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गैंग सरगना को गुर्गों व हथियारों सहित राजस्थान से सीआईए ने दबोचा
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 16 Jan 2017 01:11 AM IST
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- फोटो : social media
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दादरी, भिवानी व रेवाड़ी जिलों में लूटपाट, हत्या, डकैती के एक दर्जन से अधिक मामलों में संलिप्त प्रदीप कासनी गैंग के सरगना सहित तीन गुर्गों को दबोचने में दादरी सीआई को रविवार शाम सफलता हाथ लगी है। चरखी दादरी जिले में गैंगवार के चलते दो हत्याएं करने वाले गैंग सरगना प्रदीप पर हाल ही में बीस हजार रुपये की ईनामी राशि भी पुलिस ने घोषित की थी। इन चारों को राजस्थान के राजसमंद जिले से गिरफ्तार किया गया है। इनके पास से पुलिस को दो अवैध पिस्तौल, तीन जिंदा कारतूस व एक गाड़ी भी बरामद हुई है। पुलिस गिरफ्त में आने से पहले इन्होंने पुलिस टीम पर फायरिंग का प्रयास भी किया। जिसे पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए नाकाम कर दिया। चारों आरोपियों को सोमवार सुबह कोर्ट में पेश किया जाएगा। चरखी दादरी जिला पुलिस कप्तान ने प्रैस वार्ता के दौरान इस मामले का खुलासा किया है। पकड़े गए आरोपियों में प्रदीप, अमरदीप उर्फ भूरिया, राजबीर व दीपक उर्फ टिंकू के नाम शामिल है।
प्रदीप गैंग की गिरफ्तारी को लेकर एसपी सुनील दलाल ने बताया कि ये आरोपी पुलिस को चकमा देने के लिए गाड़ी में फर्जी नंबर प्लेट व पुलिस वर्दी का प्रयोग करते थे। इनमें से एक आरोपी अमरदीप उर्फ भूरिया बावानीखेड़ा में डॉ. अरोड़ा पर फायरिंग करने का नामजद आरोपी था। इसके अलावा अमरदीप पर हत्या, हत्या का प्रयास, लूटपाट के पांच मामले दर्ज थे। वहीं, गैंग सरगना प्रदीप कासनी पर दादरी, बौंद व रेवाड़ी के थानों में भी हत्या, लूटपाट व डकैती के पांच मामले दर्ज थे। प्रदीप ने अपने गुर्गों के साथ मिलकर जिले के गांव ढाणी फौगाट निवासी खिलावनचंद की दस अगस्त व काला गैंग सरगना सतेंद्र की तीन जनवरी को गोलियां मारकर हत्या की थी। सतेंद्र मर्डर के बाद से ही ये राजस्थान में रह रहे थे। एसपी सुनील दलाल ने बताया कि पुलिस को सूत्रों से खबर मिली थी कि प्रदीप अपने गुर्गों के साथ हरियाणा में आकर अपने बड़े भाई संदीप कासनी हत्याकांड के तीन अभियुक्तों के मर्डर की प्लानिंग में है जबकि हत्यारोपी गैंग सरगना सहित दो को वो पहले ही मौत के घाट उतार चुका है। एसपी ने बताया कि जब दादरी सीआईए का प्रदीप कासनी गैंग से आमना-सामना हुआ तो इन्होंने फायरिंग का प्रयास भी किया, लेकिन पुलिस टीम ने इस साजिश को नाकाम कर दिया। एसपी ने बताया कि भिवानी निवासी चिकित्सक डॉ. केएल बावा हत्याकांड के तार भी इनसे जुड़े होने की पुलिस को आशंका है। इस हत्याकांड में पुलिस के हाथ जो क्लयू लगा है उसमें जो लोग उन्हे स्कोर्पियों गाड़ी में लेकर जा रहे हैं, उन्होंने पुलिस वर्दी पहनी है।
