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छठ पूजा: छठ पूजा घाट पर जुटा महाकुंभ, अस्थायी तालाब बनाकर सूर्य को अर्घ्य देकर किया महाव्रत का समापन
Mon, 20 Nov 2023 11:34 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Mon, 20 Nov 2023 11:34 PM IST
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बाबा लालदास महादेव अखाड़ा मंदिर स्थल पर छठ पूजा करती महिलाएं। संवाद
भिवानी। छठ पूजा घाट पर चार दिन तक चले छठ पूजा महाकुंभ का सोमवार को सूर्य को अर्घ्य देने के साथ व्रत संकल्प पूरा हुआ। शहर के लाला दास महादेव अखाड़ा मंदिर में छठ पूजा के लिए अस्थायी घाट बनाया गया। इसके पानी में खड़े होकर महिलाओं ने सूर्य को अर्घ्य दिया। वहीं मंदिर परिसर में पूजा की भी व्यवस्था कराई गई। इस मौके पर महिलाओं ने छठ माता की विधि विधान से पूजा की।
सोमवार अल सुबह ही जूई नहर के छठ पूजा घाट पर भीड़ जुटी। महिलाओं ने नहर के पानी में उतरकर सूर्य देव को अर्घ्य देने के साथ व्रत संकल्प पूरा किया। महिलाओं ने परिवार की खुशहाली और सलामती की कामना की। इस मौके पर पूर्वांचल परिवारों ने छठ महापर्व समापन पर एक दूसरे को शुभकामनाएं भी दीं। सूर्य उपासना का अर्घ्य के साथ 36 घंटों का कठिन व्रत पूरा हुआ। कई महिलाओं ने तो ये व्रत पहली बार किया था।
व्रत धारण करने वाली महिला पूजा, दीपिका, कमला ने बताया कि उन्होंने पहली बार छठ माता के पूजन में 36 घंटे का व्रत किया था। उन्हें व्रत के दौरान यह घबराहट हो रही थी कि कहीं उनका संकल्प गलती से किसी वस्तु के छू लेने या फिर सेवन कर लेने से खंडित न हो जाए। मगर छठ मईया की कृपा रही कि व्रत संकल्प पूरा हुआ और हंसी खुशी से परिवार के साथ पूजा भी संपन्न हुई। हर साल तोशाम बाईपास जूई नहर के छठ पूजा घाट पर पूर्वांचल परिवारों का महाकुंभ जुटता है। रविवार को भी घाट पर मेले का माहौल बना और सैकड़ों पूर्वांचल परिवारों ने शाम को पूजा अर्चना की थी।
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सोमवार अल सुबह ही जूई नहर के छठ पूजा घाट पर भीड़ जुटी। महिलाओं ने नहर के पानी में उतरकर सूर्य देव को अर्घ्य देने के साथ व्रत संकल्प पूरा किया। महिलाओं ने परिवार की खुशहाली और सलामती की कामना की। इस मौके पर पूर्वांचल परिवारों ने छठ महापर्व समापन पर एक दूसरे को शुभकामनाएं भी दीं। सूर्य उपासना का अर्घ्य के साथ 36 घंटों का कठिन व्रत पूरा हुआ। कई महिलाओं ने तो ये व्रत पहली बार किया था।
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व्रत धारण करने वाली महिला पूजा, दीपिका, कमला ने बताया कि उन्होंने पहली बार छठ माता के पूजन में 36 घंटे का व्रत किया था। उन्हें व्रत के दौरान यह घबराहट हो रही थी कि कहीं उनका संकल्प गलती से किसी वस्तु के छू लेने या फिर सेवन कर लेने से खंडित न हो जाए। मगर छठ मईया की कृपा रही कि व्रत संकल्प पूरा हुआ और हंसी खुशी से परिवार के साथ पूजा भी संपन्न हुई। हर साल तोशाम बाईपास जूई नहर के छठ पूजा घाट पर पूर्वांचल परिवारों का महाकुंभ जुटता है। रविवार को भी घाट पर मेले का माहौल बना और सैकड़ों पूर्वांचल परिवारों ने शाम को पूजा अर्चना की थी।
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