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किसानों के अरमानों पर बरसे ओले
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 28 Jan 2017 01:17 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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पहले बरसात से आस जगाई तो चंद घंटों बाद ही किसानों के अरमानों पर ओले गिरे। जिले के 19 गांवों में ओलावृष्टि हुई। ओलावृष्टि का आलम यह था कि कई गांवों के खेतों में शिमला की तरह बर्फ की सफेद चादर बिछ गई। भिवानी और बवानीखेड़ा क्षेत्र के करीब दर्जन भर गांवों में ओलों से 60 से 70 फीसदी तक फसली नुकसान हुआ है। कृषि विभाग ने टीमें बनाकर नुकसान का आंकलन शुरू कर दिया है। जिलेभर में बरसात भी खूब हुई। जिन क्षेत्रों में ओलावृष्टि नहीं हुई वहां बरसात फसलों के लिए काफी फायदेमंद है।
25 जनवरी की देर सायं शुरू हुई बरसात 26 जनवरी को दिनभर चली। शुक्रवार को भी दिनभर आसमान में बादल छाये रहे। 26 की सुबह करीब छह बजे जिले के 19 गांवों में बरसात के साथ ओले गिरे। भिवानी, बवानीखेड़ा, कैरू, तोशाम ब्लॉक के गांवों में ओलावृष्टि हुई। भिवानी और बवानीखेड़ा ब्लॉक के गांवों में ओलावृष्टि बहुत ज्यादा हुई और किसानों की फसलों पर ओलो की परत बन गई। गांव के खेतों का नजारा शिमला जैसा बना हुआ था। पहले बरसात के कारण खुद किसानों की आंखें नम हो गईं।
ओलावृष्टि के बाद कृषि विभाग ने भी नुकसान के आंकलन के लिए टीमें बना दी है। कृषि विभाग के अलावा रेवेन्यू विभाग, रिलायंस कंपनी के प्रतिनिधि टीमों में शामिल है। प्राथमिक दृष्टि में भिवानी और बवानीखेड़ा के गांवों में 60 से 70 फीसदी तक नुकसान की संभावना जताई जा रही है। वहीं ओलावृष्टि से नुकसान का सहीं आंकलन दो से चार दिन बाद आता है। ऐसे में नुकसान का आंकड़ा बढ़ भी सकता है। ओलावृष्टि के बाद किसान चिंतित है और सरकार से मुआवजे की आस लगाए है। किसानों का कहना है कि उन्हें फसल में लगे खर्च लायक भी मुआवजा मिल जाए तो किसी तरह घर में रह सकेंगे। इस बार बरसात कम हुई और नहरों में भी पानी कम आया तो सारी सिंचाई ट्यूबवेल से की, जिस कारण खर्च भी अधिक रहा।
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यहां खुशी लाई बरसात
एक ओर 19 गांवों के किसान ओलावृष्टि के कारण चिंतित है तो बाकी गांवों में बरसात के कारण किसान खुश भी है। उन्हें बेहतर फसल की उम्मीद जगी है। खासकर दादरी, लोहारू, सिवानी ब्लॉक के किसानों को।26 की बरसात से पहले 25 की देर सायं हुई बरसात भी किसानों के लिए राहत लाई। 25 जनवरी को भिवानी, बाढड़ा में तीन-तीन एमएम, दादरी, सिवानी में पांच-पांच, लोहारू में सात, तोशाम में आठ एमएम बरसात हुई।
कहां-कहां गिरे ओले
भिवानी ब्लॉक : धनाना, मंढाणा, मुंढाल खुर्द, तालू, मुंढाल कलां
बवानीखेड़ा ब्लॉक : बलियाली, रामूपुरा, सूई, धागा, बवानीखेड़ा, सुमराखेड़ा, जाटू लुहारी, पुर, कूंगड़ भैणी, सिवाड़ा
