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Bhiwani News: भोजावाली देवी माता मंदिर में जुटी श्रद्धालुओं की भीड़
Sat, 05 Oct 2024 05:15 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Sat, 05 Oct 2024 05:15 AM IST
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भिवानी के दक्षिण काली नवदुर्गा मंदिर में पूजा-अर्चना करतीं उर्मिला सैनी व पुजारी शुभम।
भिवानी। दूसरे नवरात्र पर शुक्रवार को शहर के नया बाजार स्थित भोजावाली देवी माता मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ जुटी। मंदिर में माता की अखंड ज्योति प्रज्ज्वलित की गई। जिसको लेकर भी सुबह और शाम श्रद्धालु मंदिर में माता दर्शनों के लिए पहुंच रहे हैं।
सुबह से ही माता के दर्शनों के लिए श्रद्धालुओं के मंदिर पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। वहीं मंदिर के आसपास भी पूजन सामग्री की काफी स्टॉल सजी रही। वहीं घरों के अंदर भी कलश यानी घट स्थापना के बाद माता का विधि-विधान से पूजन किया गया।
कोंट रोड मिनी बाइपास स्थित दक्षिण काली नवदुर्गा मंदिर में दूसरे नवरात्र पर मां ब्रह्मचारिणी की पूजा हुई। मंदिर संचालिका उर्मिला सैनी व पुजारी शुभम ने कहा कि दूसरे नवरात्र पर मां ब्रह्मचारिणी की पूजा का विशेष महत्व है। मां ब्रह्मचारिणी तप, संयम और साधना की देवी हैं, जो भक्तों को धैर्य, शक्ति और ज्ञान प्रदान करती हैं। इस वर्ष हमने भक्तों की सुविधा और सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा है। मंदिर को पूरी तरह से सजाया गया है और सभी आवश्यक व्यवस्थाओं का ध्यान रखा गया है ताकि भक्तजन आराम से मां की आराधना कर सकें।
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मां ब्रह्मचारिणी की उपासना से साधकों को संयम और आत्मशक्ति प्राप्त होती है
मंदिर संचालिका उर्मिला सैनी व पुजारी शुभम ने बताया कि पूजा-अर्चना और हवन यज्ञ के महत्व को बताते हुए कहा कि दूसरे नवरात्र पर मां ब्रह्मचारिणी की उपासना से साधकों को संयम और आत्मशक्ति प्राप्त होती है। उनकी पूजा जीवन में कठिनाइयों का सामना करने की क्षमता प्रदान करती है। शुक्रवार काे विशेष हवन यज्ञ का आयोजन किया जिसमें भक्तों ने मां ब्रह्मचारिणी से सुख, समृद्धि और ज्ञान की प्राप्ति की कामना की। हवन यज्ञ के माध्यम से वातावरण को भी शुद्ध किया गया जिससे चारों ओर सकारात्मक ऊर्जा का संचार हुआ।
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सुबह से ही माता के दर्शनों के लिए श्रद्धालुओं के मंदिर पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। वहीं मंदिर के आसपास भी पूजन सामग्री की काफी स्टॉल सजी रही। वहीं घरों के अंदर भी कलश यानी घट स्थापना के बाद माता का विधि-विधान से पूजन किया गया।
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कोंट रोड मिनी बाइपास स्थित दक्षिण काली नवदुर्गा मंदिर में दूसरे नवरात्र पर मां ब्रह्मचारिणी की पूजा हुई। मंदिर संचालिका उर्मिला सैनी व पुजारी शुभम ने कहा कि दूसरे नवरात्र पर मां ब्रह्मचारिणी की पूजा का विशेष महत्व है। मां ब्रह्मचारिणी तप, संयम और साधना की देवी हैं, जो भक्तों को धैर्य, शक्ति और ज्ञान प्रदान करती हैं। इस वर्ष हमने भक्तों की सुविधा और सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा है। मंदिर को पूरी तरह से सजाया गया है और सभी आवश्यक व्यवस्थाओं का ध्यान रखा गया है ताकि भक्तजन आराम से मां की आराधना कर सकें।
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मां ब्रह्मचारिणी की उपासना से साधकों को संयम और आत्मशक्ति प्राप्त होती है
मंदिर संचालिका उर्मिला सैनी व पुजारी शुभम ने बताया कि पूजा-अर्चना और हवन यज्ञ के महत्व को बताते हुए कहा कि दूसरे नवरात्र पर मां ब्रह्मचारिणी की उपासना से साधकों को संयम और आत्मशक्ति प्राप्त होती है। उनकी पूजा जीवन में कठिनाइयों का सामना करने की क्षमता प्रदान करती है। शुक्रवार काे विशेष हवन यज्ञ का आयोजन किया जिसमें भक्तों ने मां ब्रह्मचारिणी से सुख, समृद्धि और ज्ञान की प्राप्ति की कामना की। हवन यज्ञ के माध्यम से वातावरण को भी शुद्ध किया गया जिससे चारों ओर सकारात्मक ऊर्जा का संचार हुआ।