{"_id":"64dd0c21ecfef8f5840c4643","slug":"bhiwani-subsidy-in-the-name-of-drip-irrigation-was-grabbed-by-showing-more-land-on-paper-2023-08-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bhiwani: किसानों की जमीन कागजों में ज्यादा दिखाकर हड़पी टपका सिंचाई के नाम पर सब्सिडी, धोखाधड़ी का केस दर्ज","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम","slug":"crime"}}
Bhiwani: किसानों की जमीन कागजों में ज्यादा दिखाकर हड़पी टपका सिंचाई के नाम पर सब्सिडी, धोखाधड़ी का केस दर्ज
Wed, 16 Aug 2023 11:19 PM IST
भूपेंद्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, तोशाम, भिवानी (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, तोशाम, भिवानी (हरियाणा)
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Wed, 16 Aug 2023 11:19 PM IST
सार
पुलिस ने उक्त लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज कर तहकीकात शुरू कर दी है।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
हरियाणा के भिवानी जिले के तोशाम क्षेत्र के गांव मिरान के किसानों की जमीन कागजातों में ज्यादा दर्शाकर ड्रिप व टपका सिंचाई के नाम पर फर्जी तरीके से सब्सिडी हड़पने का मामला सामने आया है। मुख्यमंत्री उड़नदस्ते की शिकायत पर धोखाधड़ी का केस दर्ज हुआ है।
विज्ञापन
मुख्यमंत्री उड़नदस्ता रोहतक ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि जिला भिवानी के किसानों को प्रदेश सरकार के कृषि विभाग की ओर से मिनी ड्रिप लगवाने पर सब्सिडी दी जाती है। वर्ष 2018-19 के अनुसार मिरान निवासी रवि, कुलदीप, सुनीता देवी, हबीब ने इस योजना के तहत फर्जी तरीके से एजेंसी डीलर रवि व कृषि विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों से मिलीभगत करके दस्तावेजों में कम जमीन को ज्यादा दर्शाकर व जमीन खुद के नाम हुए बिना भी सब्सिडी प्राप्त करके सरकार के राजस्व को हानि पहुंचाई है। जांच के दौरान सहायक भूमि संरक्षण अधिकारी कार्यालय भिवानी से रिकॉर्ड प्राप्त किया गया।
विज्ञापन
रिकाॅर्ड के अवलोकन से पाया गया कि वर्ष 2018-19 में बलवान ने 12 एकड़ भूमि पर 3 लाख 81 हजार 50 रुपये, प्रेम ने 12 एकड़ भूमि पर 3 लाख 83 हजार 200 रुपये की सब्सिडी ले रखी है। उपरोक्त जमीन पर रवि, कुलदीप ने भी सब्सिडी ले रखी है, जबकि रिकार्ड के अनुसार रवि व कुलदीप के नाम रेवेन्यू विभाग में कोई जमीन नहीं है। उक्त जमीन पर वर्ष 2018-19 में रवि ने 2 लाख 18 हजार 263 रुपये व कुलदीप ने 3 लाख 3 हजार 8 रुपये कृषि विभाग के माध्यम से अनुदान प्राप्त किया है।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि नियमों के अनुसार अनुदान उसी व्यक्ति को दिया जाता है, जिसके नाम जमीन होती है। वर्ष 2018-19 में मिनी ड्रीप, टपका सिस्टम से किसानों को अनुदान को अधिकारी व कर्मचारियों के साथ मिलीभगत करके झूठी भौतिक निरीक्षण रिपोर्ट तैयार करवाकर एक ही जमीन पर दोबारा से अनुदान राशि प्राप्त करके सरकार के राजस्व को कुल 5 लाख 21 हजार 271 रुपये की हानि पहुंचाई है। पुलिस ने उक्त लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज कर तहकीकात शुरू कर दी है।