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Bhiwani News: सीबीएलयू में युवाओं को उद्यमिता और स्टार्टअप की राह दिखाने पर किया मंथन
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भिवानी। चौधरी बंसी लाल विश्वविद्यालय में विश्व उद्यमिता दिवस पर ‘फ्रॉम आइडियाज टू इम्पैक्ट : युवा मस्तिष्क को उद्यमिता, नवाचार और स्टार्ट-अप सफलता के लिए सशक्त बनाना’ विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें विद्यार्थियों को उद्यमिता, नवाचार, रचनात्मकता और स्टार्ट-अप संस्कृति को अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।
कुलपति प्रो. दीप्ति धर्माणी ने कहा कि विश्वविद्यालय शिक्षा के साथ उद्यमिता और कौशल विकास को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयास कर रहा है। विभिन्न कौशल संवर्धन पाठ्यक्रमों, कौशल संवर्धन केंद्र और इन्क्यूबेशन सेंटर के माध्यम से विद्यार्थियों को उद्यमिता के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उद्यमिता ऐसी सोच है जो समस्याओं को अवसरों में बदलने और विचारों को सामाजिक एवं आर्थिक प्रभाव में बदलने का साहस देती है।
कार्यक्रम अधिष्ठाता शैक्षणिक मामले एवं निदेशक, रोजगार संवर्धन केंद्र प्रो. सुनीता भरतवाल के मार्गदर्शन में हुआ। समाजशास्त्र एवं समाज कार्य विभागाध्यक्ष डॉ. मनोज कुमार तेवतिया ने कहा कि तकनीक, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और डिजिटल अर्थव्यवस्था ने युवाओं के लिए रोजगार और व्यवसाय के नए अवसर खोले हैं। युवाओं को रोजगार पाने के साथ रोजगार सृजित करने और सामाजिक समस्याओं के नए समाधान खोजने के लिए तैयार करना जरूरी है। उन्होंने बताया कि उद्यमिता पखवाड़े के तहत 24 अगस्त से 2 सितंबर तक पोस्टर मेकिंग, स्लोगन राइटिंग, बिजनेस आइडिया और प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताएं होंगी।
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कार्यशाला में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के गुरुग्राम विश्वविद्यालय में जेन-जी उद्यमियों के साथ संवाद का सीधा प्रसारण भी दिखाया गया। मुख्यमंत्री ने युवाओं से विचारों को सफल उद्यमों में बदलकर रोजगार सृजित करने वाला उद्यमी बनने का आह्वान किया तथा मार्गदर्शन, वित्तीय व तकनीकी सहायता, कौशल विकास और उद्योगों से जुड़ने के अवसरों की जरूरत पर जोर दिया।
मुख्य अतिथि शिव शक्ति इंटर ग्लोबल एक्सपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड, करनाल के उपाध्यक्ष एसके शर्मा ने विद्यार्थियों को अपने विचारों पर विश्वास कर उन्हें कार्यरूप देने के लिए प्रेरित किया। अंत में कुलसचिव प्रो. भावना शर्मा ने आभार जताया। इस अवसर पर डॉ. मीरा, डॉ. प्रीति, डॉ. कृतिका, डॉ. सोनल, डॉ. अगिन और डॉ. मूलराज मौजूद रहे।
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कुलपति प्रो. दीप्ति धर्माणी ने कहा कि विश्वविद्यालय शिक्षा के साथ उद्यमिता और कौशल विकास को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयास कर रहा है। विभिन्न कौशल संवर्धन पाठ्यक्रमों, कौशल संवर्धन केंद्र और इन्क्यूबेशन सेंटर के माध्यम से विद्यार्थियों को उद्यमिता के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उद्यमिता ऐसी सोच है जो समस्याओं को अवसरों में बदलने और विचारों को सामाजिक एवं आर्थिक प्रभाव में बदलने का साहस देती है।
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कार्यक्रम अधिष्ठाता शैक्षणिक मामले एवं निदेशक, रोजगार संवर्धन केंद्र प्रो. सुनीता भरतवाल के मार्गदर्शन में हुआ। समाजशास्त्र एवं समाज कार्य विभागाध्यक्ष डॉ. मनोज कुमार तेवतिया ने कहा कि तकनीक, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और डिजिटल अर्थव्यवस्था ने युवाओं के लिए रोजगार और व्यवसाय के नए अवसर खोले हैं। युवाओं को रोजगार पाने के साथ रोजगार सृजित करने और सामाजिक समस्याओं के नए समाधान खोजने के लिए तैयार करना जरूरी है। उन्होंने बताया कि उद्यमिता पखवाड़े के तहत 24 अगस्त से 2 सितंबर तक पोस्टर मेकिंग, स्लोगन राइटिंग, बिजनेस आइडिया और प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताएं होंगी।
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कार्यशाला में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के गुरुग्राम विश्वविद्यालय में जेन-जी उद्यमियों के साथ संवाद का सीधा प्रसारण भी दिखाया गया। मुख्यमंत्री ने युवाओं से विचारों को सफल उद्यमों में बदलकर रोजगार सृजित करने वाला उद्यमी बनने का आह्वान किया तथा मार्गदर्शन, वित्तीय व तकनीकी सहायता, कौशल विकास और उद्योगों से जुड़ने के अवसरों की जरूरत पर जोर दिया।
मुख्य अतिथि शिव शक्ति इंटर ग्लोबल एक्सपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड, करनाल के उपाध्यक्ष एसके शर्मा ने विद्यार्थियों को अपने विचारों पर विश्वास कर उन्हें कार्यरूप देने के लिए प्रेरित किया। अंत में कुलसचिव प्रो. भावना शर्मा ने आभार जताया। इस अवसर पर डॉ. मीरा, डॉ. प्रीति, डॉ. कृतिका, डॉ. सोनल, डॉ. अगिन और डॉ. मूलराज मौजूद रहे।