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जाट आंदोलन : अनुमति खत्म फिर भी धरना जारी
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 08 Jun 2016 12:43 AM IST
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ध्ारना
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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जाट आरक्षण व अन्य मांगों को लेकर चल रहे आंदोलन के तीसरे दिन कुछ नई डेवलपमेंट दिखने को मिली। पांच जून को कुछ घंटे के बाद धनाना गांव में धरना स्थगित करने के फैसले पर मंगलवार को सवाल उठे। अखिल भारतीय जाट संघर्ष समिति के जिला प्रधान होशियार सिंह जताई ने धनाना में धरना जल्दी समाप्त किए जाने पर नाखुशी जताते हुए ऐलान किया कि मय्यड व जसिया में धरने में लोग शामिल होंगे। इसके बाद देर शाम धनाना गांव में मौजिज लोगों की बैठक में तय हुआ कि नौ जून को दोबारा आंदोलन की रणनीति बनाने के गांव में पंचायत होगी।
पिछले दो दिन से तटस्थ दिख रही खाप-पंचायत की ओर से भी आज प्रतिक्रिया आई। श्योराण खाप 84 रामनारायण खेमे ने बैठक कर ऐलान किया कि मांग नहीं मानी तो जाट आरक्षण को लेकर दोबारा आंदोलन किया जाएगा। चरखी दादरी में पिछले तीन दिन से चल रहे धरने की प्रशासनिक इजाजत मंगलवार शाम छह बजे समाप्त हो गई, लेकिन इसके बावजूद लोग धरने पर जमे रहे। बीती रात दस धरनारत लोगों के खिलाफ मामला दर्ज करने वाले जिला प्रशासन के अगले कदम पर निगाहें टिकी है। पिछले 24 घंटे के दौरान तेजी से घट रही घटनाएं बदले माहौल व तेवर को बयां कर रही हैं। फिलहाल प्रशासन को अभी कुछ दिन और अग्रि परीक्षा के दौर से गुजरना पड़ेगा।
मय्यड़ और जसिया जाएंगे भिवानी के जाट
जाट आरक्षण की मांग को लेकर पांच जून को केवल एक दिन के भीतर धरना खत्म करने के फैसले पर सवाल उठने के बाद मंगलवार को समीक्षा बैठक हुई। धनाना गांव में दोबारा कब धरना दिया जाएगा, इस पर अभी संशय के बादल हैं, लेकिन मय्यड़ व जसिया में चल रहे आंदोलन में शामिल होने का निर्णय लिया गया। बैठक में दोहराया कि 10 दिन के दिए गए समय में मांग नहीं मानी तो दोबारा धरना दिया जाएगा। उधर, इस मसले को लेकर मंगलवार देर शाम धनाना गांव में मौजिज लोगों की बैठक हुई। ।
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मंगलवार सुबह जाट धर्मशाला में कैप्टन रामचंद्र मित्ताथल की अध्यक्षता में जाट आरक्षण संघर्ष समिति की बैठक हुई। बैठक में प्रधान होशियार सिंह तालू भी शामिल रहे। इस मसले पर विचार-विमर्श कर फैसला लिया गया कि अब सरकार को 10 दिन का समय दिया है तो इंतजार किया जाए। तब तक अन्य जिलों में आंदोलनरत समाज के लोगों को समर्थन दिया जाए। बैठक में फैसला हुआ कि चांग, बामला के लोग जसिया में चल रहे धरने को समर्थन देने जाएंगे। तोशाम, जताई के लोग मय्यड़ में समर्थन देने जाएंगे और धरने में शामिल होंगे। समिति के प्रधान होशियार सिंह ने बताया कि धरना समाप्त करने को लेकर कुछ लोगों में नाराजगी थी। युवा जोश में थे और कोई गलत कदम न उठा लें, इसी कारण बैठक की गई। अब मय्यड़ व जसिया में समर्थन देने जाएंगे। जिला उपाध्यक्ष कप्तान रामचंद्र मिताथल ने कहा कि आरक्षण हमारा हक है और इसे लेकर रहेंगे। उन्होंने सरकार से जाट आरक्षण पर कोर्ट में सही ढंग से पैरवी करने की मांग की। उनकी मांग नहीं मानी गई तो आंदोलन किया जाएगा। बैठक में बिजेंद्र बामला, सतीश चांग, प्रदीप, कुलदीप, रमेश निमड़ी, कन्हैया धनाना, माडूराम, रामधारी, राजपाल, नवीन बलकरा, दिलबाग नागल, प्रकाश बामला, राजेंद्र अजीतपुरा आदि मौजूद रहे।
