{"_id":"66c298db523043fbc30081f4","slug":"build-rob-at-jeetuwala-railway-crossing-soon-bhiwani-news-c-125-1-bwn1002-121838-2024-08-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bhiwani News: जीतूवाला रेल फाटक पर जल्द बनाएं आरओबी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bhiwani News: जीतूवाला रेल फाटक पर जल्द बनाएं आरओबी
Mon, 19 Aug 2024 06:29 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Mon, 19 Aug 2024 06:29 AM IST
विज्ञापन
भिवानी। स्थानीय लोगों ने जीतूवाला रेल फाटक पर निर्माणाधीन रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) के धीमे निर्माण कार्य पर नाराजगी जताई है। उन्होंने इस कार्य जल्द पूरा कराने की मांग की है। इसके लिए क्षेत्रवासियों ने रविवार को इस पुल के नीचे धरना दिया। धरने की अध्यक्षता ठाकुर कृष्ण सिंह परमार ने की।
महापंचायत के संरक्षक एवं धरना संचालन कमेटी के अध्यक्ष रोहताश वर्मा ने बताया कि धरना, प्रदर्शन सफलतापूर्वक शांतिपूर्ण तरीके से चल रहा है लेकिन विभागीय अधिकारियों ने इसका संज्ञान नहीं लिया है। इस कारण जनता की समस्या नहीं सुलझ सकी है। लोगों का कारोबार और दिनचर्या प्रभावित हो रही है। इससे उनमें गुस्सा है। ऐसे में मांग पूरी करवाने के लिए आंदोलन तेज करना होगा।
महापंचायत के प्रधान लाला पहलवान ने कहा कि करीब 24 करोड़ रुपये की लागत से यह ओवरब्रिज 18 महीने में तैयार होना चाहिए था, जिसका निर्माण कार्य 40 महीनों बाद भी अधर में लटका पड़ा है। प्रशासन की ढीली कार्यप्रणाली का उदाहरण दूसरा नहीं हो सकता।
विज्ञापन
इस मौके पर राजपूत कल्याण ट्रस्ट के प्रधान जैना सिंह राजपूत, सेवानिवृत्त एसडीओ बलजीत सिंह गिल, रामबीर सिंह राजपूत उर्फ धोलू, नरदेव आर्य, राकेश पंवार एडवोकेट, अशोक कौशिक, राजबीर फौजी, सतपाल फौजी, सतबीर सिंह श्योराण, सोनू भट्टी आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
महापंचायत के संरक्षक एवं धरना संचालन कमेटी के अध्यक्ष रोहताश वर्मा ने बताया कि धरना, प्रदर्शन सफलतापूर्वक शांतिपूर्ण तरीके से चल रहा है लेकिन विभागीय अधिकारियों ने इसका संज्ञान नहीं लिया है। इस कारण जनता की समस्या नहीं सुलझ सकी है। लोगों का कारोबार और दिनचर्या प्रभावित हो रही है। इससे उनमें गुस्सा है। ऐसे में मांग पूरी करवाने के लिए आंदोलन तेज करना होगा।
विज्ञापन
महापंचायत के प्रधान लाला पहलवान ने कहा कि करीब 24 करोड़ रुपये की लागत से यह ओवरब्रिज 18 महीने में तैयार होना चाहिए था, जिसका निर्माण कार्य 40 महीनों बाद भी अधर में लटका पड़ा है। प्रशासन की ढीली कार्यप्रणाली का उदाहरण दूसरा नहीं हो सकता।
विज्ञापन
इस मौके पर राजपूत कल्याण ट्रस्ट के प्रधान जैना सिंह राजपूत, सेवानिवृत्त एसडीओ बलजीत सिंह गिल, रामबीर सिंह राजपूत उर्फ धोलू, नरदेव आर्य, राकेश पंवार एडवोकेट, अशोक कौशिक, राजबीर फौजी, सतपाल फौजी, सतबीर सिंह श्योराण, सोनू भट्टी आदि मौजूद रहे।