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रात में चार दिन की बच्ची को छोड़ा पालने में, अस्पताल में कराया भर्ती
Updated Fri, 07 Jul 2017 12:39 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
भिवानी।
महज चार दिन की बच्ची को बुधवार रात को आश्रम में छोड़कर कोई छोड़ गया। बच्ची को रात करीब सवा एक बजे रखा गया। आश्रम कर्मचारी बच्ची को अस्पताल लेकर पहुंचे और नीकू वार्ड में भर्ती करवाया। बच्ची बिल्कुल स्वस्थ है। पुलिस ने अज्ञात महिला के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
तोशाम बाईपास ओवरब्रिज के पास बाल आश्रम है। इसमें आश्रम प्रबंधन ने पालना गृह आश्रय योजना शुरू की है। इसके तहत बच्चों को लावारिस फेंकने की बजाए आश्रम प्रबंधन को देने का आह्वान किया गया है। अभियान के तहत एक पालना रखा गया है। एक खिड़की बाहर की तरफ बनाई गई है। देर रात करीब सवा एक बजे कोई इस खिड़की से एक बच्ची को पालने में छोड़कर घंटी बजाकर चला गया। घंटी की आवाज सुनकर चौकीदार पहुंचा तो नवजात बच्ची पालने में मिली। इसके बाद होस्टल वार्डन और पुलिस को सूचना दी गई। बच्ची को देर रात ही सामान्य अस्पताल पहुंचाया गया। बच्ची को नीकू वार्ड में रखा गया है। चिकित्सक डॉ. आशीष ने बताया कि बच्ची स्वस्थ है और वह करीब चार दिन की है। आश्रम के सुपरिंटेंडेंट मोहनलाल ने बताया कि बच्ची को कोई रात में छोड़ा गया है। टीआईटी चौकी से इंचार्ज एसआई शमशेर सिंह ने बताया कि बच्ची को छोड़ने के मामले में अज्ञात महिला के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
इस तरह से आने वाली पहली बच्ची बनी
बाल कल्याण विभाग ने करीब छह महीने पहले पालना गृह आश्रय योजना शुरू की गई थी। स्कीम के तहत बाल आश्रम में एक कक्ष बनाया गया है और एक पालना रखा गया है। वीरवार को पालने में बच्ची आने से इस योजना का भी शुभारंभ हो गया। इस योजना के तहत बाल आश्रम में आने वाली यह पहली बच्ची है।
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मुकदमा दर्ज करें या नहीं
पुलिस घंटों असमंजस की स्थिति में रही कि बच्ची को आश्रम में छोड़े जाने पर मुकदमा दर्ज करे या नहीं। नियमानुसार पहले लावारिस बच्चा फेेंकने पर मुकदमे दर्ज होते रहे हैं। अब बाल कल्याण विभाग की योजना पालना गृह आश्रय के तहत बच्ची को छोड़ा गया है। इस कारण पुलिस घंटों असमंजस में रही।
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भिवानी।
महज चार दिन की बच्ची को बुधवार रात को आश्रम में छोड़कर कोई छोड़ गया। बच्ची को रात करीब सवा एक बजे रखा गया। आश्रम कर्मचारी बच्ची को अस्पताल लेकर पहुंचे और नीकू वार्ड में भर्ती करवाया। बच्ची बिल्कुल स्वस्थ है। पुलिस ने अज्ञात महिला के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
तोशाम बाईपास ओवरब्रिज के पास बाल आश्रम है। इसमें आश्रम प्रबंधन ने पालना गृह आश्रय योजना शुरू की है। इसके तहत बच्चों को लावारिस फेंकने की बजाए आश्रम प्रबंधन को देने का आह्वान किया गया है। अभियान के तहत एक पालना रखा गया है। एक खिड़की बाहर की तरफ बनाई गई है। देर रात करीब सवा एक बजे कोई इस खिड़की से एक बच्ची को पालने में छोड़कर घंटी बजाकर चला गया। घंटी की आवाज सुनकर चौकीदार पहुंचा तो नवजात बच्ची पालने में मिली। इसके बाद होस्टल वार्डन और पुलिस को सूचना दी गई। बच्ची को देर रात ही सामान्य अस्पताल पहुंचाया गया। बच्ची को नीकू वार्ड में रखा गया है। चिकित्सक डॉ. आशीष ने बताया कि बच्ची स्वस्थ है और वह करीब चार दिन की है। आश्रम के सुपरिंटेंडेंट मोहनलाल ने बताया कि बच्ची को कोई रात में छोड़ा गया है। टीआईटी चौकी से इंचार्ज एसआई शमशेर सिंह ने बताया कि बच्ची को छोड़ने के मामले में अज्ञात महिला के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
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इस तरह से आने वाली पहली बच्ची बनी
बाल कल्याण विभाग ने करीब छह महीने पहले पालना गृह आश्रय योजना शुरू की गई थी। स्कीम के तहत बाल आश्रम में एक कक्ष बनाया गया है और एक पालना रखा गया है। वीरवार को पालने में बच्ची आने से इस योजना का भी शुभारंभ हो गया। इस योजना के तहत बाल आश्रम में आने वाली यह पहली बच्ची है।
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मुकदमा दर्ज करें या नहीं
पुलिस घंटों असमंजस की स्थिति में रही कि बच्ची को आश्रम में छोड़े जाने पर मुकदमा दर्ज करे या नहीं। नियमानुसार पहले लावारिस बच्चा फेेंकने पर मुकदमे दर्ज होते रहे हैं। अब बाल कल्याण विभाग की योजना पालना गृह आश्रय के तहत बच्ची को छोड़ा गया है। इस कारण पुलिस घंटों असमंजस में रही।