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Bhiwani News: शोध के लिए शोधार्थियों के पास नहीं केमिकल, कैसे पूरी होगी पीएचडी
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सीबीएलयू में कैमेस्ट्री विभाग के एचओडी कार्यालय के सामने धरने पर बैठे शोधार्थी। संवाद
- फोटो : Bhiwani
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भिवानी। सीबीएलयू में पीएचडी कर रहे 21 शोधार्थियों के पास पिछले चार माह से केमिकल नहीं है। इसके चलते रसायन विज्ञान विभाग के शोधार्थी अपनी जेब से रुपये लगाकर केमिकल खरीदकर काम चला रहे हैं। शोधार्थियों ने इस संबंध में कई बार विश्वविद्यालय के कुलपति और रसायन विज्ञान विभाग के एचओडी को ज्ञापन सौंपा है मगर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसको लेकर सोमवार को शोधार्थी रसायन विज्ञान विभाग के एचओडी के कार्यालय के सामने क्लास छोड़कर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए।
शोधार्थियों का कहना है कि जब तक उन्हें केमिकल नहीं मिल जाते तब तक वे रोजाना सुबह नौ बजे से शाम पांच बजे तक धरने पर रहेंगे। सोमवार को प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए एबीवीपी के प्रदेश सह मंत्री राहुल वर्मा, सुदीप ढिल्लो, संदीप ने बताया कि सीबीएलयू के रसायन विज्ञान विभाग में 20 शोधार्थी हैं। सितंबर से उनकी लैब में शोध करने के लिए केमिकल नहीं है। उन्होंने कई बार विभाग व विवि के अधिकारियों को समस्या बताई मगर उसका समाधान नहीं हुआ। इसको लेकर सितंबर से दिसंबर तक प्रत्येक शिक्षार्थी ने 50-50 हजार रुपये अपने जेब से लगाकर बाजार से केमिकल खरीदें। फिर केमिकल खत्म होने पर जब उन्होंने एचओडी से बात की तो उन्हें 15 दिसंबर तक केमिकल उपलब्ध करवाने की बात कहीं थी। मगर अब 15 से अधिक दिन बीत जाने के बाद भी उन्हें केमिकल नहीं मिले हैं, जिसके कारण वे लैब में शोध नहीं कर पा रहे है। शोधार्थियों का कहना है कि जब तक वे प्रैक्टिकल लैब में प्रयोग नहीं कर लेते तब तक वे एक्सन-रिएक्सन थ्योरी को समझ नहीं पाएंगे। लैब में जार सहित विभिन्न उपकरण खाली पड़े हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन की लापरवाही के कारण उनकी पढ़ाई बाधित हो रही है। इस अवसर पर अंकित सांगवान, मोनिका, ममता, प्रियंका, सुमन, ज्योति और सचिन शेखावत उपस्थित रहे।
रसायन विभाग के शोधार्थियों की लैब के केमिकल खत्म है। जिन्हें मंगवाने के लिए फाइल आगे भेजी गई है। इस प्रक्रिया में करीब एक माह का समय लगता है। हमारे पर केमिकल आते ही शोधार्थियों को उपलब्ध करवा दिए जाएंगे।
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- डॉ. सुरेंद्र कुमार, एचओडी, रसायन विभाग, सीबीएलयू।
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शोधार्थियों का कहना है कि जब तक उन्हें केमिकल नहीं मिल जाते तब तक वे रोजाना सुबह नौ बजे से शाम पांच बजे तक धरने पर रहेंगे। सोमवार को प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए एबीवीपी के प्रदेश सह मंत्री राहुल वर्मा, सुदीप ढिल्लो, संदीप ने बताया कि सीबीएलयू के रसायन विज्ञान विभाग में 20 शोधार्थी हैं। सितंबर से उनकी लैब में शोध करने के लिए केमिकल नहीं है। उन्होंने कई बार विभाग व विवि के अधिकारियों को समस्या बताई मगर उसका समाधान नहीं हुआ। इसको लेकर सितंबर से दिसंबर तक प्रत्येक शिक्षार्थी ने 50-50 हजार रुपये अपने जेब से लगाकर बाजार से केमिकल खरीदें। फिर केमिकल खत्म होने पर जब उन्होंने एचओडी से बात की तो उन्हें 15 दिसंबर तक केमिकल उपलब्ध करवाने की बात कहीं थी। मगर अब 15 से अधिक दिन बीत जाने के बाद भी उन्हें केमिकल नहीं मिले हैं, जिसके कारण वे लैब में शोध नहीं कर पा रहे है। शोधार्थियों का कहना है कि जब तक वे प्रैक्टिकल लैब में प्रयोग नहीं कर लेते तब तक वे एक्सन-रिएक्सन थ्योरी को समझ नहीं पाएंगे। लैब में जार सहित विभिन्न उपकरण खाली पड़े हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन की लापरवाही के कारण उनकी पढ़ाई बाधित हो रही है। इस अवसर पर अंकित सांगवान, मोनिका, ममता, प्रियंका, सुमन, ज्योति और सचिन शेखावत उपस्थित रहे।
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रसायन विभाग के शोधार्थियों की लैब के केमिकल खत्म है। जिन्हें मंगवाने के लिए फाइल आगे भेजी गई है। इस प्रक्रिया में करीब एक माह का समय लगता है। हमारे पर केमिकल आते ही शोधार्थियों को उपलब्ध करवा दिए जाएंगे।
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- डॉ. सुरेंद्र कुमार, एचओडी, रसायन विभाग, सीबीएलयू।