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दाखिले बढ़ाओ, भले ही हर घर में जाना पड़े : डीसी
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भिवानी। सरकारी स्कूलों में बच्चों के दाखिले को लेकर शिक्षा विभाग की एक बैठक शनिवार को पंचायत भवन में आयोजित की गई। इस बार स्कूलों में बच्चों के दाखिले कम होने पर अधिकारी स्कूल मुखियाओं से खासे नाराज दिखे। उपायुक्त जयबीर सिंह आर्य ने कहा कि सरकारी स्कूल में शिक्षित, योग्य व प्रशिक्षित स्टाफ होता है। ऐसे में सरकारी स्कूलों में छात्र संख्या कम नहीं रहनी चाहिए। छात्र संख्या बढ़ाने के लिए प्रयास करें। भले ही इसके लिए स्कूल मुखियाओं को घर-घर जाकर अभियान चलाना पड़े। अभिभावकों को सरकारी स्कूलों में दाखिला करवाने के लिए प्रेरित करें।
डीसी ने सभी स्कूल मुखियाओं को यह भी निर्देश दिए हैं कि जो बच्चे सरकारी स्कूलों में उत्तीर्ण हुए हैं, वे सरकारी स्कूल में ही दाखिला लें। इसके लिए स्कूल मुखियाओं को बच्चों के अभिभावकों से संपर्क करना होगा। यह सुनिश्चित करना होगा कि बच्चों का दाखिला सरकारी स्कूल में ही करवाया जाएगा।
हमारी क्लास लगी तो तुम्हें भी नहीं बख्शा जाएगा : डीईओ
वहीं, जिला शिक्षा अधिकारी अजीत सिंह श्योराण ने तो स्कूल मुखियाओं से यहां तक कह दिया कि अगर विभाग की ओर से उनकी क्लास लगी तो तुम्हें भी नहीं बख्शा जाएगा। दूसरी ओर जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी ने खंड शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी किया है। उसमें पूछा गया है कि जिन स्कूलों में छात्रों की संख्या कम है, उन्हें क्यों न चार्जशीट कर दिया जाए। शनिवार को पंचायत भवन में आयोजित बैठक की अध्यक्षता डीसी जयबीर आर्य ने की। कार्यक्रम में जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी रामौतार शर्मा और उप जिला शिक्षा अधिकारी संतोष नागर भी अपने विचार रखे। इस दौरान शिक्षा विभाग के अनेक अधिकारी व अनेक स्कूल मुखिया मौजूद रहे।
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निर्धारित लक्ष्य तक नहीं पहुंच पा रहे
एक जुलाई से प्रदेश में स्कूूल खोल दिए जाएंगे। इसके लिए शिक्षा विभाग द्वारा दाखिले किए जा रहे हैं। अब तक जिले में पहली से 12वीं कक्षा तक 95 हजार बच्चों के दाखिले हो चुके हैं। मगर पहली से छठी कक्षा में दाखिलों की संख्या विभाग द्वारा निर्धारित लक्ष्य से बहुत कम है। विभाग ने इस साल पिछले साल की अपेक्षा 10 प्रतिशत ज्यादा दाखिलों का लक्ष्य रखा था। यही कारण है कि अधिकारियों को चिंता सता रही है और वे सख्ती बरत रहे हैं।
डीईईओ ने जारी किया पत्र
जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी रामौतार शर्मा ने जिले के सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी किया है। पत्र में कम दाखिलों पर चिंता व्यक्त की गई है। उन्होंने कहा है कि जिन स्कूलों में पहली से छठी कक्षा तक जीरो दाखिला या दाखिलों की संख्या कम है, क्यों न उनके मुखियाओं की चार्जशीट का मसौदा तैयार किया जाए।
सरकारी स्कूलों में दाखिलों की स्थिति
कक्षा 2020-21 2021-22 (अब तक)
पहली 7645 4017
दूसरी 7668 8289
तीसरी 7524 7846
चौथी 8117 8194
पांचवीं 7823 8859
छठी 7870 8000
सातवीं 7977 8323
आठवीं 8518 7078
नौवीं 11262 8458
दसवीं 10956 7257
11वीं 9393 3309
नोट: ये आंकड़े शिक्षा विभाग से प्राप्त हैं।
सरकारी स्कूलों में कराएं दाखिला