फोर्स अभी भी तैनात
जाट आरक्षण आंदोलन के तहत दी गई चेतावनी के बाद पिछले दो दिन से शहर व आसपास के क्षेत्रों में माहौल बिल्कुल शांत है। इसके बावजूद प्रशासन किसी तरह की ढिलाई के मूड़ में नहीं है। सभी बाहरी नाकों पर पैरामिल्ट्री व हरियाणा पुलिस के जवान तैनात है।
12 गांवों के लोग नौ को तय करेंगे आंदोलन की रूपरेखा
नौ जून को 12 गांवों के लोग जाट आरक्षण आंदोलन के धरना या आगामी आंदोलन की रूपरेखा तय करेंगे। यह निर्णय मंगलवार सायं धनाना के ऐतिहासिक बंगले में हुई समिति की बैठक में लिया गया। मंगलवार सायं करीब साढ़े पांच बजे शुरू हुई बैठक देर सायं तक चली। बैठक की अध्यक्षता राजमल ने की। बैठक में पांच जून को धरना स्थगित करने के मुद्दे पर विचार-विमर्श किया गया। बैठक में फैसला लिया गया कि नौ जून को धनाना के ऐतिहासिक बंगले में 12 गांवों की बैठक बुलाई जाए। बैठक में ही ांदोलन की रूपरेखा तय की जाए। सरकार को कितना समय दिया जाए और धरना कब से शुरू किया जाए। बैठक में 12 गांवों की बैठक की अन्य व्यवस्थाएं करने पर भी विचार विमर्श किया। जाट आरक्षण संघर्ष समिति के प्रदेश के महासचिव कुलदीप सिंह ने बताया कि नौ जून की बैठक में धनाना के अलावा बड़ेसरा, तालू, मुंढाल, सिवाड़ा, पुर आदि 12 गांवों के लोग शिरकत करेंगे। बैठक में प्रधान राजमल के अलावा प्रेम कुमार, कुलदीप, बलवंत आदि मौजूद रहे।
खाप बोली, मांग नहीं मानी तो दोबारा आंदोलन होगा
श्योराण खाप चौरासी रामनारायण गुट ने बैठक कर ऐलान किया कि मांग नहीं मानी तो जाट आरक्षण को लेकर दोबारा आंदोलन किया जाएगा। बैठक में सरकार की जाट बिरादरी के प्रति बरती जा रही उपेक्षा पर गहरा रोष प्रकट करते हुए आरक्षण के लिए नारेबाजी भी की।
मंगलवार को कस्बे के किसान भवन में हुई बैठक में श्योराण खाप चौरासी अध्यक्ष एडवोकेट रामनारायण श्योराण की अध्यक्षता में आयोजित की गई। उन्होंने कहा कि जाट आरक्षण को लेकर सरकार पैरवी कर रही है, उससे वे संतुष्ट हैं, लेकिन सरकार को इस मामले में किसी तरह की ढिलाई बरती तो खाप किसी सूरत में पीछे नहीं हटेगी। पूर्व चेयरमैन छैलूराम भोपाली व खाप महासचिव सज्जन सिंह डांडमा ने कहा कि खाप के नाम पर कोई व्यक्ति किसी तरह का झूठा आरोप लगा कर समाज में भ्रम न फैलाएं। बैठक में भाकियू अध्यक्ष धर्मपाल बाढड़ा, खाप महासचिव सज्जन सिंह डांडमा, राजपाल सिंह, एडवोकेट रामदत्त, प्रदीप बाढड़ा, वेदप्रकाश, मंगलाराम बाढड़ा, महाबीर नंबरदार, जयबीर श्योराण, रणधीर हुई, गिरधारी मोद आदि मौजूद थे।
मामला दर्ज करने के बाद प्रशासन ने धरने के लिए दी थी एक दिन की और अनुमति
जाट आरक्षण से जुड़ी मांगों को लेकर महेंद्रगढ़ बाईपास पर चल रहा धरना तीसरे दिन भी जारी रहा। प्रशासन ने समिति के दो पदाधिकारियों सहित सात पर मामला दर्ज करने के बाद धरने की समय सीमा को एक दिन और बढ़ा दिया। एसडीएम ने लिखित में मंगलवार शाम तक धरना जारी रखने की अनुमति समिति प्रधान को दे दी है। वहीं, फौगाट खाप का धरने को समर्थन देने पर संशय फिलहाल बरकरार है। श्योराण खाप से जुड़े कुछ मौजिज लोग मंगलवार को धरनास्थल पर अपना समर्थन देने पहुंचे।
