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Bhiwani News: बाल कल्याण समिति ने सीडीपीओ को पत्र लिखकर मांगा द्विभाषी काउंसलर
Tue, 10 Oct 2023 11:35 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Tue, 10 Oct 2023 11:35 PM IST
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भिवानी। असम से दो बहनों को अपने प्रेमजाल में फांसकर हरियाणा में लाकर बेचने के मामले में बाल कल्याण समिति की ओर से मंगलवार को सीडीपीओ (बाल एवं महिला संरक्षण अधिकारी) को पत्र लिखकर द्विभाषी काउंसलर उपलब्ध कराए जाने की मांग की है।
दरअसल स्टेट क्राइम ब्रांच की मदद से बरामद की गई दोनों ही नाबालिग बहनों को असम की स्थानीय भाषा की ही जानकारी है, जबकि उन्हें हिंदी या फिर अन्य भाषा का कोई ज्ञान नहीं है। ऐसे में मंगलवार को दोनों लड़कियों को बाल सेवा आश्रम से बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किया गया और काउंसलर भी पहुंचा। मगर लड़कियों की भाषा समझ नहीं आने की वजह से बयान दर्ज नहीं हो पाए।
स्टेट क्राइम ब्रांच और बाल कल्याण समिति सदस्य की संयुक्त टीम ने सोमवार को बहल क्षेत्र के गांव हरियावास और बिधनोई से दो नाबालिग लड़कियों को बरामद किया था। ये दोनों ही लड़कियां असम के धुबरी जिले के एक गांव की रहने वाली हैं। जिन्हें असम के जिला गोलपुरा निवासी रोबी कुल इस्लाम प्रेम जाल में फांसकर शादी का झांसा देकर बहला फुसला करीब दो माह पहले भगा ले आया और यहां लाकर दोनों बहनों का हरियाणा में सौदा कर डाला। बड़ी बहन को एक लाख दस हजार और छोटी को एक लाख तीस हजार में बेच दिया था। बड़ी बहन को हरियावास और छोटी को बिधनोई गांव से बरामद किया गया। इन दोनों लड़कियों ने यहां दुष्कर्म और अमानवीय यातनाएं देने की बात भी कही।
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मंगलवार को दोनों लड़कियों को बाल सेवा आश्रम से सीडब्ल्यूसी कार्यालय में लाया गया था। लेकिन उन्हें असम की स्थानीय भाषा के अलावा कोई दूसरी भाषा का ज्ञान नहीं है। इस वजह से उनके बयान दर्ज नहीं हो पाए हैं। सीडीपीओ से द्विभाषी यानी भाषाओं के जानकार काउंसलर उपलब्ध कराए जाने की मांग की है। इसके समक्ष इन दोनों नाबालिग लड़कियों के बयान दर्ज कराए जाएंगे। - सतेंद्र तंवर, सदस्य, बाल कल्याण समिति।
दूसरे राज्यों से हरियाणा में जुड़े हैं मानव तस्करी के तार
हरियाणा के दूसरे राज्यों से मानव तस्करी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। अकेले भिवानी जिले में पिछले छह माह के दौरान ही मानव तस्करी के आठ से दस मामले बाल कल्याण समिति के सामने आ चुके हैं। इनमें लड़कियों को उम्र दराज लोगों को शादी के लिए बेचा गया है। इसमें तीन से चार लड़कियां तो नाबालिग पाई गई हैं। जिन्हें परिजनों के सुपुर्द करा दिया गया है।
असम पुलिस से भी संपर्क साध रही बाल कल्याण समिति
दोनों पीड़ित लड़कियों को रेस्क्यू कर बरामद किए जाने के बाद अब असम पुलिस से भी बाल कल्याण समिति सदस्य संपर्क साध रहे हैं। असम में दोनों नाबालिग लड़कियों के संबंध में मामा ने आरोपी युवक के खिलाफ अपहरण का केस दर्ज कराया हुआ है। जबकि परिजनों से भी संपर्क होने के बाद उन्हें इन लड़कियों को यहां लेने आने के लिए बुलाने का प्रयास किया जा रहा है।
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दरअसल स्टेट क्राइम ब्रांच की मदद से बरामद की गई दोनों ही नाबालिग बहनों को असम की स्थानीय भाषा की ही जानकारी है, जबकि उन्हें हिंदी या फिर अन्य भाषा का कोई ज्ञान नहीं है। ऐसे में मंगलवार को दोनों लड़कियों को बाल सेवा आश्रम से बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किया गया और काउंसलर भी पहुंचा। मगर लड़कियों की भाषा समझ नहीं आने की वजह से बयान दर्ज नहीं हो पाए।
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स्टेट क्राइम ब्रांच और बाल कल्याण समिति सदस्य की संयुक्त टीम ने सोमवार को बहल क्षेत्र के गांव हरियावास और बिधनोई से दो नाबालिग लड़कियों को बरामद किया था। ये दोनों ही लड़कियां असम के धुबरी जिले के एक गांव की रहने वाली हैं। जिन्हें असम के जिला गोलपुरा निवासी रोबी कुल इस्लाम प्रेम जाल में फांसकर शादी का झांसा देकर बहला फुसला करीब दो माह पहले भगा ले आया और यहां लाकर दोनों बहनों का हरियाणा में सौदा कर डाला। बड़ी बहन को एक लाख दस हजार और छोटी को एक लाख तीस हजार में बेच दिया था। बड़ी बहन को हरियावास और छोटी को बिधनोई गांव से बरामद किया गया। इन दोनों लड़कियों ने यहां दुष्कर्म और अमानवीय यातनाएं देने की बात भी कही।
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मंगलवार को दोनों लड़कियों को बाल सेवा आश्रम से सीडब्ल्यूसी कार्यालय में लाया गया था। लेकिन उन्हें असम की स्थानीय भाषा के अलावा कोई दूसरी भाषा का ज्ञान नहीं है। इस वजह से उनके बयान दर्ज नहीं हो पाए हैं। सीडीपीओ से द्विभाषी यानी भाषाओं के जानकार काउंसलर उपलब्ध कराए जाने की मांग की है। इसके समक्ष इन दोनों नाबालिग लड़कियों के बयान दर्ज कराए जाएंगे। - सतेंद्र तंवर, सदस्य, बाल कल्याण समिति।
दूसरे राज्यों से हरियाणा में जुड़े हैं मानव तस्करी के तार
हरियाणा के दूसरे राज्यों से मानव तस्करी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। अकेले भिवानी जिले में पिछले छह माह के दौरान ही मानव तस्करी के आठ से दस मामले बाल कल्याण समिति के सामने आ चुके हैं। इनमें लड़कियों को उम्र दराज लोगों को शादी के लिए बेचा गया है। इसमें तीन से चार लड़कियां तो नाबालिग पाई गई हैं। जिन्हें परिजनों के सुपुर्द करा दिया गया है।
असम पुलिस से भी संपर्क साध रही बाल कल्याण समिति
दोनों पीड़ित लड़कियों को रेस्क्यू कर बरामद किए जाने के बाद अब असम पुलिस से भी बाल कल्याण समिति सदस्य संपर्क साध रहे हैं। असम में दोनों नाबालिग लड़कियों के संबंध में मामा ने आरोपी युवक के खिलाफ अपहरण का केस दर्ज कराया हुआ है। जबकि परिजनों से भी संपर्क होने के बाद उन्हें इन लड़कियों को यहां लेने आने के लिए बुलाने का प्रयास किया जा रहा है।