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जाट आरक्षण आंदोलन: शुरू हुआ अनिश्चितकालीन धरना, जताया रोष
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 11 Jun 2016 12:46 AM IST
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ध्ारना
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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जाट आरक्षण आंदोलन व अन्य मांगों के लिए जाट बिरादरी के लोगों ने शुक्रवार को धनाना में अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया। जाट नेताओं ने आरक्षण को उनकी जरूरत बताते हुए अब तक उनकी मांगों को नजरअंदाज करने पर रोष जताया।
बृहस्पतिवार को धनाना गांव के एतिहासिक किले में हुई 12 गांवों की बैठक में शुक्रवार से अनिश्चितकालीन धरना शुरू करने का निर्णय लिया गया था। लोगों में पांच को धरना स्थगित करने को लेकर रोष था।
पूर्व नियोजित कार्यक्रम के तहत शुक्रवार सुबह आठ बजे ही विभिन्न गांवों से जाट बिरादरी के लोग धनाना प्रथम की धर्मशाला में पहुंचने लगे थे। सुबह करीब साढ़े नौ बजे अनिश्चितकालीन धरना जाटू खाप 84 के प्रधान राजमल की अध्यक्षता में शुरू किया गया। जाट नेताओं ने आरक्षण में बार-बार रूकावटें पैदा करने पर रोष जताया। वक्ताओं ने कहा कि आरक्षण आज उनकी जरूरत है। आरक्षण का लाभ सभी जातियों ने उठाया है तो उनका विरोध क्यों किया जा रहा है। जाट बिरादरी पहली ऐसी बिरादरी जिसके आरक्षण पर आपत्ति उठाई गई है। उनकी बिरादरी के काफी संख्या में युवा बेरोजगार घूम रहे है। बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ किया जा रहा है। धरने में जाट आरक्षण संघर्ष समिति के जिला प्रधान होशियार सिंह, जनरल सेकेटरी कुलदीप, पूर्व सरपंच पे्रम कुमार, रामचंद्र आदि ने अपन विचार रखे।
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... डीसी साहब, हम तो धरने पर ही बैठेंगे
अनिश्चितकालीन धरने में दोपहर बाद तहसीलदार पहुंचे। वहां बताया कि डीसी ने जाट बिरादरी के प्रतिनिधियों को बुलाया है। जिसके बाद जाट आरक्षण संघर्ष समिति के जिला प्रधान होशियार सिंह के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल उपायुक्त से मिलने पहुंचे। उपायुक्त ने प्रतिनिधियों को अपनी राष्ट्रीय कार्यकारिणी से बातचीत कर मुख्यमंत्री से मुलाकात करने की बात कही। जिस पर प्रतिनिधियों ने कहा कि यह राष्ट्रीय कार्यकारिणी का काम है। हम तो धरना ही देंगे। होशियार सिंह ने कहा कि डीसी साहब मुख्यमंत्री से मिलवाने की बात कह रहे थे मगर हमने कहा कि यह राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्यों का काम है। हम तो धरना ही देंगे।
बृहस्पतिवार को धनाना गांव के एतिहासिक किले में हुई 12 गांवों की बैठक में शुक्रवार से अनिश्चितकालीन धरना शुरू करने का निर्णय लिया गया था। लोगों में पांच को धरना स्थगित करने को लेकर रोष था।
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पूर्व नियोजित कार्यक्रम के तहत शुक्रवार सुबह आठ बजे ही विभिन्न गांवों से जाट बिरादरी के लोग धनाना प्रथम की धर्मशाला में पहुंचने लगे थे। सुबह करीब साढ़े नौ बजे अनिश्चितकालीन धरना जाटू खाप 84 के प्रधान राजमल की अध्यक्षता में शुरू किया गया। जाट नेताओं ने आरक्षण में बार-बार रूकावटें पैदा करने पर रोष जताया। वक्ताओं ने कहा कि आरक्षण आज उनकी जरूरत है। आरक्षण का लाभ सभी जातियों ने उठाया है तो उनका विरोध क्यों किया जा रहा है। जाट बिरादरी पहली ऐसी बिरादरी जिसके आरक्षण पर आपत्ति उठाई गई है। उनकी बिरादरी के काफी संख्या में युवा बेरोजगार घूम रहे है। बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ किया जा रहा है। धरने में जाट आरक्षण संघर्ष समिति के जिला प्रधान होशियार सिंह, जनरल सेकेटरी कुलदीप, पूर्व सरपंच पे्रम कुमार, रामचंद्र आदि ने अपन विचार रखे।
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... डीसी साहब, हम तो धरने पर ही बैठेंगे
अनिश्चितकालीन धरने में दोपहर बाद तहसीलदार पहुंचे। वहां बताया कि डीसी ने जाट बिरादरी के प्रतिनिधियों को बुलाया है। जिसके बाद जाट आरक्षण संघर्ष समिति के जिला प्रधान होशियार सिंह के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल उपायुक्त से मिलने पहुंचे। उपायुक्त ने प्रतिनिधियों को अपनी राष्ट्रीय कार्यकारिणी से बातचीत कर मुख्यमंत्री से मुलाकात करने की बात कही। जिस पर प्रतिनिधियों ने कहा कि यह राष्ट्रीय कार्यकारिणी का काम है। हम तो धरना ही देंगे। होशियार सिंह ने कहा कि डीसी साहब मुख्यमंत्री से मिलवाने की बात कह रहे थे मगर हमने कहा कि यह राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्यों का काम है। हम तो धरना ही देंगे।