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बीमा सखी योजना परिवार की आय बढ़ाने में कारगर : एसडीएम
Mon, 20 Jan 2025 11:36 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Mon, 20 Jan 2025 11:36 PM IST
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रोजगार मेले में मौजूद महिलाओं को संबोधित करते एसडीएम डॉ. अशवीर सिंह नैन।
तोशाम। एसडीएम डॉ. अशवीर सिंह नैन ने कहा कि सरकार की ओर से बीमा सखी योजना की पहल शुरू की गई है। बीमा सखी योजना महिलाओं के लिए परिवार की आय बढ़ाने में कारगर साबित हो रही है। सखी बीमा योजना के जरिये बैंकों और खेती बाड़ी तथा पशु पालन क्षेत्र में भी महिलाओं को रोजगार के अवसर मिलते हैं।
एसडीएम डॉ. नैन ने सोमवार को रोजगार विभाग की ओर से आयोजित रोजगार मेले के शुभारंभ अवसर पर उपस्थित महिलाओं को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बीमा सखी योजना के जरिये 25,000 महिलाओं को बीमा सखी के रूप में चुना जाएगा। बीमा सखी योजना में जुड़ने वाली महिलाओं को ट्रेनिंग के पहले साल 7,000 रुपये, दूसरे साल 6,000 रुपये और तीसरे साल 5,000 रुपये स्टाइपेंड के तौर पर दिए जाएंगे। इसका मतलब है कि महिलाओं को ट्रेनिंग पीरियड के दौरान कुल दो लाख से ज्यादा रुपये मिलेंगे।
एसडीएम ने बताया कि ऐसी ही एक स्कीम है बैंक सखी। इससे महिलाएं हर महीने 40,000 रुपये कमा रही हैं। बैंक सखी स्कीम के जरिए ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने पर जोर दिया जाता है। इस योजना के तहत ग्रामीण महिलाओं को बैंक सखी बनाया जाता है, जो गांव में लोगों की बैंक से जुड़ी जरूरतों को पूरा करती हैं। इस योजना के अनुसार प्रत्येक बीमा सखी को पहले वर्ष में 7,000 रुपये, दूसरे वर्ष में 6,000 रुपये प्रति माह और तीसरे वर्ष में 5,000 रुपये प्रति माह का मासिक मानदेय प्रदान किया जाएगा।
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यह मानदेय मूल सहायता भत्ते के रूप में कार्य करता है। वहीं अब तक लगभग 30,000 कृषि सखियों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। आंकड़ों के मुताबिक, किसानों के कामों में मदद करके ये कृषि सखियां अतिरिक्त 60,000 से लेकर 80,000 रुपये सालाना कमा सकती हैं। एलआईसी के विकास अधिकारी सचिन पंघाल ने उपस्थित महिलाओं को बताया कि बीमा सखी योजना में जुड़ने वाली महिलाओं को ट्रेनिंग के पहले साल 7,000 रुपये, दूसरे साल 6,000 रुपये और तीसरे साल 5,000 रुपये स्टाइफंड के तौर पर दिए जाएंगे।
महिलाओं को बेहतर तरीके से ट्रेनिंग पीरियड के दौरान कुल दो लाख से ज्यादा राशि तो मिलेंगी ही इसके अलावा महिलाओं को बोनस और कमीशन का भी अतिरिक्त तौर पर लाभ दिया जाएगा। योजना में प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं को दो लाख से अधिक की वित्तीय सहायता और कमीशन का लाभ मिलेगा। आवेदन प्रक्रिया, पात्रता और जरूरी जानकारी के साथ आवेदन का डायरेक्ट साइट उपलब्ध है। योजना के तहत स्नातक महिलाओं को विकास अधिकारी बनने का मौका भी मिलेगा। रोजगार मेले में रोजगार विभाग से सहायक सुमन, प्रियंका, विनोद कुमार, योगेन्द्र उपस्थित रहे।
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एसडीएम डॉ. नैन ने सोमवार को रोजगार विभाग की ओर से आयोजित रोजगार मेले के शुभारंभ अवसर पर उपस्थित महिलाओं को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बीमा सखी योजना के जरिये 25,000 महिलाओं को बीमा सखी के रूप में चुना जाएगा। बीमा सखी योजना में जुड़ने वाली महिलाओं को ट्रेनिंग के पहले साल 7,000 रुपये, दूसरे साल 6,000 रुपये और तीसरे साल 5,000 रुपये स्टाइपेंड के तौर पर दिए जाएंगे। इसका मतलब है कि महिलाओं को ट्रेनिंग पीरियड के दौरान कुल दो लाख से ज्यादा रुपये मिलेंगे।
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एसडीएम ने बताया कि ऐसी ही एक स्कीम है बैंक सखी। इससे महिलाएं हर महीने 40,000 रुपये कमा रही हैं। बैंक सखी स्कीम के जरिए ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने पर जोर दिया जाता है। इस योजना के तहत ग्रामीण महिलाओं को बैंक सखी बनाया जाता है, जो गांव में लोगों की बैंक से जुड़ी जरूरतों को पूरा करती हैं। इस योजना के अनुसार प्रत्येक बीमा सखी को पहले वर्ष में 7,000 रुपये, दूसरे वर्ष में 6,000 रुपये प्रति माह और तीसरे वर्ष में 5,000 रुपये प्रति माह का मासिक मानदेय प्रदान किया जाएगा।
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यह मानदेय मूल सहायता भत्ते के रूप में कार्य करता है। वहीं अब तक लगभग 30,000 कृषि सखियों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। आंकड़ों के मुताबिक, किसानों के कामों में मदद करके ये कृषि सखियां अतिरिक्त 60,000 से लेकर 80,000 रुपये सालाना कमा सकती हैं। एलआईसी के विकास अधिकारी सचिन पंघाल ने उपस्थित महिलाओं को बताया कि बीमा सखी योजना में जुड़ने वाली महिलाओं को ट्रेनिंग के पहले साल 7,000 रुपये, दूसरे साल 6,000 रुपये और तीसरे साल 5,000 रुपये स्टाइफंड के तौर पर दिए जाएंगे।
महिलाओं को बेहतर तरीके से ट्रेनिंग पीरियड के दौरान कुल दो लाख से ज्यादा राशि तो मिलेंगी ही इसके अलावा महिलाओं को बोनस और कमीशन का भी अतिरिक्त तौर पर लाभ दिया जाएगा। योजना में प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं को दो लाख से अधिक की वित्तीय सहायता और कमीशन का लाभ मिलेगा। आवेदन प्रक्रिया, पात्रता और जरूरी जानकारी के साथ आवेदन का डायरेक्ट साइट उपलब्ध है। योजना के तहत स्नातक महिलाओं को विकास अधिकारी बनने का मौका भी मिलेगा। रोजगार मेले में रोजगार विभाग से सहायक सुमन, प्रियंका, विनोद कुमार, योगेन्द्र उपस्थित रहे।