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नाला निर्माण इंटों व पाइंपों की खरीद के मामले में धनाना प्रथम की सरपंच को किया सस्पेंड
Updated Tue, 24 Jul 2018 01:32 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
भिवानी। ग्राम पंचायत धनाना-प्रथम की सरपंच को वित्तीय हानि का दोषी मिलने पर उपायुक्त अंशज सिंह ने सरपंच को पदमुक्त कर दिया है। उक्त सरपंच के पास पंचायत की जो भी चल-अचल संपत्ति, धन राशि, रिकार्ड व अन्य संपत्ति है, उसे संबंधित ग्राम सचिव तुरंत अपने चार्ज में लेकर बहुमत रखने वाले पंच को सौंप देने के आदेश दिए हैं। ग्राम धनाना प्रथम के सुरेश, बलवान, धर्मपाल, सज्जन, दिनेश नंबरदार व राजकुमार शर्मा, राजेश ने उपायुक्त को शिकायत में आरोप लगाया था कि गांव धनाना प्रथम की सरपंच सुनीता देवी ने राजेंद्र पुत्र रिसाल से बस स्टैंड धनाना तक नाला निर्माण में एमबी अनुसार चार हजार नई ईंटे दिखाकर गबन किया। इसके अलावा सरपंच द्वारा 9 आरसीसी पाइप स्टॉक रजिस्टर में दर्शाई गई जगह पर नहीं लगवाए और ना ही ग्राम पंचायत का प्रस्ताव पारित किया गया, जिसके लिए सरपंच दोषी है। इसके अलावा सरपंच द्वारा पंचायत के स्टॉक रजिस्टर के साथ छेड़छाड़ किया गया।
आरोप लगाया गया है कि सरकार की ई-टेंडर प्रक्रिया बारे दिशा निर्देशों को बाईपास करके 410 पाइप की खरीद दो अलग-अलग बिलों से जानबूझकर की गई है और उक्त पाइपों की अधिक अदायगी करके राशि का गबन किया है। उक्त कार्य पांच लाख की राशि से अधिक का था और उक्त कार्य ई-टेंडर प्रक्रिया से नहीं करवाया। उपायुक्त ने शिकायत पर संज्ञान लेते हुए हरियाणा पंचायती राज एक्ट 1994 की धारा 51(3)(ड़) के तहत अतिरिक्त उपायुक्त भिवानी को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया। उक्त सरपंच को मुख्य कार्यकारी अधिकारी, जिला परिषद भिवानी की जांच रिपोर्ट दिनांक 02 जुलाई के आधार पर इस कार्यालय द्वार कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। उक्त सरपंच द्वारा दिनांक 13 जुलाई को व्यक्तिगत तौर पर उपस्थित होकर कारण बताओ नोटिस का जवाब दिया गया और अवलोकन उपरांत जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया। रिपोर्ट के आधार पर सरपंच सुनीता देवी को पद से निलंबित करते हुए किसी भी बैठक में भाग लेने से रोक लगाई जाती है।
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भिवानी। ग्राम पंचायत धनाना-प्रथम की सरपंच को वित्तीय हानि का दोषी मिलने पर उपायुक्त अंशज सिंह ने सरपंच को पदमुक्त कर दिया है। उक्त सरपंच के पास पंचायत की जो भी चल-अचल संपत्ति, धन राशि, रिकार्ड व अन्य संपत्ति है, उसे संबंधित ग्राम सचिव तुरंत अपने चार्ज में लेकर बहुमत रखने वाले पंच को सौंप देने के आदेश दिए हैं। ग्राम धनाना प्रथम के सुरेश, बलवान, धर्मपाल, सज्जन, दिनेश नंबरदार व राजकुमार शर्मा, राजेश ने उपायुक्त को शिकायत में आरोप लगाया था कि गांव धनाना प्रथम की सरपंच सुनीता देवी ने राजेंद्र पुत्र रिसाल से बस स्टैंड धनाना तक नाला निर्माण में एमबी अनुसार चार हजार नई ईंटे दिखाकर गबन किया। इसके अलावा सरपंच द्वारा 9 आरसीसी पाइप स्टॉक रजिस्टर में दर्शाई गई जगह पर नहीं लगवाए और ना ही ग्राम पंचायत का प्रस्ताव पारित किया गया, जिसके लिए सरपंच दोषी है। इसके अलावा सरपंच द्वारा पंचायत के स्टॉक रजिस्टर के साथ छेड़छाड़ किया गया।
आरोप लगाया गया है कि सरकार की ई-टेंडर प्रक्रिया बारे दिशा निर्देशों को बाईपास करके 410 पाइप की खरीद दो अलग-अलग बिलों से जानबूझकर की गई है और उक्त पाइपों की अधिक अदायगी करके राशि का गबन किया है। उक्त कार्य पांच लाख की राशि से अधिक का था और उक्त कार्य ई-टेंडर प्रक्रिया से नहीं करवाया। उपायुक्त ने शिकायत पर संज्ञान लेते हुए हरियाणा पंचायती राज एक्ट 1994 की धारा 51(3)(ड़) के तहत अतिरिक्त उपायुक्त भिवानी को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया। उक्त सरपंच को मुख्य कार्यकारी अधिकारी, जिला परिषद भिवानी की जांच रिपोर्ट दिनांक 02 जुलाई के आधार पर इस कार्यालय द्वार कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। उक्त सरपंच द्वारा दिनांक 13 जुलाई को व्यक्तिगत तौर पर उपस्थित होकर कारण बताओ नोटिस का जवाब दिया गया और अवलोकन उपरांत जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया। रिपोर्ट के आधार पर सरपंच सुनीता देवी को पद से निलंबित करते हुए किसी भी बैठक में भाग लेने से रोक लगाई जाती है।
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