे की स्थिति का पता लगाया गया। बच्चा बेहद कमजोर था। महिला की डिलीवरी बेड पर हुई लेकिन बच्चे को बचाने के लिए पूरा प्रयास किया गया। उपचार में किसी तरह की लापरवाही नहीं हुई है। परिजनों का आक्रोश बेवजह है। -डॉ. मोनिका राठौड़, सहायक प्रोफेसर, गायनी विभाग, पंडित नेकीराम शर्मा राजकीय मेडिकल कॉलेज, भिवानी
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