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लिवरी के दौरान शिशु की मौत, चिकित्सक पर लापरवाही का आरोप लगा परिजनों ने किया हंगामा
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अमर उजाला ब्यूरो
भिवानी। सामान्य अस्पताल के ऑपरेशन थियेटर में डिलिवरी के दौरान नवजात शिशु की मौत पर परिजनों ने हंगामा किया। परिजनों ने चिकित्सक व स्टाफ सदस्यों पर लापरवाही के आरोप लगा ऑपरेशन थियेटर के बाहर रोष जताया। समर्थन में नगर परिषद उपाध्यक्ष मामनचंद व वार्ड 23 के पार्षद राजकुमार भी पहुंचे। गुस्साए लोगों ने प्रधान चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में शिकायत कर आरोपी चिकित्सक व अन्य पर कार्रवाई की मांग की।
आजाद मोहल्ला निवासी सावन ने बताया कि वह अपनी पत्नी 22 वर्षीय मंजू को लेकर बुधवार दोपहर बाद 3 बजे जिला सामान्य अस्पताल के जच्चा वार्ड में पहुंचा था। जहां उसकी पत्नी को दाखिल कर लिया गया। स्टाफ ने अल्ट्रासाउंड कराने की बात कही तो अल्ट्रासाउंड भी करा दिया गया। जिसमें बच्चा उल्टा बताया गया। महिला को जब दर्द शुरू हुआ तो उसे टीके लगाकर दर्द बंद कर दिए गए और फिर शाम को ऑपरेशन की तैयारियां भी शुरू कर दी गई। बाद में डॉक्टर के छुट्टी पर चले जाने की बात कहकर डिलिवरी नहीं कराई गई। वीरवार सुबह 9 बजे भी उन्होंने डिलिवरी कराने का अनुरोध किया, मगर किसी ने उसकी पत्नी की कोई सुध नहीं ली। आखिरकार दोपहर बाद 2 बजे उसकी पत्नी को ऑपरेशन थियेटर ले जाया गया। जहां से थोड़ी देर बाद ही उसके नवजात बच्चे की मौत की सूचना उन्हें दी गई।
आजाद मोहल्ला निवासी उर्मिला ने बताया कि वह अपनी बहू के साथ यहां अस्पताल में आई थी। जच्चा वार्ड में उसकी बहू को सही इलाज नहीं दिया गया। जबकि स्टाफ का भी मरीज व उसके परिजनों के प्रति व्यवहार ठीक नहीं है। स्टाफ चिल्लाकर मरीज व उसके साथ आए परिजनों को मानसिक रूप से भी प्रताड़ित करते हैं, यहां के डॉक्टरों की लापरवाही ने उसके नवजात की दुनिया में आने से पहले ही जिंदगी छीन ली। ऐसे लापरवाह डॉक्टरों व स्टाफ पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। आजाद मोहल्ला निवासी मुकेश ने बताया कि दो साल पहले ही उसके छोटे भाई सावन की शादी मंजू के साथ हुई थी। उनका ये पहला बच्चा था, मगर डॉक्टरों ने समय से मंजू को इलाज दिया होता तो शायद उनके नवजात बच्चे की जान बच जाती।
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लापरवाही बरतने वालों पर हो कार्रवाई
नगर परिषद उपाध्यक्ष मामनचंद व वार्ड 23 के पार्षद राजकुमार ने कहा कि नवजात बच्चे की मौत में निश्चित तौर पर लापरवाही हुई हैं। इस मामले की अस्पताल प्रशासन जांच कराकर दोषी कर्मचारियों व डॉक्टरों पर कार्रवाई करे। उन्होंने कहा कि जिला सामान्य अस्पताल गरीब लोगों को उचित इलाज देने के लिए है, इसमें अगर इस तरह किसी भी स्तर पर लापरवाही से किसी मरीज के साथ कोई अनहोनी होती है तो इसके लिए अस्पताल प्रशासन ही जिम्मेवार है।
मृत बच्चे के परिजनों को लिखित में शिकायत देने की बात कही है। अगर परिजनों की तरफ से कोई लिखित शिकायत आएगी तो उस पर मामले की जांच कराई जाएगी। इस मामले में किसी भी स्तर पर कोई लापरवाही उजागर होती है तो फिर विभागीय कार्रवाई भी की जाएगी।
