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लाइन लॉस फार्मूले के विरोध में सड़क पर उतरे बापोड़ा के ग्रामीण
bhiwani
Updated Sat, 29 Apr 2017 12:24 AM IST
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220 केवी सबस्टेशन पर जड़ा ताला, जाम में पहुंचे एक्सईएन
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बिजली निगम के लाइन लॉस फार्मूले के विरोध में बापोड़ा के ग्रामीण सड़क पर उतरे और तीन घंटे तक मुख्य मार्ग जाम कर रोष जताया। इस दौरान उन्होंने 220 केवी सबस्टेशन पर ताला जड़ दिया।
ग्रामीणों के जाम के आगे बिजली निगम झुका और तुरंत 18 की बजाय 20 घंटे बिजली सप्लाई करने का आश्वासन दिया। एक सप्ताह बाद एक घंटा और बिजली सप्लाई बढ़ेगी। ग्रामीणों ने बिजली निगम अधिकारी से लिखित में लिया।
बिजली निगम के लाइन लॉस फार्मूले के विरोध में अब लोग सड़कों पर उतर आए हैं। इसके तहत 220 केवी बापोड़ा बिजलीघर में 40 फीसदी से अधिक लाइन लॉस बताकर छह घंटे बिजली कट लगाए जा रहे है। बापोड़ा गांव में छह घंटे बिजली कट लगाए जा रहे है। इसी मसले पर तीन दिन पहले गांव में पंचायत हुई और बिजली निगम अधिकारियों को चेतावनी दी गई कि दो दिन में 22 घंटे बिजली नहीं दी गई तो रोड जाम किया जाएगा।
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शुक्रवार सुबह करीब नौ बजे बापोड़ा गांव के ग्रामीण सड़क पर उतरे। सबसे पहले 220केवी सबस्टेशन पहुंचकर कर्मचारियों को बाहर निकाल ताला जड़ दिया और फिर मुख्य मार्ग को जाम कर दिया। ग्रामीणों ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारे लगाए। ग्रामीणों ने झाड़ियां डालकर व बीच सड़क बैठ मुख्य मार्ग को पूरी तरह जाम कर दिया। जाम की सूचना पर सदर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। मगर ग्रामीण मौके पर ही 22 घंटे बिजली सप्लाई की मांग पर अड़े रहे। ग्रामीणों का विरोध बढ़ा तो बिजली निगम के एक्सईएन रणवीर सिंह ग्रामीणों के बीच पहुंचे और समझाने का प्रयास किया। मगर ग्रामीण नहीं बाद। जिसके बाद एक्सईएन ने अपने उच्च अधिकारियों से बातचीत की। करीब तीन घंटे बाद बिजली सप्लाई 18 की बजाए 20 घंटे करने और एक सप्ताह बाद इसे 21 घंटे करने पर सहमति बनी। ग्रामीणों ने एक्सईएन से लिखित में समझौता किया। समझौता होने के बाद जाम खोला गया। जाम के कारण मार्ग के दोनों ओर वाहनों की कतार लगी थी और जाम खुलने के बाद राहगीरों ने राहत की सांस ली।
24 घंटे बिजली सप्लाई के समझौते के कारण दी थी जमीन
गांव के सरपंच नरेश कुमार, पूर्व सरपंच जगदीश, सुनील ठेकेदार, चेयरमैन मित्रपाल सिंह ने बताया कि गांव ने बिजलीघर के लिए नि:शुल्क जमीन दी। उस समय 24 घंटे बिजली देने की बात कही थी। अब लाइन लॉस के नाम पर छह घंटे बिजली काटी जा रही है। जबकि गांव के सबसे ज्यादा ग्रामीण बिल भरते है। यहीं से इंडस्ट्रीज व कुछ गांवों को भी बिजली सप्लाई की जाती है। उनके यहां लाइन लॉस होगा और खामियाजा हम भुगत रहे है। इस मौके पर विक्रम सिंह, सतीश, हरि कुमार, तेजबीर, सुनील, केशव ठेकेदार, उमेद, कृष्ण नंबरदार, सतपाल, अमरचंद आदि ग्रामीण मौजूद रहे।
कुछ लोगों की गलती का खामियाजा सभी क्यों भुगतें
ग्रामीणों ने कहा कि बिजली निगम की लाइन लॉस पॉलिसी भी कमाल है। बिजली चोरी 15 से 20 प्रतिशत लोग कर रहे हैं मगर खामियाजा बिल भरने वाले 80 प्रतिशत लोग उठा रहे हैं। बिजली निगम अधिकारी लाइन लॉस कम करने केलिए बिजली चोरी रोकने के प्रयास करें, हम सहयोग करेंगे। डिफाल्टरों से रिकवरी की जाए। ग्रामीण पूरा सहयोग करेंगे। जिसके बाद बिजली निगम अधिकारियों ने रिकवरी के लिए एक सप्ताह तक गांव में कैंप लगाने का निर्णय लिया।
वर्जन:::