सरकारी स्कूलों में ऑनलाइन शिक्षा और एजुसेट के माध्यम से विद्यार्थियों को प्रदान की जा रही है। व्हाट्सएप ग्रुप बनाए गए हैं। इसके अलावा शिक्षक बच्चों के घर जाकर भी शिक्षित करने का काम कर रहे हैं। लोगों से अपील है कि वे अपने बच्चों का दाखिला सरकारी स्कूलों में कराएं, ताकि उन्हें बेहतर शिक्षा मिल सके।
- अजीत सिंह श्योराण, जिला शिक्षा अधिकारी, भिवानी।
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डीसी ने सभी स्कूल मुखियाओं को यह भी निर्देश दिए हैं कि जो बच्चे सरकारी स्कूलों में उत्तीर्ण हुए हैं, वे सरकारी स्कूल में ही दाखिला लें। इसके लिए स्कूल मुखियाओं को बच्चों के अभिभावकों से संपर्क करना होगा। यह सुनिश्चित करना होगा कि बच्चों का दाखिला सरकारी स्कूल में ही करवाया जाएगा।
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हमारी क्लास लगी तो तुम्हें भी नहीं बख्शा जाएगा : डीईओ
वहीं, जिला शिक्षा अधिकारी अजीत सिंह श्योराण ने तो स्कूल मुखियाओं से यहां तक कह दिया कि अगर विभाग की ओर से उनकी क्लास लगी तो तुम्हें भी नहीं बख्शा जाएगा। दूसरी ओर जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी ने खंड शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी किया है। उसमें पूछा गया है कि जिन स्कूलों में छात्रों की संख्या कम है, उन्हें क्यों न चार्जशीट कर दिया जाए। शनिवार को पंचायत भवन में आयोजित बैठक की अध्यक्षता डीसी जयबीर आर्य ने की। कार्यक्रम में जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी रामौतार शर्मा और उप जिला शिक्षा अधिकारी संतोष नागर भी अपने विचार रखे। इस दौरान शिक्षा विभाग के अनेक अधिकारी व अनेक स्कूल मुखिया मौजूद रहे।
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निर्धारित लक्ष्य तक नहीं पहुंच पा रहे
एक जुलाई से प्रदेश में स्कूूल खोल दिए जाएंगे। इसके लिए शिक्षा विभाग द्वारा दाखिले किए जा रहे हैं। अब तक जिले में पहली से 12वीं कक्षा तक 95 हजार बच्चों के दाखिले हो चुके हैं। मगर पहली से छठी कक्षा में दाखिलों की संख्या विभाग द्वारा निर्धारित लक्ष्य से बहुत कम है। विभाग ने इस साल पिछले साल की अपेक्षा 10 प्रतिशत ज्यादा दाखिलों का लक्ष्य रखा था। यही कारण है कि अधिकारियों को चिंता सता रही है और वे सख्ती बरत रहे हैं।
डीईईओ ने जारी किया पत्र
जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी रामौतार शर्मा ने जिले के सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी किया है। पत्र में कम दाखिलों पर चिंता व्यक्त की गई है। उन्होंने कहा है कि जिन स्कूलों में पहली से छठी कक्षा तक जीरो दाखिला या दाखिलों की संख्या कम है, क्यों न उनके मुखियाओं की चार्जशीट का मसौदा तैयार किया जाए।
सरकारी स्कूलों में दाखिलों की स्थिति
कक्षा 2020-21 2021-22 (अब तक)
पहली 7645 4017
दूसरी 7668 8289
तीसरी 7524 7846
चौथी 8117 8194
पांचवीं 7823 8859
छठी 7870 8000
सातवीं 7977 8323
आठवीं 8518 7078
नौवीं 11262 8458
दसवीं 10956 7257
11वीं 9393 3309
नोट: ये आंकड़े शिक्षा विभाग से प्राप्त हैं।
सरकारी स्कूलों में कराएं दाखिला
सरकारी स्कूलों में ऑनलाइन शिक्षा और एजुसेट के माध्यम से विद्यार्थियों को प्रदान की जा रही है। व्हाट्सएप ग्रुप बनाए गए हैं। इसके अलावा शिक्षक बच्चों के घर जाकर भी शिक्षित करने का काम कर रहे हैं। लोगों से अपील है कि वे अपने बच्चों का दाखिला सरकारी स्कूलों में कराएं, ताकि उन्हें बेहतर शिक्षा मिल सके।
- अजीत सिंह श्योराण, जिला शिक्षा अधिकारी, भिवानी।