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मोबाइल टावर लगाने के नाम पर ठगे 1.07 लाख
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तोशाम। खरकड़ी माखवान वासी एक व्यक्ति से मोबाइल टावर लगाने के नाम पर एक लाख सात हजार रुपये ठगी करने का मामला प्रकाश में आया है। पुलिस ने शिकायत पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस को दी शिकायत में खरकड़ी माखवान निवासी महेंद्र सिंह ने बताया कि एक दिन उसके दोस्त प्रदीप व सुनील ने राज मल्होत्रा के द्वारा अखबार में दिया इस्तीहार देखा। जिसमे टॉवर लगाने के लिए एक कनाल जमीन देने पर कंपनी अस्का इक्यूपमेंट प्राइवेट लिमिटेड चेन्नई द्वारा जगह का किराया, घर मे एक व्यक्ति को नौकरी व बिजली फ्री देने बारे लिखा गया था। जिस पर प्रदीप ने नौ सितंबर 2013 को 42 हजार, 21 सितंबर को 20 हजार और 29 सितंबर 2013 में 45 हजार रुपये कंपनी प्रतिनिधि की ओर से दिए गए अकाउंट में जमा कराये।
कंपनी प्रतिनिधि ने आश्वासन दिया गया था कि वे जल्द ही टॉवर लगाने का काम शुरु करवा देगें और डाक के द्वारा उनके पास इनकी कंपनी के कुछ कागजात भी भिजवाए थे । महेंद्र सिंह ने बताया कि रकम जमा करवाने के बाद कंपनी प्रतिनिधियों ने 90 हजार रुपये टावर के सामान के लिए जमा कराने का दबाव डाला। लेकिन हमने इस बारे अपनी असमर्थता जाहिर की और कहा कि आपके इस्तीहार में पैसे जमा करवाने बारे कुछ न लिखा था। जब उससे रुपये मांगे तो पहले टाल-मटोल करता रहा। फिर फोन उठाने बंद कर दिए। आरोपी के अकाउंट नंबर के आधार प पता लगा कि उसका अकाउंट दिल्ली में है। महेंद्र ने पुलिस से मामले की जांच कर उसे उसके रुपये दिलाने की मांग की।
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अखबार में विज्ञापन देखकर मोबाइल टॉवर लगवाने के झांसे में आ गया। कंपनी प्रतिनिधि ने उससे मोबाइल टॉवर लगाने के नाम पर एक लाख सात हजार रुपये की ठगी। पुलिस ने महेंद्र सिंह की शिकायत पर नई दिल्ली वासी राज मल्होत्रा के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है।
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पुलिस को दी शिकायत में खरकड़ी माखवान निवासी महेंद्र सिंह ने बताया कि एक दिन उसके दोस्त प्रदीप व सुनील ने राज मल्होत्रा के द्वारा अखबार में दिया इस्तीहार देखा। जिसमे टॉवर लगाने के लिए एक कनाल जमीन देने पर कंपनी अस्का इक्यूपमेंट प्राइवेट लिमिटेड चेन्नई द्वारा जगह का किराया, घर मे एक व्यक्ति को नौकरी व बिजली फ्री देने बारे लिखा गया था। जिस पर प्रदीप ने नौ सितंबर 2013 को 42 हजार, 21 सितंबर को 20 हजार और 29 सितंबर 2013 में 45 हजार रुपये कंपनी प्रतिनिधि की ओर से दिए गए अकाउंट में जमा कराये।
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कंपनी प्रतिनिधि ने आश्वासन दिया गया था कि वे जल्द ही टॉवर लगाने का काम शुरु करवा देगें और डाक के द्वारा उनके पास इनकी कंपनी के कुछ कागजात भी भिजवाए थे । महेंद्र सिंह ने बताया कि रकम जमा करवाने के बाद कंपनी प्रतिनिधियों ने 90 हजार रुपये टावर के सामान के लिए जमा कराने का दबाव डाला। लेकिन हमने इस बारे अपनी असमर्थता जाहिर की और कहा कि आपके इस्तीहार में पैसे जमा करवाने बारे कुछ न लिखा था। जब उससे रुपये मांगे तो पहले टाल-मटोल करता रहा। फिर फोन उठाने बंद कर दिए। आरोपी के अकाउंट नंबर के आधार प पता लगा कि उसका अकाउंट दिल्ली में है। महेंद्र ने पुलिस से मामले की जांच कर उसे उसके रुपये दिलाने की मांग की।
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अखबार में विज्ञापन देखकर मोबाइल टॉवर लगवाने के झांसे में आ गया। कंपनी प्रतिनिधि ने उससे मोबाइल टॉवर लगाने के नाम पर एक लाख सात हजार रुपये की ठगी। पुलिस ने महेंद्र सिंह की शिकायत पर नई दिल्ली वासी राज मल्होत्रा के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है।