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गवाह पूर्व सरपंच को मारी थी सात गोलियां
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पूर्व सरपंच पवन की हत्या सात गोलियां मारकर की गई थी। पोस्टमार्टम में उसके शरीर से सात गोलियां मिली हैं। इनमें कंधा, गर्दन, आंख और एक गोली कमर में लगी थी। जबकि तीन गोलियां पेट के साथ वाले हिस्से में मारी गई। आठ जुलाई 2017 की शाम को बवानीखेड़ा में डबल मर्डर में गवाह पूर्व सरपंच पवन कुमार को गवाही से रोकने के लिए हत्या की गई है। पवन की 22 अक्तूबर को गवाही थी। ये आरोप मृतक पूर्व सरपंच पवन के चचेरे भाई राज कुमार ने लगाए। मृतक पवन का मंगलवार दोपहर को सामान्य अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद शाम को गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार किया गया।
उल्लेखनीय है कि पंचायती चुनाव की पुरानी रंजिश में पूर्व सरपंच पवन कुमार की सोमवार शाम करीब सात बजे गांव में ही गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। बाइक पर सवार होकर आए दो युवकों ने हत्याकांड को अंजाम दिया। आरोप है कि वहां 25-30 गोलियां चलाई गई। इससे पहले 2017 में पवन कुमार के पिता भल्लेराम और चचेरे भाई बलजीत की भी हत्या की गई थी। मंगलवार को पुलिस ने मृतक के चचेरे भाई राज कुमार की शिकायत पर 11 के खिलाफ केस दर्ज कर पोस्टमार्टम करवाया। जिसमें स्पष्ट हुआ कि पवन को सात गोलियां लगी थी।
गांव में तनाव, पुलिस के साथ अर्धसैनिक बलों के जवान तैनात
घटना के बाद से गांव में तनाव है। मृतक पूर्व सरपंच पवन के घर से करीब तीन-चार सौ मीटर की दूरी पर ही आरोपी आनंद का मकान है। चुनावी रंजिश में यह तीसरी हत्या है और हत्या के बाद से ही गांव में तनाव का माहौल है। ऐसे में यहां बवानीखेड़ा थाना पुलिस के अलावा अर्धसैनिकों की एक कंपनी भी तैनात है। यह सुरक्षा आगामी विधानसभा चुनावों और हत्या दोनों के मद्देनजर लगाई है।
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हम जान को खतरा बताते रहे मगर नहीं हुई कोई सुनवाई
मृतक के चचेरे भाई राज कुमार ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने बताया कि फर्जी डिग्री के आधार पर सरपंच बनी थी। पुलिस को शिकायत दी मगर कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने लोकायुक्त को शिकायत की तो सरपंच को बर्खास्त कर दिया। पुलिस ने आरोपियों से मिलकर उन्हें परेशान करना शुरू कर दिया। तीन झूठे मुकदमे दर्ज कर उन्हें बेरहमी से पीटा। हम सुरक्षा की गुहार लगाते रहे मगर हमारी कोई सुनवाई नहीं हुई। आरोपी खुलेआम कहते है कि पूरे परिवार को मारेंगे। बताया कि पिछले कुछ दिनों से ही उन्हें धमकियां मिल रही थी।
11 के खिलाफ दर्ज हुआ केस
पुलिस ने पूर्व सरपंच पवन कुमार की हत्या के मामले में 11 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। इनमें रमेश, विकास पिल्लू, सुखबीर, सुदेश, अनूप, अजीत बालिया, आनंद बबलू, रवींद्र, पवन, प्रमोद, रामभगत पटवारी के खिलाफ हत्या, साजिश रखने आदि विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। इनमें आरोपी आनंद, प्रमोद, रवींद्र, पवन पहले ही हत्या के मामले में जेल में है।
जो गवाही देगा, उसका यही अंजाम होगा
मृतक पवन के भाई राज कुमार ने बताया कि रात को वह पवन के पीछे कुछ दूरी पर था। बाइक पर आए दो युवकों ने उसके भाई पवन को गोली मारी और पिस्तौल लहराते हुए भाग गए। साथ ही गोली मारने के दौरान गालिया देते हुए बोल रहे थे कि बलजीत व भल्ले राम को पहले मार दिया व आज तीसरा भी मार दिया है। जब तुमको बलजीत व भलेराम के मुकदमा में गवाही देने से मना किया था। जो फिर भी गवाही दे रहे हो। और आगे भी अगर किसी ने गवाही दी तो उसका भी यही अंजाम होगा। ये कहते ही दोनों लडक़े मौका से अपनी बाइक से फायर करते हुए गांव के बीचो-बीच भाग गए। राज कुमार का आरोप है कि अन्य मार्गों पर गाडिय़ों में भी कुछ बदमाश थे।
