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शहर में कचरा स्टोरेज और प्रबंधन के लिए मिली मंजूरी
ब्यूरो /अमर उजाला
Updated Mon, 29 May 2017 01:28 AM IST
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फोरलेन के स्थित लगा कूड़े का ढेर
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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शहर में कचरा स्टोरेज व प्रबंधन नगर परिषद के लिए चुनौती से कम नहीं है। अब शहर में कचरा प्रबंधन के लिए डीसी की ओर से टेक्निकल और प्रशासनिक तौर पर मंजूर मिल गई है। नगर परिषद रानिया मोड़ पर चार एकड़ जमीन की जल्द ही पैमाइश करवाकर यहां चार दीवारी निर्माण का कार्य शुरू करेगा। इस समय शहर में कचरा स्टोरेज की समस्या विकराल रूप लेती जा रही है। कचरा डालने के लिए शहर में कही जगह नहीं है।
जानकारी के अनुसार कलियाणा रोड स्थित एक एकड़ जमीन पर अब कचरा डालने को जगह नहीं बची है। इस जमीन की बार-बार ड्रेसिंग कर कचरे का समायोजन करना पड़ रहा है। बढ़ते कचरे को देखते हुए शहर को कचरा प्लांट या अन्य रिक्साइक्लिबन सिस्टम लगाए जाने की जरूरत है तभी इस समस्या का स्थायी समाधान संभव है।
चरखी दादरी अब जिले का रूप ले चुका है। शहर की आबादी करीब 70 हजार से अधिक है। शहर में कुल 21 वार्ड हैं। वार्डो में गत सालों के दौरान बढ़ोतरी हुई है। शहर की आबादी लगातार बढ़ रही है। रिहायशी मकानों व प्रतिष्ठानों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है। कलियाणा रोड व रोहतक रोड स्थित एक दर्जन मिलों व फैक्ट्रियों का कचरा भी लगातार बढ़ता जा रहा है।
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शहर में नई अनाज मंडी चालू होने से कचरे की मात्रा में दोगुना तक बढ़ोतरी हुई है। नई सब्जी मंडी भी करीब दो साल से शुरू हो चुकी है। इन दोनो मंडियों का रोजाना भारी मात्रा में कूड़ा-कचरा बढ़ रहा है। इतना ही नहीं शहर का बाहरी दायरा भी बढ़ता ही जा रहा है लेकिन कचरे की स्टोरेज की क्षमता नहीं बढ़ाई गई।
सैकड़ों टन कचरा वार्डों के खाली प्लाट में पड़ा
शहर में सफाई व्यवस्था वैसे ही चरमराई रहती है। जैसे- तैसे ट्रैक्टर आदि के जरिए शहर के वार्डों से तो कचरे का उठान कर लिया जाता है लेकिन इस कचरे का समायोजन करना सिरदर्द बना हुआ है। शहर का सैकड़ों टन कचरा वार्डों के खाली प्लाटों में पड़ा है। नगर परिषद कर्मचारी भी कई बार कचरे को इन खाली प्लाटों में ही डाल देेते हैं जो लगातार शहर की आबोहवा को बिगाड़ रहा है। आवासीय बस्तियां प्रदूषित बनी रहती है।
परिषद का है यह प्लान
नगर परिषद कचरे का उठान कर उसका समायोजन एवं प्रबंधन करने के लिए प्रयासरत है। नगर परिषद की शहर के भिवानी रोड पर रानिया जोहड़ के समीप परिषद चार एकड़ जमीन है। इस जमीन को कचरा स्टोरेज के लिए प्रयोग किए जाने की प्लानिंग है। परिषद की ओर से जमीन की चार दीवारी का काम भी जल्द शुरू करा दिया जाएगा।
टेक्निकल और प्रशासनिक मंजूरी मिली
नगर परिषद ने इस प्लान की मंजूरी के लिए डीसी के पास फाइल भेजी थी। अब डीसी ने इसके लिए टेक्निकल और प्रशासनिक तौर पर मंजूरी दे दी है। इस जमीन की पैमाइश कंप्यूटराइज होनी है। तहसीलदार ने हिसार संबंधित विभाग को लिखा हुआ है। जल्द ही यह पैमाइश पूरी होनी है।
