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मोबाइल स्विच ऑफ कर करते थे रैकी और वारदात

Wed, 14 Nov 2018 12:47 AM IST
Updated Wed, 14 Nov 2018 12:47 AM IST
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मोबाइल स्विच ऑफ कर करते थे रैकी और वारदात
अमर उजाला ब्यूरो
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भिवानी। महम रोड पर हनुमान धाम में मुख्य महंत की हत्या कर डकैती करने, नौरंगाबाद गांव के बाबा खेड़ा वाला मंदिर में डकैती करने और हुन्नामल की प्याऊ के पास एक मकान में डकैती का प्रयास करने के आरोप में पकड़े गए छह माह गिरोह के सदस्यों को कोर्ट में पेश कर पांच दिन के रिमांड पर लिया गया है। पूछताछ में सामने आया कि दो से तीन दिन पहले से धार्मिक स्थलों की रैकी करते और फिर वारदात को अंजाम देते। मगर खास बात यह रहती कि ये मोबाइल को रैकी और वारदात के समय स्विच ऑफ रखते थे ताकि पुलिस मोबाइल लोकेशन के जरिये उन तक ना पहुंच सके। पुलिस फिलहाल आरोपियों की तलाश में जुटी है।
उल्लेखनीय है कि भिवानी पुलिस ने छह मार बदमाश गैंग के छह सदस्यों को गिरफ्तार कर शुक्रवार को छह बड़ी वारदातों का खुलासा किया था। इनमें बाबा खेड़ा धाम में डकैती की वारदात के साथ सांपला में बड़ी डकैती और हनुमान धाम महम रोड में महंत सोमवार गिरी की हत्या भी शामिल थी।
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पकड़े गए आरोपियों की पहचान सोनीपत के जिला मुरथल की आरके विकास विकास नगर वासी अजय कुमार, हरिद्वार की घेसुपुरा सपेरा बस्ती वासी गोविंद और संजीप, मुरथल वासी अनिल, सोनीपत वासी रोहित, दिल्ली वासी आफताब मोगली को मंगलवार को कोर्ट में पेश किया गया जहां से उन्हें पांच दिन के रिमांड पर लिया गया। पुलिस बदमाशों से पूछताछ में जुटी है वहीं उनके फरार साथी सोनू की तलाश में भी पुलिस ने छापेमारी की।
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प्राथमिक पूछताछ में सामने आया कि गैंग के सदस्य दो से तीन दिन पहले धाम की रैकी करते और उसमें रूककर वहां रहने वालों का आंकलन करते। उसके बाद तिथि तय कर वारदात करते और सोनीपत पहुंच जाते। भिवानी में की तीनों वारदात में ऐसा ही किया गया। मगर वारदात करने और रैकी के दौरान अपने फोन स्विच ऑफ रखे ताकि कोई उन तक पहुंच ना सके।

सभी ने लगाए अंगूठे
पकड़े गए सभी बदमाशों की उम्र 20 से 30 वर्ष है और सभी अनपढ़ हैं। स्वयं का नाम तक नहीं लिखना आता। इस कारण सभी कागजात पर हस्ताक्षर की जगह अंगूठे लगाए।

अंतरराज्यीय छह माह गिरोह के सदस्यों को कोर्ट में पेश कर पांच दिन के रिमांड पर लिया गया है। पूछताछ की जा रही है। ये वारदात के समय अपने मोबाइल स्विच ऑफ रखते ताकि पकड़े ना जा सके और वारदात स्थल से काफी दूर निकल जाते ताकि पहचान ना हो सके।
-रवींद्र सिंह, इंचार्ज सीआईए
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