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पूरियां खाने से 15 गायों की मौत, 42 गंभीर, रोष जता रहे गोसेवकों की पुलिस से हुई नोंक-झोंक
Updated Thu, 11 Oct 2018 01:01 AM IST
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भिवानी। अमावस्या पर पूरियां खाने से 15 गायों की मौत हो गई जबकि 42 की हालत गंभीर बनी हुई है। गायों की मौत से गुस्साए गोसेवक मृत गायों को लेकर लघु सचिवालय के मुख्य गेट पर पहुंचे और यहां रखकर प्रदर्शन का निर्णय लिया। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने गोसेवकों को वहां से भगा दिया। गोरक्षा दल के प्रधान संजय परमार से तीखी नोक-झोंक हुई। बाद में नप कर्मचारियों को बुलवाकर मृत गायों को उठवाकर रोहतक स्थित खेतों में दफनाया गया।
अमावस्या पर मंगलवार को पूरियां खाने से करीब 57 गायों की हालत बिगड़ गई थी। जिनमें से करीब 55 को महम रोड स्थित गोशाला में ले जाया गया। उपचार के दौरान रात को 13 गायों की यहां मौत हो गई। दो गाय शहर की अलग-अलग कॉलोनियों में मृत मिली। 15 गायों की मौत से खफा गोसेवक गायों के शवों को लेकर दोपहर करीब ढाई बजे लघु सचिवालय के पास पहुंचे। यहां कुछ गायों को उतारा ही था कि डीएसपी पुलिस फोर्स समेत पहुंच गए। पुलिस फोर्स के भगाने से गोसेवक वहां से चले गए। गोरक्षा दल के प्रधान संजय परमार वहां अड़े रहे। संजय परमार और पुलिस अधिकारियों में नोक-झोंक हुई। पुलिस अधिकारियों का कहना था कि इसमें पुलिस तो जिम्मेवार नहीं है। यहां रखना गलत है। जिसके बाद वहीं पर नगर परिषद कर्मचारियों को बुला लिया गया। जेसीबी की सहायता से मृत गायों को रोहतक मार्ग पर खेतों में ले जाकर दफनाया गया। 42 गायों की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है।
अमावस्या पर मंगलवार को पूरियां खाने से करीब 57 गायों की हालत बिगड़ गई थी। जिनमें से करीब 55 को महम रोड स्थित गोशाला में ले जाया गया। उपचार के दौरान रात को 13 गायों की यहां मौत हो गई। दो गाय शहर की अलग-अलग कॉलोनियों में मृत मिली। 15 गायों की मौत से खफा गोसेवक गायों के शवों को लेकर दोपहर करीब ढाई बजे लघु सचिवालय के पास पहुंचे। यहां कुछ गायों को उतारा ही था कि डीएसपी पुलिस फोर्स समेत पहुंच गए। पुलिस फोर्स के भगाने से गोसेवक वहां से चले गए। गोरक्षा दल के प्रधान संजय परमार वहां अड़े रहे। संजय परमार और पुलिस अधिकारियों में नोक-झोंक हुई। पुलिस अधिकारियों का कहना था कि इसमें पुलिस तो जिम्मेवार नहीं है। यहां रखना गलत है। जिसके बाद वहीं पर नगर परिषद कर्मचारियों को बुला लिया गया। जेसीबी की सहायता से मृत गायों को रोहतक मार्ग पर खेतों में ले जाकर दफनाया गया। 42 गायों की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है।
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