फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Bhiwani News ›   Councillors submitted a memorandum demanding opening of the registry of legalized colonies

Bhiwani News: वैध हुई कॉलोनियों की रजिस्ट्री खुलवाने की मांग के लिए सौंपा पार्षदों ने ज्ञापन

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 21 Apr 2025 10:56 PM IST
विज्ञापन
Councillors submitted a memorandum demanding opening of the registry of legalized colonies
अप्रूवड हुई कॉलोनियों की रजिस्ट्री खुलवाने की मांग को लेकर एसडीएम को ज्ञापन सौंपते पार्षद।
भिवानी। हाल ही में स्थानीय निकाय विभाग की ओर से भिवानी की नौ कॉलोनियों को वैध किया गया है। अब यहां पर जमीन की रजिस्ट्री खुलने व सरकारी सुविधाएं मिलने की संभावना बन गई। चूंकि इन मांगों के लिए सोमवार को पार्षद सुभाष तंवर व संदीप यादव ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपा और जल्द ही इन कॉलोनियों के प्लॉटों की रजिस्ट्री शुरू करवाए जाने की मांग की।
विज्ञापन

पार्षदों ने कहा कि रजिस्ट्री खुलने के बाद सरकारी राजस्व में बढ़ोतरी होगी और इन कॉलोनियों में रहने वाले लोगों को मालिकाना हक भी मिलेगा। इस पर एसडीएम ने उनकी मांग को जल्द पूरा करवाए जाने का भरोसा दिलाया।
विज्ञापन

सोमवार को एसडीएम को सौंपे ज्ञापन में पार्षदों ने बताया कि विगत में सरकार ने डाबर कॉलोनी, कोंट रोड, बैंक कॉलोनी, विद्यानगर के अलावा कई अन्य कॉलोनियों के कुछ हिस्से को वैध किया था। इसके बाद लोगों को वैध कॉलोनी वाली सुविधाएं मिलने की आस जग गई थीं।
विज्ञापन
विज्ञापन

उन्होंने बताया कि कॉलोनियों के भूखंडों की रजिस्ट्री अभी तक बंद है, जबकि इन कॉलोनियों को बसे हुए करीब 25 से 30 साल का अरसा बीत गया है। अभी तक इन कॉलोनियों में कोई भी सुविधा नहीं है। जो लोग मकान बनाकर बैठे हैं। उनको आज भी मालिकाना हक नहीं है। केवल एक शपथ पत्र से मकान या भूखंड के मालिक है। अगर इन कॉलोनियों के भूखंड की रजिस्ट्री खुल जाती है तो यहां के लोग अपने अपने भूखंडों के मालिक बन जाएंगे।

मालिक होने के बाद मालिकाना हक नहीं

इन कॉलोनियों में अनेक मकान बने हैं। सभी मकान के मालिक तो है लेकिन उनके पास मालिकाना हक नहीं है। जिस वक्त उन्होंने भूमि का भूखंड लिया था। उस वक्त केवल एक शपथ पत्र से ही मालिकाना हक मिला था। अरसा बीतने के बाद भी इन कॉलोनियों की रजिस्ट्री बंद है। इसकी वजह से उनको आज तक मालिकाना हक नहीं मिला है। पार्षद सुभाष तंवर ने बताया कि अगर रजिस्ट्री खुल जाती है उनको जल्द ही मालिकाना हक मिल जाएगा। वे अपने मकानों को अगर बेचना चाहे तो बेच सकेंगे और नया खरीदना चाहे तो खरीद सकेंगे।

मूलभूत सुविधाओं के लिए नहीं पड़ेगा तरसना

कॉलोनी वैध की श्रेणी में आने के बाद यहां पर सरकार की ओर से दी जाने वाली सारी सुविधाएं मिल सकेंगी। मसलन बिजली, पानी व पानी की निकासी की सही व्यवस्था बन सकेगी। अब इन कॉलोनियों को अप्रूवड की श्रेणी में तो शामिल किया गया है, लेकिन अभी तक इनमें कोई सुविधाएं नहीं दी जा रही है। न ही इन कॉलोनियों के विकास के लिए कोई खाका तैयार किया गया है। जिस वजह से लोगों को सड़कों पर आना पड़ रहा है।


-----
कालोनियों में रजिस्ट्री खोलने के लिए वे लगातार नगर परिषद के संपर्क में है। जिस दिन नगर परिषद वैध कॉलोनियों का ले आउट प्लान व अन्य खाका उपलब्ध करवा देगी। उसी दिन से इन कॉलोनियों की रजिस्ट्रियां शुरू करवा दी जाएगी। इस मामले में कोई ढिलाई नहीं होगी।
- सुरेश कुमार, तहसीलदार।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article