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पालवास की सरपंच व पति के खिलाफ मामला दर्ज
ब्यूरो अमर उजाला
Updated Thu, 12 May 2016 12:56 AM IST
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क्राइम
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फर्जी शैक्षणिक कागजात के आधार पर चुनाव लडने के आरोप में पुलिस ने पालवास गांव की सरपंच व उनके पति के खिलाफ धोखाधड़ी व अन्य धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया है। सदर थाना पुलिस ने यह कार्यवाही कोर्ट के आदेश पर की है। साथ ही अदालत ने पुलिस को दो माह के भीतर मामले की जांच करके रिपोर्ट सौंपने को कहा है।
गांव के ही रणबीर सिंह ने अदालत में इस्तगासा दायर कर आरोप लगाया था कि ग्राम पंचायत के चुनाव में विजयी प्रत्याशी ने सुनीता नामक महिला फर्जी की मार्कशीट तैयार कर ली। उसने सुनीता के नाम से फर्जी मार्कशीट तैयार की और चुनाव में नामांकन पत्र दाखिल क्योंकि वह 10वीं पास नहीं थी। इसलिए चुनाव लडने के लिए अपने पति की मदद से सुनीता के नाम से अपना नामांकन पत्र दाखिल कर दिया। जबकि अन्य दस्तावेजों राशन कार्ड, बैंक की कॉपी व अन्य रिकार्ड में उसके खुद के नाम से दर्ज है। पंचायत चुनाव के नामांकन में उसने अपनी आयु 39 साल दर्ज करवाई जबकि मार्कशीट के अनुसार उसकी आयु 47 साल बनती है। सरपंच के पति ने भी शपथ पत्र देकर अपनी पत्नी का नाम सुनीता ही बताया था।
शिकायतकर्ता ने इस मामले की शिकायत एसएचओ सदर, एसपी, उपायुक्त व सीएम विंडो पर भी दी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। अदालत ने इस मामले में संज्ञान लेते हुए सदर थाने के एसएचओ को आरोपी सरपंच व उसके पति के खिलाफ मामला दर्ज करने के आदेश दिए। अदालत के आदेश पर सदर थाना पुलिस ने सरपंच व उनके पति के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है।
गांव के ही रणबीर सिंह ने अदालत में इस्तगासा दायर कर आरोप लगाया था कि ग्राम पंचायत के चुनाव में विजयी प्रत्याशी ने सुनीता नामक महिला फर्जी की मार्कशीट तैयार कर ली। उसने सुनीता के नाम से फर्जी मार्कशीट तैयार की और चुनाव में नामांकन पत्र दाखिल क्योंकि वह 10वीं पास नहीं थी। इसलिए चुनाव लडने के लिए अपने पति की मदद से सुनीता के नाम से अपना नामांकन पत्र दाखिल कर दिया। जबकि अन्य दस्तावेजों राशन कार्ड, बैंक की कॉपी व अन्य रिकार्ड में उसके खुद के नाम से दर्ज है। पंचायत चुनाव के नामांकन में उसने अपनी आयु 39 साल दर्ज करवाई जबकि मार्कशीट के अनुसार उसकी आयु 47 साल बनती है। सरपंच के पति ने भी शपथ पत्र देकर अपनी पत्नी का नाम सुनीता ही बताया था।
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शिकायतकर्ता ने इस मामले की शिकायत एसएचओ सदर, एसपी, उपायुक्त व सीएम विंडो पर भी दी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। अदालत ने इस मामले में संज्ञान लेते हुए सदर थाने के एसएचओ को आरोपी सरपंच व उसके पति के खिलाफ मामला दर्ज करने के आदेश दिए। अदालत के आदेश पर सदर थाना पुलिस ने सरपंच व उनके पति के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है।
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