सोमवार को धरने की अनुमति अवधि पूरी होने के बाद प्रशासन ने इसे गैरकानूनी मानते हुए अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के जिलाप्रधान को नोटिस जारी कर धरना समाप्ति के लिए एक घंटे का अल्टीमेटम दिया था। अल्टीमेटम पूरा होने के बाद सोमवार देर रात प्रशासन ने अगला कदम उठाते हुए जिला प्रधान व एक अन्य पदाधिकारी सहित सात लोगों पर जिला उपायुक्त के आदेशों की अवहेलना का मामला दर्ज किया था। मंगलवार देर शाम तक इस मसले पर किसी की भी गिरफ्तारी नहीं हो पाई थी। वहीं, मंगलवार सुबह ही धरने की अवधि को एक दिन और बढ़ाने की अनुमति एसडीएम बिजेंद्र हुड्डा की तरफ से प्रदर्शनकारियों को दे दी गई। धरने के दौरान पुलिस व सीआरपीएफ के जवान लगातार निगरानी रखे हुए हैं। उधर बीच बीच में प्रशासनिक अधिकारी धरना स्थल पर जाकर आंदोलनकारियों से धरना समाप्त करने का आग्रह भी कर रहे हैं।
मामला दर्ज कर बेवजह किया जा रहा है परेशान : राजकुमार
आंदोलनकारियों के खिलाफ मामला दर्ज करने के बाद अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति जिला अध्यक्ष राजकुमार हड़ोदी का कहना है कि सरकार आंदोलनकारियों को बेवजह परेशान कर रही है जबकि वे शांतिपूर्वक धरने पर बैठे हैं। उन्होंने बताया कि श्योराण खाप से भी करीब छह- सात लोग धरने में शामिल हुए तथा अपना समर्थन दिया। उनका कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जाती उनका आंदोलन जारी रहेगा।
प्रशासन ने धरना के लिए मंगलवार सांय छह बजे तक की अनुमति फिर दे दी है। यह समयावधि पूरी होने के बाद प्रशासन अगला कदम उठाएगा। मंगलवार शाम छह बजे तक की अनुमति प्रदर्शनकारियों के पास है। इसके बाद जो भी उच्चाधिकारियों के आदेश होंगे कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
बिजेंद्र हुड्डा, एसडीएम
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पिछले दो दिन से तटस्थ दिख रही खाप-पंचायत की ओर से भी आज प्रतिक्रिया आई। श्योराण खाप 84 रामनारायण खेमे ने बैठक कर ऐलान किया कि मांग नहीं मानी तो जाट आरक्षण को लेकर दोबारा आंदोलन किया जाएगा। चरखी दादरी में पिछले तीन दिन से चल रहे धरने की प्रशासनिक इजाजत मंगलवार शाम छह बजे समाप्त हो गई, लेकिन इसके बावजूद लोग धरने पर जमे रहे। बीती रात दस धरनारत लोगों के खिलाफ मामला दर्ज करने वाले जिला प्रशासन के अगले कदम पर निगाहें टिकी है। पिछले 24 घंटे के दौरान तेजी से घट रही घटनाएं बदले माहौल व तेवर को बयां कर रही हैं। फिलहाल प्रशासन को अभी कुछ दिन और अग्रि परीक्षा के दौर से गुजरना पड़ेगा।
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जाट आरक्षण की मांग को लेकर पांच जून को केवल एक दिन के भीतर धरना खत्म करने के फैसले पर सवाल उठने के बाद मंगलवार को समीक्षा बैठक हुई। धनाना गांव में दोबारा कब धरना दिया जाएगा, इस पर अभी संशय के बादल हैं, लेकिन मय्यड़ व जसिया में चल रहे आंदोलन में शामिल होने का निर्णय लिया गया। बैठक में दोहराया कि 10 दिन के दिए गए समय में मांग नहीं मानी तो दोबारा धरना दिया जाएगा। उधर, इस मसले को लेकर मंगलवार देर शाम धनाना गांव में मौजिज लोगों की बैठक हुई। ।
