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Bhiwani News: बच्चों ने सींची डाली-डाली, फिर भी बच्चों के खाते खाली

Mon, 19 Jun 2023 01:06 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी Updated Mon, 19 Jun 2023 01:06 AM IST
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Children sprinkled water, yet children's accounts are empty
भिवानी। वन मंडल और शिक्षा विभाग की प्रोत्साहन योजना में हरियाली का दायरा बढ़ाने और पर्यावरण से जुड़े बच्चों को प्रोत्साहन राशि नहीं मिल रही है। हालांकि हर साल स्कूली बच्चे पर्यावरण संरक्षण और पौधे रोपित करने में अहम भूमिका निभा रहे हैं, मगर दो विभागों की पर्यावरण के प्रति बच्चों को प्रोत्साहित करने की महत्वाकांक्षी योजना दम तोड़ चुकी है। पौधगिरी अभियान के तहत पौधे लगाकर देखभाल करने वाले बच्चों ने पौधे लगाकर जियो टैगिंग भी कराई, पोर्टल पर भी डॉटा अपलोड हुआ, मगर आज तक उनके बैंक खाता में कोई पैसा नहीं आया।
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भिवानी वन मंडल कार्यालय के तहत हर साल करीब साढ़े पांच लाख नए पौधे रोपित किए जा रहे हैं। इनमें दो लाख से अधिक पौधे तो स्कूली बच्चों द्वारा ही खाली जगहों या अपने आसपास रोपित किए जाते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए वन विभाग और शिक्षा निदेशालय ने पौधगिरी अभियान के तहत बच्चों को प्रोत्साहन राशि देने का निर्णय लिया। बच्चों द्वारा रोपित किए गए पौधों की जियो टैगिंग भी कराई गई। प्रत्येक स्कूल के बच्चों ने इस अभियान में अपनी हिस्सेदारी भी निभाई। मगर प्रोत्साहन के नाम पर फूटी कौड़ी तक नहीं मिली। भिवानी वन मंडल कार्यालय के पास तीन से चार बड़ी नर्सरियों में करीब साढ़े सात लाख पौधे तैयार किए जा रहे हैं। इनमें औषधीय गुण व छायादार और फलदार पेड़ भी शामिल हैं। तीन साल से अधिक उम्र के पौधे भी नर्सरियों में तैयार किए जा रहे हैं, जो कि इन्हें रोपित किए जाने के बाद इनके जिंदा रहने की उम्मीद अधिक बनी रहे।
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ऐसे की गई जियो-टैगिंग
पौधरोपण की जियो-टैगिंग के लिए छात्रों को डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यूडॉटग्रीनहरियाणाडॉटओआरजीडॉटइन पोर्टल खोलकर प्लांट एंट्री पर अपना अकाउंट बनाना होगा। इसमें छात्र की जानकारी (नाम, पिता का नाम, कक्षा), स्कूल का नाम, स्कूल की ईमेल आईडी, पौधे लगाने की डिटेल, पौधा की लोकेशन भी अपडेट करनी होगी। इसके बाद लगाए गए पौधे की फोटो क्लिक करके पोर्टल में सेव करनी होगी और पौधे की फोटो के साथ गूगल मैप के माध्यम से लोकेशन भी पोर्टल पर अपलोड करनी होगी। ये जानकारी दर्ज होने के बाद बच्चे को प्रोत्साहन राशि मिलना शुरू हो जाएगी। लेकिन अभी तक किसी भी बच्चे के खाते में कोई पैसा नहीं आया।
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रोपित पौधे भी तोड़ रहे दम, सिर्फ 30 फीसदी ही रहते हैं अगले मानसून तक जिंदा
हर साल मानसून के दौरान वन विभाग साढ़े पांच से साढ़े सात लाख पौधे रोपित करने का लक्ष्य लेकर चलता है। लक्ष्य के अनुरूप पौधे भी रोपित हो जाते हैं, मगर पानी और उचित देखभाल के अभाव में अधिकांश पहला पड़ाव भी पूरा नहीं कर पाते। सिर्फ 30 फीसदी पौधे ही अगला मानसून तक जिंदा रह पाते हैं। यानी एक पौधे के रोपित होने के बाद लगातार तीन साल तक उसे नियमित देखभाल की जरूरत होती है।

हमने विद्यालय में अधिकांश बच्चों को जियो टैंगिंग के जरिए बच्चों से पौधे रोपित कराए और उनका डॉटा भी पोर्टल पर अपलोड किया था। इसमें प्रत्येक बच्चे की मांगी गई डिटेल दर्शायी गई थी। लेकिन किसी भी बच्चे के खाते में कोई पैसा नहीं आया है। वन मंडल कार्यालय ने जिलास्तरीय कार्यक्रम किया, जिसमें बच्चों को प्रोत्साहित किया, मगर जियो टैंगिंग के जरिए रोपित किए गए पौधों की प्रोत्साहन राशि का अभी तक कोई अपडेट नहीं मिला।

-सविता मान, प्राचार्य सेठ किरोड़ीमल राजकीय मॉडल संस्कृति विद्यालय भिवानी।

हरियाणा सरकार ने बच्चों को प्रोत्साहन राशि के लिए जो पोर्टल जारी किया था, वह ठीक से काम नहीं कर पाया। अब दोबारा से पोर्टल चालू किया जाएगा। जिसके बाद जियो टैंगिंग कराने वाले विद्यार्थियों को इस योजना का लाभ मिलेगा। इस साल मानूसन सीजन के दौरान करीब साढ़े पांच लाख पौधे रोपित किए जाएंगे। जिसमें अधिकांश स्कूली बच्चों, सामाजिक संस्थाओं का अहम योगदान रहेगा।
-पवन ग्रोवर, जिला वन मंडल अधिकारी भिवानी।
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