मृतक पवन को सात गोलियां लगी थी। शव को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया गया है। गांव में सुरक्षा के लिए पुलिस फोर्स तैनात की गई है। हत्या मामले में आरोपी आनंद को पूछताछ के लिए प्रोडक्शन वारंट पर लिया जाएगा। इसके लिए एप्लीकेशन लगा दी है।
- विरेंद्र सिंह, डीएसपी
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उल्लेखनीय है कि पंचायती चुनाव की पुरानी रंजिश में पूर्व सरपंच पवन कुमार की सोमवार शाम करीब सात बजे गांव में ही गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। बाइक पर सवार होकर आए दो युवकों ने हत्याकांड को अंजाम दिया। आरोप है कि वहां 25-30 गोलियां चलाई गई। इससे पहले 2017 में पवन कुमार के पिता भल्लेराम और चचेरे भाई बलजीत की भी हत्या की गई थी। मंगलवार को पुलिस ने मृतक के चचेरे भाई राज कुमार की शिकायत पर 11 के खिलाफ केस दर्ज कर पोस्टमार्टम करवाया। जिसमें स्पष्ट हुआ कि पवन को सात गोलियां लगी थी।
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गांव में तनाव, पुलिस के साथ अर्धसैनिक बलों के जवान तैनात
घटना के बाद से गांव में तनाव है। मृतक पूर्व सरपंच पवन के घर से करीब तीन-चार सौ मीटर की दूरी पर ही आरोपी आनंद का मकान है। चुनावी रंजिश में यह तीसरी हत्या है और हत्या के बाद से ही गांव में तनाव का माहौल है। ऐसे में यहां बवानीखेड़ा थाना पुलिस के अलावा अर्धसैनिकों की एक कंपनी भी तैनात है। यह सुरक्षा आगामी विधानसभा चुनावों और हत्या दोनों के मद्देनजर लगाई है।
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हम जान को खतरा बताते रहे मगर नहीं हुई कोई सुनवाई
मृतक के चचेरे भाई राज कुमार ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने बताया कि फर्जी डिग्री के आधार पर सरपंच बनी थी। पुलिस को शिकायत दी मगर कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने लोकायुक्त को शिकायत की तो सरपंच को बर्खास्त कर दिया। पुलिस ने आरोपियों से मिलकर उन्हें परेशान करना शुरू कर दिया। तीन झूठे मुकदमे दर्ज कर उन्हें बेरहमी से पीटा। हम सुरक्षा की गुहार लगाते रहे मगर हमारी कोई सुनवाई नहीं हुई। आरोपी खुलेआम कहते है कि पूरे परिवार को मारेंगे। बताया कि पिछले कुछ दिनों से ही उन्हें धमकियां मिल रही थी।
11 के खिलाफ दर्ज हुआ केस
पुलिस ने पूर्व सरपंच पवन कुमार की हत्या के मामले में 11 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। इनमें रमेश, विकास पिल्लू, सुखबीर, सुदेश, अनूप, अजीत बालिया, आनंद बबलू, रवींद्र, पवन, प्रमोद, रामभगत पटवारी के खिलाफ हत्या, साजिश रखने आदि विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। इनमें आरोपी आनंद, प्रमोद, रवींद्र, पवन पहले ही हत्या के मामले में जेल में है।
जो गवाही देगा, उसका यही अंजाम होगा
मृतक पवन के भाई राज कुमार ने बताया कि रात को वह पवन के पीछे कुछ दूरी पर था। बाइक पर आए दो युवकों ने उसके भाई पवन को गोली मारी और पिस्तौल लहराते हुए भाग गए। साथ ही गोली मारने के दौरान गालिया देते हुए बोल रहे थे कि बलजीत व भल्ले राम को पहले मार दिया व आज तीसरा भी मार दिया है। जब तुमको बलजीत व भलेराम के मुकदमा में गवाही देने से मना किया था। जो फिर भी गवाही दे रहे हो। और आगे भी अगर किसी ने गवाही दी तो उसका भी यही अंजाम होगा। ये कहते ही दोनों लडक़े मौका से अपनी बाइक से फायर करते हुए गांव के बीचो-बीच भाग गए। राज कुमार का आरोप है कि अन्य मार्गों पर गाडिय़ों में भी कुछ बदमाश थे।
मृतक पवन को सात गोलियां लगी थी। शव को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया गया है। गांव में सुरक्षा के लिए पुलिस फोर्स तैनात की गई है। हत्या मामले में आरोपी आनंद को पूछताछ के लिए प्रोडक्शन वारंट पर लिया जाएगा। इसके लिए एप्लीकेशन लगा दी है।
- विरेंद्र सिंह, डीएसपी