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मंगलवार सुबह जाट धर्मशाला में कैप्टन रामचंद्र मित्ताथल की अध्यक्षता में जाट आरक्षण संघर्ष समिति की बैठक हुई। बैठक में प्रधान होशियार सिंह तालू भी शामिल रहे। इस मसले पर विचार-विमर्श कर फैसला लिया गया कि अब सरकार को 10 दिन का समय दिया है तो इंतजार किया जाए। तब तक अन्य जिलों में आंदोलनरत समाज के लोगों को समर्थन दिया जाए। बैठक में फैसला हुआ कि चांग, बामला के लोग जसिया में चल रहे धरने को समर्थन देने जाएंगे। तोशाम, जताई के लोग मय्यड़ में समर्थन देने जाएंगे और धरने में शामिल होंगे। समिति के प्रधान होशियार सिंह ने बताया कि धरना समाप्त करने को लेकर कुछ लोगों में नाराजगी थी। युवा जोश में थे और कोई गलत कदम न उठा लें, इसी कारण बैठक की गई। अब मय्यड़ व जसिया में समर्थन देने जाएंगे। जिला उपाध्यक्ष कप्तान रामचंद्र मिताथल ने कहा कि आरक्षण हमारा हक है और इसे लेकर रहेंगे। उन्होंने सरकार से जाट आरक्षण पर कोर्ट में सही ढंग से पैरवी करने की मांग की। उनकी मांग नहीं मानी गई तो आंदोलन किया जाएगा। बैठक में बिजेंद्र बामला, सतीश चांग, प्रदीप, कुलदीप, रमेश निमड़ी, कन्हैया धनाना, माडूराम, रामधारी, राजपाल, नवीन बलकरा, दिलबाग नागल, प्रकाश बामला, राजेंद्र अजीतपुरा आदि मौजूद रहे।
फोर्स अभी भी तैनात
जाट आरक्षण आंदोलन के तहत दी गई चेतावनी के बाद पिछले दो दिन से शहर व आसपास के क्षेत्रों में माहौल बिल्कुल शांत है। इसके बावजूद प्रशासन किसी तरह की ढिलाई के मूड़ में नहीं है। सभी बाहरी नाकों पर पैरामिल्ट्री व हरियाणा पुलिस के जवान तैनात है।
12 गांवों के लोग नौ को तय करेंगे आंदोलन की रूपरेखा
नौ जून को 12 गांवों के लोग जाट आरक्षण आंदोलन के धरना या आगामी आंदोलन की रूपरेखा तय करेंगे। यह निर्णय मंगलवार सायं धनाना के ऐतिहासिक बंगले में हुई समिति की बैठक में लिया गया। मंगलवार सायं करीब साढ़े पांच बजे शुरू हुई बैठक देर सायं तक चली। बैठक की अध्यक्षता राजमल ने की। बैठक में पांच जून को धरना स्थगित करने के मुद्दे पर विचार-विमर्श किया गया। बैठक में फैसला लिया गया कि नौ जून को धनाना के ऐतिहासिक बंगले में 12 गांवों की बैठक बुलाई जाए। बैठक में ही ांदोलन की रूपरेखा तय की जाए। सरकार को कितना समय दिया जाए और धरना कब से शुरू किया जाए। बैठक में 12 गांवों की बैठक की अन्य व्यवस्थाएं करने पर भी विचार विमर्श किया। जाट आरक्षण संघर्ष समिति के प्रदेश के महासचिव कुलदीप सिंह ने बताया कि नौ जून की बैठक में धनाना के अलावा बड़ेसरा, तालू, मुंढाल, सिवाड़ा, पुर आदि 12 गांवों के लोग शिरकत करेंगे। बैठक में प्रधान राजमल के अलावा प्रेम कुमार, कुलदीप, बलवंत आदि मौजूद रहे।
खाप बोली, मांग नहीं मानी तो दोबारा आंदोलन होगा
श्योराण खाप चौरासी रामनारायण गुट ने बैठक कर ऐलान किया कि मांग नहीं मानी तो जाट आरक्षण को लेकर दोबारा आंदोलन किया जाएगा। बैठक में सरकार की जाट बिरादरी के प्रति बरती जा रही उपेक्षा पर गहरा रोष प्रकट करते हुए आरक्षण के लिए नारेबाजी भी की।
