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- रिवासा गांव में मिला महिला के शव की आठ दिन बाद भी नहीं हुई शिनाख्त
Updated Wed, 18 Jul 2018 12:40 AM IST
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अज्ञात शवों की पहचान में उलझी पुलिस, छह महीने में मिले 21 शवों की नहीं हुई शिनाख्त
अमर उजाला ब्यूरो
भिवानी। जिले में मिलने वाले अज्ञात शवों की पहचान कर पाना पुलिस के लिए परेशानी का सबब बन गया है। शवों की पहचान नहीं होने वाले केस में पुलिस कुछ दिन बाद रुचि लेनी बंद कर देती हैं और फाइल धूल फांकती रहती है। कई मामले ऐसे भी हैं जिनमें हत्या कहीं और की जाती है, बाद में शव कहीं और फेंक दिया जाता है। ऐसे मामलों में शिनाख्त नहीं होने से हत्यारोपी मामले में आसानी से बच निकलते हैं। जिससे मृतक के ना तो परिजनों का पता चलता है ना ही होने पर हत्यारोपी पुलिस की पकड़ में आते है। ऐसे में हत्या के पीछे के राज फाइलों में दफन होकर रह जाते हैं। आज भी ना जोन कितने ऐसे राज जिले के थानों में रखी फाइलों में दफन है। जिनसे पर्दा उठाने वाला कोई नहीं है।
छह महीने में मिले 21 शव, नहीं हो पाई शिनाख्त
जिले में पिछले छह महीने में जिले के अलग-अलग थानों में 21 शव मिले हैं। जिनकी शिनाख्त पुलिस आज तक नहीं कर पाई है। जब पुलिस ने अज्ञात शवों को का पोस्टमार्टम करवाया तो उनमें कुछ की हत्या की गई थी। पोस्टमार्टम रिर्पोट आने के बाद पुलिस हत्या का केस दर्ज कर लेती है।
इन थानों में मिले इतने शव
थाना शव
तोशाम 3
सिवानी 6
बहल 2
बवानी खेड़ा 2
सदर 6
सिविल लाइन 2
नोट: आंकड़े हरियाणा पुलिस की वेब साइट से लिये गए हैं।
लावारिश शवों का अंतिम संस्कार करने में नप कर्मी करते है आनाकानी
पुलिस को जब भी कोई लावारिश शव मिलता है और उसकी शिनाख्त नहीं होती है तो उसका अंतिम संस्कार करने के लिए नप कर्मचारियों को सौंपती है। नप कर्मचारी अंतिम संस्कार करने से कई बार मना कर देते हैं। नप कर्मचारी संगठन के पदाधिकारी पुरूषोत्तम ने बताया कि लावारिश शव मिलने के बाद 72 घंटे तक डेड हाउस में रखा जाता है, जिससे उसमें कई तहर की बिमारी पैदा हो जाती है। अंतिम संस्कार करने के लिए उन्हें सरकार के लिए कोई सेफ्टी उपकरण नहीं दे रखे। विभाग के डायेक्टर की तरफ से भी अंतिम संस्कार नहीं करने का लेटर आ चुका है। उसके बाद भी इंसानियत के नाते नप कर्मचारी अंतिम संस्कार कर रहे हैं। उनकी मांग है कि ऐसे शवों के लिए शहर में इलेक्ट्रिक हीटर लगाया जाए।
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ये है चर्चित केस
केस वन
थाना सदर क्षेत्र के एक गांव में महिला का कटा हुआ शव का एक हिस्सा कट्टे में मिला था। शव के अन्य हिस्से अलग-अलग स्थान पर मिले थे। पुलिस ने मामले में हत्या का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। पुलिस कुछ दिन तक तो मामले में रात-दिन लगी रही। उसके बाद जब पुलिस के हाथ कुछ नहीं लगा तो केस ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। अब ना तो केस के बारे में कोई पूछने वाला है, ना ही कोई ट्रेस करने वाला।
केस टू
गांव रिवासा में आठ दिन पहले ही एक महिला का लावारिश शव झाड़ियों में पड़ा मिला था। मामले में पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवाया तो सामने आया कि महिला की सिर में चोट मारने के बाद गला घोंटकर हत्या की गई है। पुलिस ने मामले में हत्या का केस दर्ज कर लिया, लेकिन आठ दिन बाद भी शव की शिनाख्त नहीं हो पाई है।
वर्जन
सबसे पहले आसपास के थानों में सबसे पहले मीसिंग पर्सन का पता किया जाता है। साथ ही पूरे हरियाणा के सभी थानों में मैसेज करवाया जाता है ताकि शिनाख्त हो सके। उसके साथ साथ लगते राज्यों में भी मीसिंग पर्सन की लिस्ट मांगी जाती है, ताकि शव की शिनाख्त करवा न्याय किया जा सके। हाल ही में रिवासा में मिले महिला के शव की शिनाख्त के काफी प्रयास किये जा रहे हैं।
