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जंग लगे औजारों और एक्सापयरी दवाओं से हो रहा उपचार
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 05 Oct 2016 12:47 AM IST
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निरीक्षण
- फोटो : अमर उजाला
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चरखी दादरी जिले में मरीजों को जान जोखिम में डालकर अपना उपचार करवाना पड़ रहा है। पीएचसी और सीएचसी केंद्र में मरीजों का उपचार जंग लगे औजारों के साथ-साथ एक्सपायरी डेट की दवाएं देकर किया जा रहा है। इस बात का खुलासा मंगलवार को स्वास्थ्य केंद्रों का निरीक्षण करने पहुंची सीएम फ्लाइंग ने किया। टीमों को आंगनबाड़ी केंद्र पर भी भारी अनियमितताएं मिली। सभी अनियमितताओं की रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेजी जाएगी। इसके बाद मामले में ढिलाई बरतने वालों के खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
करीब दो माह पहले भी पीजीआई के चिकित्सकों की टीम ने दादरी के सिविल अस्पताल सहित विभिन्न प्राथमिक व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों का निरीक्षण किया था। इस दौरान टीम सदस्यों ने यहां व्याप्त अनियमितताओं को अपने कैमरे में कैद किया था। बाद में स्वास्थ्य केंद्रों की जरूरतों तथा अधिकारियों व कर्मचारी की गफलतबाजी की रिपोर्ट बनाकर सीएम सहित स्वास्थ्य मंत्री को भी भेजी गई थी। जिला अस्पताल में तो थोड़ा बहुत कमियों को दूर किया गया। मगर आंगनबाड़ी केंद्रों, प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के हालातों में कोई सुधार नहीं हुआ।
बायोमेडिकल वेस्ट निस्तारण व बदहाल बिजली व्यवस्था टीम के समझ से परे
दोपहर करीब 12 बजे दादरी के सिविल अस्पताल में टीम सदस्य पहुंचे। इस दौरान ओपीडी से लेकर जच्चा-बच्चा वार्ड, औषधालय केंद्र, एक्सरे-कक्ष, अल्ट्रासाउंड कक्ष, इमरजेंसी कक्ष, पोस्टमार्टम कक्ष, रक्त जांच लैब सहित ार्डों में जाकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया। इस दौरान अस्पताल की बिजली व्यवस्था पटरी से उतरी नजर आई। इसके अलावा अस्पताल में बायोमेडिकल वेस्ट के निस्तारण के पुख्ता प्रबंध न होने से टीम सदस्य खासा नाराज दिखाई दिए। अस्पताल में खुले में पड़े वेस्ट को देखकर मौके पर ही कर्मचारियों व अस्पताल स्टाफ को हिदायतें दी गई। साथ ही चेतावनी भी दी गई मामले की पूरी रिपोर्ट तैयार कर प्रशासन को प्रेषित की जाएगी। इनके अलावा टीम सदस्यों को डिलीवरी रूम में भी कई तरह की खामियां मिली।
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छपार पीएचसी में मिली एक्सपायरी डेट की दवाएं
सिविल अस्पताल से पहले टीम सदस्यों ने गावं छपार स्थित पीएचसी का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान यहां के हालात तो टीम सदस्यों को बदहाल मिले। अस्पताल के कक्ष की जांच करने पर यहां औजार जंग लगे मिले। इस पर टीम सदस्यों को गुस्सा भड़क उठा और उन्होंने फटाफट सारा माजरा अपने कैमरे में कैद कर लिया। वहीं जब औषधालय कक्ष की जांच की गई तो आधा दर्जन से अधिक प्रकार की दवाएं एक्सपायरी डेट वाली पाई गई। इस संबंध में जब स्टॉफ सदस्यों से सवाल-जवाब किए गए तो वो कोई तर्क तक नहीं दे पाएं। टीम सदस्यों ने बताया कि पहले वाले निरीक्षण की तरह हालात यहां बेकाबू पाए गए।
झोझूकलां सीएचसी की बिल्डिंग कंडम
छपार पीएचसी के बाद टीम ने अपने निशाने पर झोझूकलां सीएचसी को लिया। यहां खस्ताहाल में पड़ी बिल्डिंग के अलावा भी कई अनियमितताएं सामने आई। टीम सदस्यों ने बताया कि यहां भी कुछ औजार जंग लगे पाए गए। झोझूकलां के आंगनबाड़ी केंद्र के निरीक्षण के दौरान भी गड़बड़झाला सामने आया। आंगनबाड़ी का न तो रिकार्ड दुरुस्त मिला और न ही सामान्य आंगनबाड़ी केंद्र के अनुकूल माहौल। है।----------
