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मेडिकल कॉलेज में इसी साल से शुरू होगी पढ़ाई, 21 एकड़ में होगा अस्पताल
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मेडिकल कॉलेज में अगस्त से शुरू होगी पढ़ाई, 100 सीटें होंगी
- चंडीगढ़ में एसीएस ने कॉलेज निर्माण और अस्पताल नवीनीकरण को लेकर अधिकारियों के साथ की बैठक
-आठ से 10 कमरों का टीचिंग ब्लॉक तलाशने के निर्देश, 21 एकड़ में होगा अस्पताल
अमर उजाला ब्यूरो
भिवानी। सब कुछ ठीक रहा तो इसी साल भिवानी में प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज में शीघ्र दाखिला प्रक्रिया शुरू होकर अगस्त में पढ़ाई शुरू हो जाएगी। अतिरिक्त मुख्य सचिव अमित झा ने तैयारियों को लेकर चंडीगढ़ में अधिकारियों की बैठक लेकर कक्षाएं लगाने के लिए आठ से 10 कमरों का भवन तलाशने के निर्देश दिए हैं। स्थानीय अधिकारियों का प्रयास है कि अस्पताल में ही तीसरी मंजिल पर खाली भवन में कक्षाएं लगाई जाएं। इसके लिए गठित की गई टीम शीघ्र निरीक्षण करेगी। साथ ही, इस अस्पताल के नवीनीकरण की प्रक्रिया भी तेज हो गई है। उपायुक्त ने अस्पताल के साथ लगती विभिन्न विभागों की चार एकड़ जमीन और जिला पुनर्वास केंद्र के पास वाली चार एकड़ सरकारी जमीन को स्वास्थ्य विभाग को देने का निर्णय लिया है। शुरुआत में 100 सीटों के साथ मेडिकल कॉलेज में पढ़ाई शुरू की जाएगी।
पांच साल से अटका निर्माण
बता दें कि वर्ष 2013-14 में भिवानी में मेडिकल कॉलेज के निर्माण की घोषणा करते हुए शिलान्यास किया गया था। पहले जमीन और फिर अन्य कारणों से पांच साल बाद भी निर्माण लटका है। सरकार ने मेडिकल कॉलेज के लिए प्रेम नगर गांव में 25 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया है।
निरीक्षण कमेटी में पीजीआई रोहतक के निदेशक भी शामिल
इस मामले में गठित निरीक्षण कमेटी में पीजीआईएमएस रोहतक के निदेशक, नूंह मेडिकल कॉलेज के निदेशक के अलावा भिवानी डीसी, सिविल सर्जन को भी शामिल किया जा रहा है। सिविल सर्जन के अनुसार, भिवानी अस्पताल में ही तृतीय तल का ब्लॉक पूरी तरह खाली है। इसे टीचिंग ब्लॉक के रूप में प्रयोग किया जा सकता है। कमेटी की फाइनल रिपोर्ट के बाद योजना चालू होगी।
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स्वास्थ्य विभाग को मिली आठ एकड़ जमीन
सामान्य अस्पताल फिलहाल तीन सौ बिस्तर का है। 13 एकड़ में फैला हुआ है। मेडिकल कॉलेज के लिए कम से कम 500 बिस्तर का अस्पताल होना जरूरी है। इसी कड़ी में अस्पताल के साथ लगती विभिन्न विभागों की करीब चार एकड़ जमीन को स्वास्थ्य विभाग को सौंपने का निर्णय लिया है। इसके अलावा वैश्य कॉलेज के सामने तोशाम बाईपास ओवरब्रिज के नजदीक स्थित पुनर्वास केंद्र के पास की करीब चार एकड़ सरकारी जमीन को भी स्वास्थ्य विभाग को दिया जाएगा। नियमानुसार आठ किलोमीटर के दायरे में मेडिकल कॉलेज के पास अस्पताल होना चाहिए और भिवानी नागरिक अस्पताल और प्रेम नगर के बीच की दूरी छह से सात किलोमीटर की है।
मेडिकल कॉलेज इसी सत्र से शुरू करने की तैयारी चल रही है। अतिरिक्त मुख्य सचिव ने कक्षाएं शुरू करने के लिए भवन तलाशने को कहा है। अस्पताल में ही तीसरी मंजिल पर जगह है। कमेटी को जगह दिखाई जाएगी। प्रयास है कि अगस्त माह से शुरू हो रहे सत्र में दाखिले हो और कक्षाएं चालू हो जाए। अस्पताल के साथ लगती विभिन्न विभागों की चार एकड़ जमीन और पुनर्वास केंद्र के पास वाली चार एकड़ सरकारी जमीन भी स्वास्थ्य विभाग को दी जा रही है। योजना है कि आठ एकड़ में दो सौ बिस्तर के अस्पताल अनुसार ओपीडी ब्लॉक तैयार हो और अस्पताल पांच सौ बिस्तर का बनाया जाए। जल्द निर्माण कार्य शुरू होगा।