लाइन लॉस के कारण छह घंटे कट लगाए जा रहे थे। अब ग्रामीणों की मांग पर 18 की बजाए 20 घंटे बिजली सप्लाई की जाएगी। एक सप्ताह तक रिकवरी के लिए कैंप लगाया जाएगा। एक सप्ताह बाद एक घंटा और बिजली सप्लाई बढ़ाई जाएगी।
रणवीर सिंह, एक्सईएन, बिजली निगम
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ग्रामीणों के जाम के आगे बिजली निगम झुका और तुरंत 18 की बजाय 20 घंटे बिजली सप्लाई करने का आश्वासन दिया। एक सप्ताह बाद एक घंटा और बिजली सप्लाई बढ़ेगी। ग्रामीणों ने बिजली निगम अधिकारी से लिखित में लिया।
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बिजली निगम के लाइन लॉस फार्मूले के विरोध में अब लोग सड़कों पर उतर आए हैं। इसके तहत 220 केवी बापोड़ा बिजलीघर में 40 फीसदी से अधिक लाइन लॉस बताकर छह घंटे बिजली कट लगाए जा रहे है। बापोड़ा गांव में छह घंटे बिजली कट लगाए जा रहे है। इसी मसले पर तीन दिन पहले गांव में पंचायत हुई और बिजली निगम अधिकारियों को चेतावनी दी गई कि दो दिन में 22 घंटे बिजली नहीं दी गई तो रोड जाम किया जाएगा।
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शुक्रवार सुबह करीब नौ बजे बापोड़ा गांव के ग्रामीण सड़क पर उतरे। सबसे पहले 220केवी सबस्टेशन पहुंचकर कर्मचारियों को बाहर निकाल ताला जड़ दिया और फिर मुख्य मार्ग को जाम कर दिया। ग्रामीणों ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारे लगाए। ग्रामीणों ने झाड़ियां डालकर व बीच सड़क बैठ मुख्य मार्ग को पूरी तरह जाम कर दिया। जाम की सूचना पर सदर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। मगर ग्रामीण मौके पर ही 22 घंटे बिजली सप्लाई की मांग पर अड़े रहे। ग्रामीणों का विरोध बढ़ा तो बिजली निगम के एक्सईएन रणवीर सिंह ग्रामीणों के बीच पहुंचे और समझाने का प्रयास किया। मगर ग्रामीण नहीं बाद। जिसके बाद एक्सईएन ने अपने उच्च अधिकारियों से बातचीत की। करीब तीन घंटे बाद बिजली सप्लाई 18 की बजाए 20 घंटे करने और एक सप्ताह बाद इसे 21 घंटे करने पर सहमति बनी। ग्रामीणों ने एक्सईएन से लिखित में समझौता किया। समझौता होने के बाद जाम खोला गया। जाम के कारण मार्ग के दोनों ओर वाहनों की कतार लगी थी और जाम खुलने के बाद राहगीरों ने राहत की सांस ली।
24 घंटे बिजली सप्लाई के समझौते के कारण दी थी जमीन
गांव के सरपंच नरेश कुमार, पूर्व सरपंच जगदीश, सुनील ठेकेदार, चेयरमैन मित्रपाल सिंह ने बताया कि गांव ने बिजलीघर के लिए नि:शुल्क जमीन दी। उस समय 24 घंटे बिजली देने की बात कही थी। अब लाइन लॉस के नाम पर छह घंटे बिजली काटी जा रही है। जबकि गांव के सबसे ज्यादा ग्रामीण बिल भरते है। यहीं से इंडस्ट्रीज व कुछ गांवों को भी बिजली सप्लाई की जाती है। उनके यहां लाइन लॉस होगा और खामियाजा हम भुगत रहे है। इस मौके पर विक्रम सिंह, सतीश, हरि कुमार, तेजबीर, सुनील, केशव ठेकेदार, उमेद, कृष्ण नंबरदार, सतपाल, अमरचंद आदि ग्रामीण मौजूद रहे।
कुछ लोगों की गलती का खामियाजा सभी क्यों भुगतें
ग्रामीणों ने कहा कि बिजली निगम की लाइन लॉस पॉलिसी भी कमाल है। बिजली चोरी 15 से 20 प्रतिशत लोग कर रहे हैं मगर खामियाजा बिल भरने वाले 80 प्रतिशत लोग उठा रहे हैं। बिजली निगम अधिकारी लाइन लॉस कम करने केलिए बिजली चोरी रोकने के प्रयास करें, हम सहयोग करेंगे। डिफाल्टरों से रिकवरी की जाए। ग्रामीण पूरा सहयोग करेंगे। जिसके बाद बिजली निगम अधिकारियों ने रिकवरी के लिए एक सप्ताह तक गांव में कैंप लगाने का निर्णय लिया।
वर्जन:::
लाइन लॉस के कारण छह घंटे कट लगाए जा रहे थे। अब ग्रामीणों की मांग पर 18 की बजाए 20 घंटे बिजली सप्लाई की जाएगी। एक सप्ताह तक रिकवरी के लिए कैंप लगाया जाएगा। एक सप्ताह बाद एक घंटा और बिजली सप्लाई बढ़ाई जाएगी।
रणवीर सिंह, एक्सईएन, बिजली निगम