छपार पीएचसी केंद्र में एक्सपायरी डेट की दवाएं व जंग लगे औजार पाए गए। झोझूकलां सीएचसी व आंगनबाड़ी केंद्र में भी अनियमितताएं सामने आई। चरखी दादरी के सिविल अस्पताल में बायोमेडिकल वेस्ट के निस्तारण, डिलीवरी रूम व बिजली व्यवस्था में अभी सुधार की जरूरत है। अस्पताल की जरूरतों की व अनियमितताओं की रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेज दी जाएगी। जिन स्वास्थ्य केंद्रों पर स्टाफ सदस्यों की लापरवाही सामने आई हैं उन्हें सरकार के आदेशों पर स्वास्थ्य विभाग नोटिस भी जारी कर सकता है।
डॉ रोहित ढाका, टीम इंचार्ज, सीएम फ्लाइंग
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करीब दो माह पहले भी पीजीआई के चिकित्सकों की टीम ने दादरी के सिविल अस्पताल सहित विभिन्न प्राथमिक व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों का निरीक्षण किया था। इस दौरान टीम सदस्यों ने यहां व्याप्त अनियमितताओं को अपने कैमरे में कैद किया था। बाद में स्वास्थ्य केंद्रों की जरूरतों तथा अधिकारियों व कर्मचारी की गफलतबाजी की रिपोर्ट बनाकर सीएम सहित स्वास्थ्य मंत्री को भी भेजी गई थी। जिला अस्पताल में तो थोड़ा बहुत कमियों को दूर किया गया। मगर आंगनबाड़ी केंद्रों, प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के हालातों में कोई सुधार नहीं हुआ।
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बायोमेडिकल वेस्ट निस्तारण व बदहाल बिजली व्यवस्था टीम के समझ से परे
दोपहर करीब 12 बजे दादरी के सिविल अस्पताल में टीम सदस्य पहुंचे। इस दौरान ओपीडी से लेकर जच्चा-बच्चा वार्ड, औषधालय केंद्र, एक्सरे-कक्ष, अल्ट्रासाउंड कक्ष, इमरजेंसी कक्ष, पोस्टमार्टम कक्ष, रक्त जांच लैब सहित ार्डों में जाकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया। इस दौरान अस्पताल की बिजली व्यवस्था पटरी से उतरी नजर आई। इसके अलावा अस्पताल में बायोमेडिकल वेस्ट के निस्तारण के पुख्ता प्रबंध न होने से टीम सदस्य खासा नाराज दिखाई दिए। अस्पताल में खुले में पड़े वेस्ट को देखकर मौके पर ही कर्मचारियों व अस्पताल स्टाफ को हिदायतें दी गई। साथ ही चेतावनी भी दी गई मामले की पूरी रिपोर्ट तैयार कर प्रशासन को प्रेषित की जाएगी। इनके अलावा टीम सदस्यों को डिलीवरी रूम में भी कई तरह की खामियां मिली।
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छपार पीएचसी में मिली एक्सपायरी डेट की दवाएं
सिविल अस्पताल से पहले टीम सदस्यों ने गावं छपार स्थित पीएचसी का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान यहां के हालात तो टीम सदस्यों को बदहाल मिले। अस्पताल के कक्ष की जांच करने पर यहां औजार जंग लगे मिले। इस पर टीम सदस्यों को गुस्सा भड़क उठा और उन्होंने फटाफट सारा माजरा अपने कैमरे में कैद कर लिया। वहीं जब औषधालय कक्ष की जांच की गई तो आधा दर्जन से अधिक प्रकार की दवाएं एक्सपायरी डेट वाली पाई गई। इस संबंध में जब स्टॉफ सदस्यों से सवाल-जवाब किए गए तो वो कोई तर्क तक नहीं दे पाएं। टीम सदस्यों ने बताया कि पहले वाले निरीक्षण की तरह हालात यहां बेकाबू पाए गए।
झोझूकलां सीएचसी की बिल्डिंग कंडम
छपार पीएचसी के बाद टीम ने अपने निशाने पर झोझूकलां सीएचसी को लिया। यहां खस्ताहाल में पड़ी बिल्डिंग के अलावा भी कई अनियमितताएं सामने आई। टीम सदस्यों ने बताया कि यहां भी कुछ औजार जंग लगे पाए गए। झोझूकलां के आंगनबाड़ी केंद्र के निरीक्षण के दौरान भी गड़बड़झाला सामने आया। आंगनबाड़ी का न तो रिकार्ड दुरुस्त मिला और न ही सामान्य आंगनबाड़ी केंद्र के अनुकूल माहौल। है।----------
छपार पीएचसी केंद्र में एक्सपायरी डेट की दवाएं व जंग लगे औजार पाए गए। झोझूकलां सीएचसी व आंगनबाड़ी केंद्र में भी अनियमितताएं सामने आई। चरखी दादरी के सिविल अस्पताल में बायोमेडिकल वेस्ट के निस्तारण, डिलीवरी रूम व बिजली व्यवस्था में अभी सुधार की जरूरत है। अस्पताल की जरूरतों की व अनियमितताओं की रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेज दी जाएगी। जिन स्वास्थ्य केंद्रों पर स्टाफ सदस्यों की लापरवाही सामने आई हैं उन्हें सरकार के आदेशों पर स्वास्थ्य विभाग नोटिस भी जारी कर सकता है।
डॉ रोहित ढाका, टीम इंचार्ज, सीएम फ्लाइंग