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कोरोना पड़ा भारी, काम तो दूर खाना तक नहीं मिला, सैकड़ों प्रवासी मजदूरों ने किया पलायन

Sat, 28 Mar 2020 11:00 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sat, 28 Mar 2020 11:00 PM IST
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फुटपाथ पर सफर के दौरान आराम करते हुए प्रवासी मजदूर परिवार। - फोटो : Bhiwani
करीब दस दिन पहले यूपी के झांसी से भिवानी में काम के सिलसिले में आए थे। यहां मजदूरों की मांग रहती है। यहां आने के बाद कोरोना बीमारी के खतरे में ऐसे फंसे की काम तो दूर घर से भी नहीं निकल सकते। तीन दिन से परिवार के अधिकतर सदस्यों ने खाना नहीं खाया। वापस जाने का साधन नहीं मिल रहा। इस कारण पैदल ही लौट रहे हैं।
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यह कहना है परिवार के साथ भिवानी-दिल्ली मार्ग पर पैदल ही सिर पर सामान लेकर लौट रहे झांसी वासी मजदूर बुहन का। बुहन के परिवार की तरह ही सैकड़ों प्रवासी मजदूर परिवार पलायन कर गए। शनिवार सुबह 10 बजे से ही प्रवासी मजदूरों की टोलियां भिवानी-दिल्ली मार्ग से अपने गांव लौटने लगी थी। दिनभर में सैकड़ों मजदूर अपने परिवार समेत लौटते नजर आए। ज्यादातर मजदूर यूपी और बिहार से थे। मजदूरों ने बताया कि कोरोना बीमारी के चलते लॉकडाउन है। लोग घरों से नहीं निकल रहे। वे दस दिन से काम के लिए चौक पर जा रहे हैं, मगर उन्हें काम ही नहीं मिल रहा है। पिछले तीन दिन से खाने के लिए खाना तक नहीं है।
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यहां कोई साधन नहीं चल रहा है। इस कारण पैदल ही जाने को मजबूर है। खाना भी नहीं मिला। कुछ समाजसेवी लोगों ने खाना दिया था, मगर वह अपर्याप्त था। अगर जिला प्रशासन उन्हें दिल्ली तक भी पहुंचाने की व्यवस्था कर दे तो वे अपने घर पहुंच जाए। -राम सिंह, मजदूर।
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यहां दस दिन पहले झांसी से काम के लिए आए थे, मगर यहां दूसरी ही समस्या हो गई। अब तो यहां खाने के भी लाले पड़े हैं। इस कारण वापस लौट रहे है। यहां साधन भी नहीं चल रहे, इस कारण पैदल ही जा रहे है। - सोहन लाल, मजदूर।
यहां परिवार का पेट पालने के लिए आए थे, मगर यहां हालात ही विपरीत हैं। यहां तो बच्चे खाली पेट सोने को मजबूर हैं। यहां भूखे पेट मरने से तो अच्छा है अपने गांव लौट जाए। यहां प्रवासी मजदूर परिवारों के लिए कोई व्यवस्था नहीं है। - राजेश, मजदूर
यहां बच्चे पालने और काम के लिए आए थे, मगर बंद के कारण अब कोई काम नहीं दे रहा है। यहां काम के लिए घर से बाहर भी नहीं निकल सकते। इसी कारण अब यहां रहेंगे तो खाने की भी दिक्कत होगी। इसलिए पैदल ही अपने गांव लौट रहे हैं। मगर साधन नहीं चल रहे, इस कारण भी समस्या बन गई है। - रामदिया, मजदूर

रास्ते में समाजसेवी लोगों ने दिए खाने के पैकेट
काम और खाना नहीं मिलने के कारण भले प्रवासी मजदूर पलायन कर रहे हो मगर पैदल जाते समय उन्हें विभिन्न सामाजिक संगठनों के सदस्यों ने खाने के पैकेट दिए ताकि वे भूखे न रहें।
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