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Bhiwani News: पुरानी वीडियो देख खामियां को दूर करने में जुटी मुक्केबाज साक्षी
Mon, 13 Mar 2023 10:53 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Mon, 13 Mar 2023 10:53 PM IST
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अपने कोच जगदीश सिंह के साथ मुक्केबाज साक्षी ढांडा।
भिवानी। एक बार जूनियर और दो बार यूथ वर्ल्ड चैंपियनशिप मुक्केबाज गांव धनाना की बेटी साक्षी ढांडा पहली बार 52 किलोग्राम भारवर्ग में महिला विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप के रिंग में उतरेंगी। साक्षी पुरानी वीडियो देख खामियां को दूर करने में जुटी हैं। वे सीनियर मुक्केबाजी के रिंग में भी पहली बार प्रदर्शन करेंगी, जोकि उनके लिए खास है। चैंपियनशिप में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए साक्षी ढांडा लगातार अभ्यास कर रही है, जोकि सोमवार को भारतीय टीम के साथ रेडिसन होटल गाजियाबाद में पहुंची है।
साक्षी ढांडा के कोच द्रोणाचार्य अवॉर्डी जगदीश सिंह से बातचीत की। जगदीश ने बताया कि पिछले सप्ताह पहले श्रीलंका, फ्रांस, और कजाकिस्तान के खिलाड़ियों के साथ उनका अभ्यास मैच करवाया था। साक्षी अपने अभ्यास मैच व पिछले मैचों की वीडियो देख रही है, जिसमें वह अपनी खामियों के साथ प्रतिद्वंद्वी मुक्केबाजी की खूबियां व खामियों पर भी फोकस कर रही है। अपनी खामियों को सुधारते हुए वह रिंग में तीन से चार घंटे पसीना बहा रही है।
वहीं, साक्षी बाएं हाथ के पंच और प्रतिद्वंद्वी मुक्केबाज के पंच को रोकने की तकनीक में बेहतर है। द्विवार्षिक वैश्विक प्रतियोगिता में 74 से अधिक देशों के 350 से अधिक मुक्केबाज भाग लेंगे, जबकि पिछली प्रतियोगिता में 73 देशों के 310 मुक्केबाजों ने भाग लिया था। भारत, तीसरी बार महिला विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप की मेजबानी करेगा। 15 से 26 मार्च तक इंदिरा गांधी इंडोर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स नई दिल्ली में महिला विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप होगी। बॉक्सिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया की ओर से घोषित भारतीय टीम में कुल 12 मुक्केबाजों का चयन किया है, जिसमें आठ हरियाणा और पांच बेटियां भिवानी जिले की हैं, जोकि अब तक के इतिहास में पहली बार संभव हुआ है। संवाद
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वर्ष 2012 में शुरू किया था मुक्केबाजी में सफर
जिले के गांव धनाना की बेटी साक्षी ढांडा ने वर्ष 2012 में द्रोणाचार्य अवॉर्डी जगदीश कोच के मार्गदर्शन में मुक्केबाजी में अभ्यास शुरू किया था। साक्षी कम समय में बेहतरीन उपलब्धि प्राप्त करने वाले खिलाड़ियों में से एक है। वे तीन बार वर्ल्ड चैंपियन रह चुकी है। वर्ष 2015 में जूनियर विश्व चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता था। वर्ष 2017 में यूथ वर्ल्ड चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता। वहीं, वर्ष 2018 में यूथ वर्ल्ड चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतकर अपनी विशेष पहचान बनाई। फरवरी 2021 में एशियन चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता है। वे तीन बार राष्ट्रीय चैंपियन और बेस्ट महिला मुक्केबाज रह चुकी है। साक्षी ने ओलंपिक क्वालिफाई के लिए चीन में भाग लिया था और जॉर्डन में एशियन चैंपियनशिप में देश का प्रतिनिधित्व किया।
साक्षी ढांडा हमारी बेहतरीन मुक्केबाज है। वह तीन बार विश्व चैंपियन रह चुकी है और अब पहली बार सीनियर महिला विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप के रिंग में उतरने जा रही है। पूर्ण विश्वास है वह इस प्रतियोगिता में भी स्वर्ण पदक अपने नाम करेंगी।
- कोच जगदीश सिंह, द्रोणाचार्य अवॉर्डी।
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साक्षी ढांडा के कोच द्रोणाचार्य अवॉर्डी जगदीश सिंह से बातचीत की। जगदीश ने बताया कि पिछले सप्ताह पहले श्रीलंका, फ्रांस, और कजाकिस्तान के खिलाड़ियों के साथ उनका अभ्यास मैच करवाया था। साक्षी अपने अभ्यास मैच व पिछले मैचों की वीडियो देख रही है, जिसमें वह अपनी खामियों के साथ प्रतिद्वंद्वी मुक्केबाजी की खूबियां व खामियों पर भी फोकस कर रही है। अपनी खामियों को सुधारते हुए वह रिंग में तीन से चार घंटे पसीना बहा रही है।
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वहीं, साक्षी बाएं हाथ के पंच और प्रतिद्वंद्वी मुक्केबाज के पंच को रोकने की तकनीक में बेहतर है। द्विवार्षिक वैश्विक प्रतियोगिता में 74 से अधिक देशों के 350 से अधिक मुक्केबाज भाग लेंगे, जबकि पिछली प्रतियोगिता में 73 देशों के 310 मुक्केबाजों ने भाग लिया था। भारत, तीसरी बार महिला विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप की मेजबानी करेगा। 15 से 26 मार्च तक इंदिरा गांधी इंडोर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स नई दिल्ली में महिला विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप होगी। बॉक्सिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया की ओर से घोषित भारतीय टीम में कुल 12 मुक्केबाजों का चयन किया है, जिसमें आठ हरियाणा और पांच बेटियां भिवानी जिले की हैं, जोकि अब तक के इतिहास में पहली बार संभव हुआ है। संवाद
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वर्ष 2012 में शुरू किया था मुक्केबाजी में सफर
जिले के गांव धनाना की बेटी साक्षी ढांडा ने वर्ष 2012 में द्रोणाचार्य अवॉर्डी जगदीश कोच के मार्गदर्शन में मुक्केबाजी में अभ्यास शुरू किया था। साक्षी कम समय में बेहतरीन उपलब्धि प्राप्त करने वाले खिलाड़ियों में से एक है। वे तीन बार वर्ल्ड चैंपियन रह चुकी है। वर्ष 2015 में जूनियर विश्व चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता था। वर्ष 2017 में यूथ वर्ल्ड चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता। वहीं, वर्ष 2018 में यूथ वर्ल्ड चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतकर अपनी विशेष पहचान बनाई। फरवरी 2021 में एशियन चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता है। वे तीन बार राष्ट्रीय चैंपियन और बेस्ट महिला मुक्केबाज रह चुकी है। साक्षी ने ओलंपिक क्वालिफाई के लिए चीन में भाग लिया था और जॉर्डन में एशियन चैंपियनशिप में देश का प्रतिनिधित्व किया।
साक्षी ढांडा हमारी बेहतरीन मुक्केबाज है। वह तीन बार विश्व चैंपियन रह चुकी है और अब पहली बार सीनियर महिला विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप के रिंग में उतरने जा रही है। पूर्ण विश्वास है वह इस प्रतियोगिता में भी स्वर्ण पदक अपने नाम करेंगी।
- कोच जगदीश सिंह, द्रोणाचार्य अवॉर्डी।