डॉ. आदित्य स्वरूप गुप्ता, सिविल सर्जन
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- चंडीगढ़ में एसीएस ने कॉलेज निर्माण और अस्पताल नवीनीकरण को लेकर अधिकारियों के साथ की बैठक
-आठ से 10 कमरों का टीचिंग ब्लॉक तलाशने के निर्देश, 21 एकड़ में होगा अस्पताल
अमर उजाला ब्यूरो
भिवानी। सब कुछ ठीक रहा तो इसी साल भिवानी में प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज में शीघ्र दाखिला प्रक्रिया शुरू होकर अगस्त में पढ़ाई शुरू हो जाएगी। अतिरिक्त मुख्य सचिव अमित झा ने तैयारियों को लेकर चंडीगढ़ में अधिकारियों की बैठक लेकर कक्षाएं लगाने के लिए आठ से 10 कमरों का भवन तलाशने के निर्देश दिए हैं। स्थानीय अधिकारियों का प्रयास है कि अस्पताल में ही तीसरी मंजिल पर खाली भवन में कक्षाएं लगाई जाएं। इसके लिए गठित की गई टीम शीघ्र निरीक्षण करेगी। साथ ही, इस अस्पताल के नवीनीकरण की प्रक्रिया भी तेज हो गई है। उपायुक्त ने अस्पताल के साथ लगती विभिन्न विभागों की चार एकड़ जमीन और जिला पुनर्वास केंद्र के पास वाली चार एकड़ सरकारी जमीन को स्वास्थ्य विभाग को देने का निर्णय लिया है। शुरुआत में 100 सीटों के साथ मेडिकल कॉलेज में पढ़ाई शुरू की जाएगी।
पांच साल से अटका निर्माण
बता दें कि वर्ष 2013-14 में भिवानी में मेडिकल कॉलेज के निर्माण की घोषणा करते हुए शिलान्यास किया गया था। पहले जमीन और फिर अन्य कारणों से पांच साल बाद भी निर्माण लटका है। सरकार ने मेडिकल कॉलेज के लिए प्रेम नगर गांव में 25 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया है।
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निरीक्षण कमेटी में पीजीआई रोहतक के निदेशक भी शामिल
इस मामले में गठित निरीक्षण कमेटी में पीजीआईएमएस रोहतक के निदेशक, नूंह मेडिकल कॉलेज के निदेशक के अलावा भिवानी डीसी, सिविल सर्जन को भी शामिल किया जा रहा है। सिविल सर्जन के अनुसार, भिवानी अस्पताल में ही तृतीय तल का ब्लॉक पूरी तरह खाली है। इसे टीचिंग ब्लॉक के रूप में प्रयोग किया जा सकता है। कमेटी की फाइनल रिपोर्ट के बाद योजना चालू होगी।
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स्वास्थ्य विभाग को मिली आठ एकड़ जमीन
सामान्य अस्पताल फिलहाल तीन सौ बिस्तर का है। 13 एकड़ में फैला हुआ है। मेडिकल कॉलेज के लिए कम से कम 500 बिस्तर का अस्पताल होना जरूरी है। इसी कड़ी में अस्पताल के साथ लगती विभिन्न विभागों की करीब चार एकड़ जमीन को स्वास्थ्य विभाग को सौंपने का निर्णय लिया है। इसके अलावा वैश्य कॉलेज के सामने तोशाम बाईपास ओवरब्रिज के नजदीक स्थित पुनर्वास केंद्र के पास की करीब चार एकड़ सरकारी जमीन को भी स्वास्थ्य विभाग को दिया जाएगा। नियमानुसार आठ किलोमीटर के दायरे में मेडिकल कॉलेज के पास अस्पताल होना चाहिए और भिवानी नागरिक अस्पताल और प्रेम नगर के बीच की दूरी छह से सात किलोमीटर की है।
मेडिकल कॉलेज इसी सत्र से शुरू करने की तैयारी चल रही है। अतिरिक्त मुख्य सचिव ने कक्षाएं शुरू करने के लिए भवन तलाशने को कहा है। अस्पताल में ही तीसरी मंजिल पर जगह है। कमेटी को जगह दिखाई जाएगी। प्रयास है कि अगस्त माह से शुरू हो रहे सत्र में दाखिले हो और कक्षाएं चालू हो जाए। अस्पताल के साथ लगती विभिन्न विभागों की चार एकड़ जमीन और पुनर्वास केंद्र के पास वाली चार एकड़ सरकारी जमीन भी स्वास्थ्य विभाग को दी जा रही है। योजना है कि आठ एकड़ में दो सौ बिस्तर के अस्पताल अनुसार ओपीडी ब्लॉक तैयार हो और अस्पताल पांच सौ बिस्तर का बनाया जाए। जल्द निर्माण कार्य शुरू होगा।
डॉ. आदित्य स्वरूप गुप्ता, सिविल सर्जन