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Bhiwani: शिकारियों ने मादा गीदड़ को छर्रे से किया गंभीर घायल, वन्य प्राणी विभाग की टीम ने किया रेस्क्यू
Sat, 06 May 2023 09:02 PM IST
भूपेंद्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी (हरियाणा)
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Sat, 06 May 2023 09:02 PM IST
सार
शिकारी रफूचक्कर हो गए। मौके पर पहुंचे पशु चिकित्सक से प्राथमिक उपचार दिलाया। डायल 112 की टीम मौके पर पहुंची। इसके बाद बवानीखेड़ा पुलिस थाना से भी लालजीत यादव पहुंचे।
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मादा गिदड़ का दवाई लगाते वन्य प्राणी विभाग के अधिकारी।
- फोटो : संवाद
विस्तार
हरियाणा के भिवानी के गांव धनाना से पुर की तरफ जाटू साभेनवाला जोहड़ के समीप खेतों में दो शिकारियों ने बंदूक के छर्रे से एक मादा गीदड़ को गंभीर रूप से घायल कर दिया। इसी दौरान गोली चलने की आवाज पास में ही खेत में काम करने वाले संदीप घनघस ने सुनी तो वहां दौड़कर पहुंचा। यह देखकर शिकारी वहां से रफूचक्कर हो गए। जबकि गंभीर रूप से घायल मादा गीदड़ के संबंध में डायल 112 और वन्य प्राणी विभाग को सूचना दी।
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डायल 112 की टीम मौके पर पहुंची। इसके बाद बवानीखेड़ा पुलिस थाना से भी लालजीत यादव पहुंचे। वन्य प्राणी विभाग के सोनू राठी व कृष्ण कुमार ने घायल मादा गीदड़ को रेस्क्यू करने की कोशिश की, मगर गंभीर रूप से घायल मादा बुरी तरह से घबराई हुई थी।
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पशु चिकित्सक डॉ. नरेंद्र खटक मौके पर पहुंचे और वन्य प्राणी विभाग कर्मचारियों की सहायता से उसे काबू कर प्राथमिक उपचार दिया। उसके बाद घायल मादा गीदड़ को रेस्क्यू कर पिकअप डाला में वन्य प्राणी विभाग की टीम अपने साथ लेकर चली गई।
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धनाना निवासी संदीप घनघस ने बताया कि पड़ोसी गांव के दो व्यक्ति बंदूक लेकर अवैध रूप से गीदड़ का शिकार कर रहे थे। ये युवक इस गीदड़ को मारकर उससे कोई दवा बनाने की बात भी कह रहे थे, लेकिन जब डायल 112 को सूचना दी तो वे मौका पाकर भाग खड़े हुए। वहीं घायल गीदड़ को वन्य प्राणी विभाग की टीम के हवाले किया गया है।
संदीप ने बताया कि खेतों में गीदड़ के अलावा नीलगाय भी यहां काफी मात्रा में हैं। ऐसे में इनके अवैध शिकारी भी यहां सक्रिय रहते हैं। इस तरह के दुर्लभ जीवों को बचाने के लिए जिला प्रशासन द्वारा अवैध रूप से शिकार करने वालों पर शिकंजा कसा जाए, ताकि इनकी विलुप्त हो रही आबादी को बचाया जा सके।
गांव धनाना के समीप खेतों से मादा गीदड़ को रेस्क्यू कर लघु चिड़ियाघर में लाया गया है। पशु चिकित्सक से घायल गीदड़ का मौके पर प्राथमिक उपचार कराया था। उसे बंदूक के छर्रे लगे थे। फिलहाल उसे वन्य प्राणी विभाग की निगरानी में रखकर उपचार कराया जा रहा है। - सोनू राठी, वाइल्ड लाइफ गार्ड भिवानी