{"_id":"6771a4a9bd1cf9f418026cd5","slug":"chill-increased-due-to-cold-wave-bhiwani-news-c-125-1-shsr1009-127777-2024-12-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bhiwani News: धुंध छाने पर 20 मीटर रही दृश्यता, शीत लहर से बढ़ी ठिठुरन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bhiwani News: धुंध छाने पर 20 मीटर रही दृश्यता, शीत लहर से बढ़ी ठिठुरन
Mon, 30 Dec 2024 01:06 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Mon, 30 Dec 2024 01:06 AM IST
विज्ञापन
भिवानी में लाइट जलाकर गुजरते वाहन।
भिवानी। ओलावृष्टि के बाद रविवार सुबह मौसम में घनी धुंध छाई। दृश्यता भी 20 मीटर तक बनी रही। इसकी वजह से राष्ट्रीय राजमार्ग पर वाहनों की रफ्तार घट गई। शीत लहर से ठिठुरन बढ़ने से शहर के बाजारों में भी सन्नाटा छाया रहा। दिन के समय अधिकतम तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई। लगातार दूसरे दिन रविवार को भी धूप नहीं निकली। शीत लहर चलने से जिला प्रशासन ने ठंड से बचाव के लिए परामर्श जारी किया है।
कृषि एवं मौसम विशेषज्ञ डॉ. देवीलाल ने बताया कि यह मौसम गेहूं की फसल के लिए बेहद फायदेमंद है, क्योंकि गेहूं की बढ़वार के लिए तापमान गिरना जरूरी है। अन्य फसलों में भी फायदा होगा। हालांकि जिन इलाकों में ओलावृष्टि हुई थी, उन गांवों में फसलों का नुकसान की आशंका है। इस समय सरसों में फूल तैयार हो रहे हैं। पाला जमने या फिर तापमान गिरने से सरसों में नुकसान की आशंका है।
शीत लहर की वजह से लोगों की सेहत पर भी इसका बुरा असर पड़ रहा है। खासकर छोटे बच्चों और बुजुर्गों के लिए ये ठंड बेरहम बनी है। शहर के बाजारों में रविवार को सन्नाटा पसरा रहा। ठिठुरन की वजह से लोग घरों के अंदर ही दुबके रहे। बाजारों में भीड़ नहीं दिखी।
विज्ञापन
खेतों में फसलों पर भी जमने लगा पाला
ओलावृष्टि के बाद हवा में ठिठुरन बढ़ी है जबकि दिन के समय अधिकतम तापमान 15 डिग्री से ज्यादा नहीं पहुंच रहा है। इसकी वजह से रात के समय न्यूनतम तापमान तीन डिग्री तक पहुंचने से खेतों में पाला जमने लगा है। कृषि विशेषज्ञ खेतों में फसलों को पाला से बचाव के लिए विशेष प्रबंध करने की सलाह दे रहे हैं। इस मौसम में सब्जी उत्पादकों की मुश्किलें भी बढ़ गई हैं।
विज्ञापन
कृषि एवं मौसम विशेषज्ञ डॉ. देवीलाल ने बताया कि यह मौसम गेहूं की फसल के लिए बेहद फायदेमंद है, क्योंकि गेहूं की बढ़वार के लिए तापमान गिरना जरूरी है। अन्य फसलों में भी फायदा होगा। हालांकि जिन इलाकों में ओलावृष्टि हुई थी, उन गांवों में फसलों का नुकसान की आशंका है। इस समय सरसों में फूल तैयार हो रहे हैं। पाला जमने या फिर तापमान गिरने से सरसों में नुकसान की आशंका है।
विज्ञापन
शीत लहर की वजह से लोगों की सेहत पर भी इसका बुरा असर पड़ रहा है। खासकर छोटे बच्चों और बुजुर्गों के लिए ये ठंड बेरहम बनी है। शहर के बाजारों में रविवार को सन्नाटा पसरा रहा। ठिठुरन की वजह से लोग घरों के अंदर ही दुबके रहे। बाजारों में भीड़ नहीं दिखी।
विज्ञापन
खेतों में फसलों पर भी जमने लगा पाला
ओलावृष्टि के बाद हवा में ठिठुरन बढ़ी है जबकि दिन के समय अधिकतम तापमान 15 डिग्री से ज्यादा नहीं पहुंच रहा है। इसकी वजह से रात के समय न्यूनतम तापमान तीन डिग्री तक पहुंचने से खेतों में पाला जमने लगा है। कृषि विशेषज्ञ खेतों में फसलों को पाला से बचाव के लिए विशेष प्रबंध करने की सलाह दे रहे हैं। इस मौसम में सब्जी उत्पादकों की मुश्किलें भी बढ़ गई हैं।