डॉ. रघुवीर शांडिल्य, प्रधान चिकित्सा अधिकारी
सामान्य अस्पताल
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भिवानी। सामान्य अस्पताल के ऑपरेशन थियेटर में डिलिवरी के दौरान नवजात शिशु की मौत पर परिजनों ने हंगामा किया। परिजनों ने चिकित्सक व स्टाफ सदस्यों पर लापरवाही के आरोप लगा ऑपरेशन थियेटर के बाहर रोष जताया। समर्थन में नगर परिषद उपाध्यक्ष मामनचंद व वार्ड 23 के पार्षद राजकुमार भी पहुंचे। गुस्साए लोगों ने प्रधान चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में शिकायत कर आरोपी चिकित्सक व अन्य पर कार्रवाई की मांग की।
आजाद मोहल्ला निवासी सावन ने बताया कि वह अपनी पत्नी 22 वर्षीय मंजू को लेकर बुधवार दोपहर बाद 3 बजे जिला सामान्य अस्पताल के जच्चा वार्ड में पहुंचा था। जहां उसकी पत्नी को दाखिल कर लिया गया। स्टाफ ने अल्ट्रासाउंड कराने की बात कही तो अल्ट्रासाउंड भी करा दिया गया। जिसमें बच्चा उल्टा बताया गया। महिला को जब दर्द शुरू हुआ तो उसे टीके लगाकर दर्द बंद कर दिए गए और फिर शाम को ऑपरेशन की तैयारियां भी शुरू कर दी गई। बाद में डॉक्टर के छुट्टी पर चले जाने की बात कहकर डिलिवरी नहीं कराई गई। वीरवार सुबह 9 बजे भी उन्होंने डिलिवरी कराने का अनुरोध किया, मगर किसी ने उसकी पत्नी की कोई सुध नहीं ली। आखिरकार दोपहर बाद 2 बजे उसकी पत्नी को ऑपरेशन थियेटर ले जाया गया। जहां से थोड़ी देर बाद ही उसके नवजात बच्चे की मौत की सूचना उन्हें दी गई।
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आजाद मोहल्ला निवासी उर्मिला ने बताया कि वह अपनी बहू के साथ यहां अस्पताल में आई थी। जच्चा वार्ड में उसकी बहू को सही इलाज नहीं दिया गया। जबकि स्टाफ का भी मरीज व उसके परिजनों के प्रति व्यवहार ठीक नहीं है। स्टाफ चिल्लाकर मरीज व उसके साथ आए परिजनों को मानसिक रूप से भी प्रताड़ित करते हैं, यहां के डॉक्टरों की लापरवाही ने उसके नवजात की दुनिया में आने से पहले ही जिंदगी छीन ली। ऐसे लापरवाह डॉक्टरों व स्टाफ पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। आजाद मोहल्ला निवासी मुकेश ने बताया कि दो साल पहले ही उसके छोटे भाई सावन की शादी मंजू के साथ हुई थी। उनका ये पहला बच्चा था, मगर डॉक्टरों ने समय से मंजू को इलाज दिया होता तो शायद उनके नवजात बच्चे की जान बच जाती।
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लापरवाही बरतने वालों पर हो कार्रवाई
नगर परिषद उपाध्यक्ष मामनचंद व वार्ड 23 के पार्षद राजकुमार ने कहा कि नवजात बच्चे की मौत में निश्चित तौर पर लापरवाही हुई हैं। इस मामले की अस्पताल प्रशासन जांच कराकर दोषी कर्मचारियों व डॉक्टरों पर कार्रवाई करे। उन्होंने कहा कि जिला सामान्य अस्पताल गरीब लोगों को उचित इलाज देने के लिए है, इसमें अगर इस तरह किसी भी स्तर पर लापरवाही से किसी मरीज के साथ कोई अनहोनी होती है तो इसके लिए अस्पताल प्रशासन ही जिम्मेवार है।
मृत बच्चे के परिजनों को लिखित में शिकायत देने की बात कही है। अगर परिजनों की तरफ से कोई लिखित शिकायत आएगी तो उस पर मामले की जांच कराई जाएगी। इस मामले में किसी भी स्तर पर कोई लापरवाही उजागर होती है तो फिर विभागीय कार्रवाई भी की जाएगी।
डॉ. रघुवीर शांडिल्य, प्रधान चिकित्सा अधिकारी
सामान्य अस्पताल