गैंग सरगना पर बीस हजार की ईनामी राशि हमने घोषित की थी। गिरफ्तारी से पहले इन्होंने पुलिस के साथ मठभेड़ का प्रयास भी किया। इनके कब्जे से एक नौ एमए पिस्टल, एक 315 बोर पिस्टल, तीन जिंदा कारतूस व एक फर्जी नंबर प्लेट लगी स्विफ्ट डिजायर कार बरामद हुई है। सोमवार को इन्हें कोर्ट में पेश कर पुलिस रिमांड पर ले सकती है, ताकि अन्य अनट्रेस वारदातों को भी सुलझाया जा सके। प्रदीप का साथी पचास हजार के ईनामी बदमाश पवन अभी पुलिस गिरफ्त से बाहर है।
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सुनील दलाल,एसप ी, चरखी दादरी
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प्रदीप गैंग की गिरफ्तारी को लेकर एसपी सुनील दलाल ने बताया कि ये आरोपी पुलिस को चकमा देने के लिए गाड़ी में फर्जी नंबर प्लेट व पुलिस वर्दी का प्रयोग करते थे। इनमें से एक आरोपी अमरदीप उर्फ भूरिया बावानीखेड़ा में डॉ. अरोड़ा पर फायरिंग करने का नामजद आरोपी था। इसके अलावा अमरदीप पर हत्या, हत्या का प्रयास, लूटपाट के पांच मामले दर्ज थे। वहीं, गैंग सरगना प्रदीप कासनी पर दादरी, बौंद व रेवाड़ी के थानों में भी हत्या, लूटपाट व डकैती के पांच मामले दर्ज थे। प्रदीप ने अपने गुर्गों के साथ मिलकर जिले के गांव ढाणी फौगाट निवासी खिलावनचंद की दस अगस्त व काला गैंग सरगना सतेंद्र की तीन जनवरी को गोलियां मारकर हत्या की थी। सतेंद्र मर्डर के बाद से ही ये राजस्थान में रह रहे थे। एसपी सुनील दलाल ने बताया कि पुलिस को सूत्रों से खबर मिली थी कि प्रदीप अपने गुर्गों के साथ हरियाणा में आकर अपने बड़े भाई संदीप कासनी हत्याकांड के तीन अभियुक्तों के मर्डर की प्लानिंग में है जबकि हत्यारोपी गैंग सरगना सहित दो को वो पहले ही मौत के घाट उतार चुका है। एसपी ने बताया कि जब दादरी सीआईए का प्रदीप कासनी गैंग से आमना-सामना हुआ तो इन्होंने फायरिंग का प्रयास भी किया, लेकिन पुलिस टीम ने इस साजिश को नाकाम कर दिया। एसपी ने बताया कि भिवानी निवासी चिकित्सक डॉ. केएल बावा हत्याकांड के तार भी इनसे जुड़े होने की पुलिस को आशंका है। इस हत्याकांड में पुलिस के हाथ जो क्लयू लगा है उसमें जो लोग उन्हे स्कोर्पियों गाड़ी में लेकर जा रहे हैं, उन्होंने पुलिस वर्दी पहनी है।
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गैंग सरगना पर बीस हजार की ईनामी राशि हमने घोषित की थी। गिरफ्तारी से पहले इन्होंने पुलिस के साथ मठभेड़ का प्रयास भी किया। इनके कब्जे से एक नौ एमए पिस्टल, एक 315 बोर पिस्टल, तीन जिंदा कारतूस व एक फर्जी नंबर प्लेट लगी स्विफ्ट डिजायर कार बरामद हुई है। सोमवार को इन्हें कोर्ट में पेश कर पुलिस रिमांड पर ले सकती है, ताकि अन्य अनट्रेस वारदातों को भी सुलझाया जा सके। प्रदीप का साथी पचास हजार के ईनामी बदमाश पवन अभी पुलिस गिरफ्त से बाहर है।
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सुनील दलाल,एसप ी, चरखी दादरी