शहर में कचरा स्टोरेज के लिए टेक्निकल और प्रशासनिक तौर पर डीसी की ओर से मंजूरी मिल गई है। अब जल्द ही चार एकड़ जमीन की पैमाइश करवा दी जाएगी। तहसीलदार को पैमाइश के लिए लिख रखा है।
नगर परिषद चेयरमैन, संजय कुमार
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जानकारी के अनुसार कलियाणा रोड स्थित एक एकड़ जमीन पर अब कचरा डालने को जगह नहीं बची है। इस जमीन की बार-बार ड्रेसिंग कर कचरे का समायोजन करना पड़ रहा है। बढ़ते कचरे को देखते हुए शहर को कचरा प्लांट या अन्य रिक्साइक्लिबन सिस्टम लगाए जाने की जरूरत है तभी इस समस्या का स्थायी समाधान संभव है।
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चरखी दादरी अब जिले का रूप ले चुका है। शहर की आबादी करीब 70 हजार से अधिक है। शहर में कुल 21 वार्ड हैं। वार्डो में गत सालों के दौरान बढ़ोतरी हुई है। शहर की आबादी लगातार बढ़ रही है। रिहायशी मकानों व प्रतिष्ठानों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है। कलियाणा रोड व रोहतक रोड स्थित एक दर्जन मिलों व फैक्ट्रियों का कचरा भी लगातार बढ़ता जा रहा है।
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शहर में नई अनाज मंडी चालू होने से कचरे की मात्रा में दोगुना तक बढ़ोतरी हुई है। नई सब्जी मंडी भी करीब दो साल से शुरू हो चुकी है। इन दोनो मंडियों का रोजाना भारी मात्रा में कूड़ा-कचरा बढ़ रहा है। इतना ही नहीं शहर का बाहरी दायरा भी बढ़ता ही जा रहा है लेकिन कचरे की स्टोरेज की क्षमता नहीं बढ़ाई गई।
सैकड़ों टन कचरा वार्डों के खाली प्लाट में पड़ा
शहर में सफाई व्यवस्था वैसे ही चरमराई रहती है। जैसे- तैसे ट्रैक्टर आदि के जरिए शहर के वार्डों से तो कचरे का उठान कर लिया जाता है लेकिन इस कचरे का समायोजन करना सिरदर्द बना हुआ है। शहर का सैकड़ों टन कचरा वार्डों के खाली प्लाटों में पड़ा है। नगर परिषद कर्मचारी भी कई बार कचरे को इन खाली प्लाटों में ही डाल देेते हैं जो लगातार शहर की आबोहवा को बिगाड़ रहा है। आवासीय बस्तियां प्रदूषित बनी रहती है।
परिषद का है यह प्लान
नगर परिषद कचरे का उठान कर उसका समायोजन एवं प्रबंधन करने के लिए प्रयासरत है। नगर परिषद की शहर के भिवानी रोड पर रानिया जोहड़ के समीप परिषद चार एकड़ जमीन है। इस जमीन को कचरा स्टोरेज के लिए प्रयोग किए जाने की प्लानिंग है। परिषद की ओर से जमीन की चार दीवारी का काम भी जल्द शुरू करा दिया जाएगा।
टेक्निकल और प्रशासनिक मंजूरी मिली
नगर परिषद ने इस प्लान की मंजूरी के लिए डीसी के पास फाइल भेजी थी। अब डीसी ने इसके लिए टेक्निकल और प्रशासनिक तौर पर मंजूरी दे दी है। इस जमीन की पैमाइश कंप्यूटराइज होनी है। तहसीलदार ने हिसार संबंधित विभाग को लिखा हुआ है। जल्द ही यह पैमाइश पूरी होनी है।
शहर में कचरा स्टोरेज के लिए टेक्निकल और प्रशासनिक तौर पर डीसी की ओर से मंजूरी मिल गई है। अब जल्द ही चार एकड़ जमीन की पैमाइश करवा दी जाएगी। तहसीलदार को पैमाइश के लिए लिख रखा है।
नगर परिषद चेयरमैन, संजय कुमार