गंगाराम पूनिया, एसपी भिवानी।
अमर उजाला ब्यूरो
भिवानी। जिले में मिलने वाले अज्ञात शवों की पहचान कर पाना पुलिस के लिए परेशानी का सबब बन गया है। शवों की पहचान नहीं होने वाले केस में पुलिस कुछ दिन बाद रुचि लेनी बंद कर देती हैं और फाइल धूल फांकती रहती है। कई मामले ऐसे भी हैं जिनमें हत्या कहीं और की जाती है, बाद में शव कहीं और फेंक दिया जाता है। ऐसे मामलों में शिनाख्त नहीं होने से हत्यारोपी मामले में आसानी से बच निकलते हैं। जिससे मृतक के ना तो परिजनों का पता चलता है ना ही होने पर हत्यारोपी पुलिस की पकड़ में आते है। ऐसे में हत्या के पीछे के राज फाइलों में दफन होकर रह जाते हैं। आज भी ना जोन कितने ऐसे राज जिले के थानों में रखी फाइलों में दफन है। जिनसे पर्दा उठाने वाला कोई नहीं है।
छह महीने में मिले 21 शव, नहीं हो पाई शिनाख्त
जिले में पिछले छह महीने में जिले के अलग-अलग थानों में 21 शव मिले हैं। जिनकी शिनाख्त पुलिस आज तक नहीं कर पाई है। जब पुलिस ने अज्ञात शवों को का पोस्टमार्टम करवाया तो उनमें कुछ की हत्या की गई थी। पोस्टमार्टम रिर्पोट आने के बाद पुलिस हत्या का केस दर्ज कर लेती है।
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इन थानों में मिले इतने शव
थाना शव
तोशाम 3
सिवानी 6
बहल 2
बवानी खेड़ा 2
सदर 6
सिविल लाइन 2
नोट: आंकड़े हरियाणा पुलिस की वेब साइट से लिये गए हैं।
लावारिश शवों का अंतिम संस्कार करने में नप कर्मी करते है आनाकानी
पुलिस को जब भी कोई लावारिश शव मिलता है और उसकी शिनाख्त नहीं होती है तो उसका अंतिम संस्कार करने के लिए नप कर्मचारियों को सौंपती है। नप कर्मचारी अंतिम संस्कार करने से कई बार मना कर देते हैं। नप कर्मचारी संगठन के पदाधिकारी पुरूषोत्तम ने बताया कि लावारिश शव मिलने के बाद 72 घंटे तक डेड हाउस में रखा जाता है, जिससे उसमें कई तहर की बिमारी पैदा हो जाती है। अंतिम संस्कार करने के लिए उन्हें सरकार के लिए कोई सेफ्टी उपकरण नहीं दे रखे। विभाग के डायेक्टर की तरफ से भी अंतिम संस्कार नहीं करने का लेटर आ चुका है। उसके बाद भी इंसानियत के नाते नप कर्मचारी अंतिम संस्कार कर रहे हैं। उनकी मांग है कि ऐसे शवों के लिए शहर में इलेक्ट्रिक हीटर लगाया जाए।
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ये है चर्चित केस
केस वन
थाना सदर क्षेत्र के एक गांव में महिला का कटा हुआ शव का एक हिस्सा कट्टे में मिला था। शव के अन्य हिस्से अलग-अलग स्थान पर मिले थे। पुलिस ने मामले में हत्या का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। पुलिस कुछ दिन तक तो मामले में रात-दिन लगी रही। उसके बाद जब पुलिस के हाथ कुछ नहीं लगा तो केस ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। अब ना तो केस के बारे में कोई पूछने वाला है, ना ही कोई ट्रेस करने वाला।
केस टू
गांव रिवासा में आठ दिन पहले ही एक महिला का लावारिश शव झाड़ियों में पड़ा मिला था। मामले में पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवाया तो सामने आया कि महिला की सिर में चोट मारने के बाद गला घोंटकर हत्या की गई है। पुलिस ने मामले में हत्या का केस दर्ज कर लिया, लेकिन आठ दिन बाद भी शव की शिनाख्त नहीं हो पाई है।
वर्जन
सबसे पहले आसपास के थानों में सबसे पहले मीसिंग पर्सन का पता किया जाता है। साथ ही पूरे हरियाणा के सभी थानों में मैसेज करवाया जाता है ताकि शिनाख्त हो सके। उसके साथ साथ लगते राज्यों में भी मीसिंग पर्सन की लिस्ट मांगी जाती है, ताकि शव की शिनाख्त करवा न्याय किया जा सके। हाल ही में रिवासा में मिले महिला के शव की शिनाख्त के काफी प्रयास किये जा रहे हैं।
गंगाराम पूनिया, एसपी भिवानी।