मंगलवार को कस्बे के किसान भवन में हुई बैठक में श्योराण खाप चौरासी अध्यक्ष एडवोकेट रामनारायण श्योराण की अध्यक्षता में आयोजित की गई। उन्होंने कहा कि जाट आरक्षण को लेकर सरकार पैरवी कर रही है, उससे वे संतुष्ट हैं, लेकिन सरकार को इस मामले में किसी तरह की ढिलाई बरती तो खाप किसी सूरत में पीछे नहीं हटेगी। पूर्व चेयरमैन छैलूराम भोपाली व खाप महासचिव सज्जन सिंह डांडमा ने कहा कि खाप के नाम पर कोई व्यक्ति किसी तरह का झूठा आरोप लगा कर समाज में भ्रम न फैलाएं। बैठक में भाकियू अध्यक्ष धर्मपाल बाढड़ा, खाप महासचिव सज्जन सिंह डांडमा, राजपाल सिंह, एडवोकेट रामदत्त, प्रदीप बाढड़ा, वेदप्रकाश, मंगलाराम बाढड़ा, महाबीर नंबरदार, जयबीर श्योराण, रणधीर हुई, गिरधारी मोद आदि मौजूद थे।
मामला दर्ज करने के बाद प्रशासन ने धरने के लिए दी थी एक दिन की और अनुमति
जाट आरक्षण से जुड़ी मांगों को लेकर महेंद्रगढ़ बाईपास पर चल रहा धरना तीसरे दिन भी जारी रहा। प्रशासन ने समिति के दो पदाधिकारियों सहित सात पर मामला दर्ज करने के बाद धरने की समय सीमा को एक दिन और बढ़ा दिया। एसडीएम ने लिखित में मंगलवार शाम तक धरना जारी रखने की अनुमति समिति प्रधान को दे दी है। वहीं, फौगाट खाप का धरने को समर्थन देने पर संशय फिलहाल बरकरार है। श्योराण खाप से जुड़े कुछ मौजिज लोग मंगलवार को धरनास्थल पर अपना समर्थन देने पहुंचे।
सोमवार को धरने की अनुमति अवधि पूरी होने के बाद प्रशासन ने इसे गैरकानूनी मानते हुए अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के जिलाप्रधान को नोटिस जारी कर धरना समाप्ति के लिए एक घंटे का अल्टीमेटम दिया था। अल्टीमेटम पूरा होने के बाद सोमवार देर रात प्रशासन ने अगला कदम उठाते हुए जिला प्रधान व एक अन्य पदाधिकारी सहित सात लोगों पर जिला उपायुक्त के आदेशों की अवहेलना का मामला दर्ज किया था। मंगलवार देर शाम तक इस मसले पर किसी की भी गिरफ्तारी नहीं हो पाई थी। वहीं, मंगलवार सुबह ही धरने की अवधि को एक दिन और बढ़ाने की अनुमति एसडीएम बिजेंद्र हुड्डा की तरफ से प्रदर्शनकारियों को दे दी गई। धरने के दौरान पुलिस व सीआरपीएफ के जवान लगातार निगरानी रखे हुए हैं। उधर बीच बीच में प्रशासनिक अधिकारी धरना स्थल पर जाकर आंदोलनकारियों से धरना समाप्त करने का आग्रह भी कर रहे हैं।
मामला दर्ज कर बेवजह किया जा रहा है परेशान : राजकुमार
आंदोलनकारियों के खिलाफ मामला दर्ज करने के बाद अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति जिला अध्यक्ष राजकुमार हड़ोदी का कहना है कि सरकार आंदोलनकारियों को बेवजह परेशान कर रही है जबकि वे शांतिपूर्वक धरने पर बैठे हैं। उन्होंने बताया कि श्योराण खाप से भी करीब छह- सात लोग धरने में शामिल हुए तथा अपना समर्थन दिया। उनका कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जाती उनका आंदोलन जारी रहेगा।
प्रशासन ने धरना के लिए मंगलवार सांय छह बजे तक की अनुमति फिर दे दी है। यह समयावधि पूरी होने के बाद प्रशासन अगला कदम उठाएगा। मंगलवार शाम छह बजे तक की अनुमति प्रदर्शनकारियों के पास है। इसके बाद जो भी उच्चाधिकारियों के आदेश होंगे कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
बिजेंद्र हुड्डा, एसडीएम