कैरू बलॉक : खारियावास, धारवाणवास, सुंगरपुर
तोशाम ब्लॉक : सांगवान
कहां कितनी हुई बरसात
क्षेत्र बरसात(एमएम)
भिवानी 13 एमएम
दादरी 24 एमएम
बाढड़ा 09 एमएम
लोहारू 20 एमएम
सिवानी 22 एमएम
बवानीखेड़ा 16 एमएम
तोशाम 06 एमएम
(26 जनवरी को हुई बरसात)
26 को जिलेभर में अच्छी बरसात है तो दर्जनभर के करीब गांवों में ओलावृष्टि हुई है। कुछ गांवों में ज्यादा है, जिस कारण नुकसान भी हुआ है। ओलावृष्टि के नुकसान का सहीं आंकलन तीन-चार दिन बाद आता है। फिलहाल नुकसान का आंकलन करने के लिए टीमें बना दी गई है।
आत्माराम गोदारा, डिप्टी डायरेक्टर
कृषि विभाग
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25 जनवरी की देर सायं शुरू हुई बरसात 26 जनवरी को दिनभर चली। शुक्रवार को भी दिनभर आसमान में बादल छाये रहे। 26 की सुबह करीब छह बजे जिले के 19 गांवों में बरसात के साथ ओले गिरे। भिवानी, बवानीखेड़ा, कैरू, तोशाम ब्लॉक के गांवों में ओलावृष्टि हुई। भिवानी और बवानीखेड़ा ब्लॉक के गांवों में ओलावृष्टि बहुत ज्यादा हुई और किसानों की फसलों पर ओलो की परत बन गई। गांव के खेतों का नजारा शिमला जैसा बना हुआ था। पहले बरसात के कारण खुद किसानों की आंखें नम हो गईं।
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ओलावृष्टि के बाद कृषि विभाग ने भी नुकसान के आंकलन के लिए टीमें बना दी है। कृषि विभाग के अलावा रेवेन्यू विभाग, रिलायंस कंपनी के प्रतिनिधि टीमों में शामिल है। प्राथमिक दृष्टि में भिवानी और बवानीखेड़ा के गांवों में 60 से 70 फीसदी तक नुकसान की संभावना जताई जा रही है। वहीं ओलावृष्टि से नुकसान का सहीं आंकलन दो से चार दिन बाद आता है। ऐसे में नुकसान का आंकड़ा बढ़ भी सकता है। ओलावृष्टि के बाद किसान चिंतित है और सरकार से मुआवजे की आस लगाए है। किसानों का कहना है कि उन्हें फसल में लगे खर्च लायक भी मुआवजा मिल जाए तो किसी तरह घर में रह सकेंगे। इस बार बरसात कम हुई और नहरों में भी पानी कम आया तो सारी सिंचाई ट्यूबवेल से की, जिस कारण खर्च भी अधिक रहा।
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यहां खुशी लाई बरसात
एक ओर 19 गांवों के किसान ओलावृष्टि के कारण चिंतित है तो बाकी गांवों में बरसात के कारण किसान खुश भी है। उन्हें बेहतर फसल की उम्मीद जगी है। खासकर दादरी, लोहारू, सिवानी ब्लॉक के किसानों को।26 की बरसात से पहले 25 की देर सायं हुई बरसात भी किसानों के लिए राहत लाई। 25 जनवरी को भिवानी, बाढड़ा में तीन-तीन एमएम, दादरी, सिवानी में पांच-पांच, लोहारू में सात, तोशाम में आठ एमएम बरसात हुई।
कहां-कहां गिरे ओले
भिवानी ब्लॉक : धनाना, मंढाणा, मुंढाल खुर्द, तालू, मुंढाल कलां
बवानीखेड़ा ब्लॉक : बलियाली, रामूपुरा, सूई, धागा, बवानीखेड़ा, सुमराखेड़ा, जाटू लुहारी, पुर, कूंगड़ भैणी, सिवाड़ा
कैरू बलॉक : खारियावास, धारवाणवास, सुंगरपुर
तोशाम ब्लॉक : सांगवान
कहां कितनी हुई बरसात
क्षेत्र बरसात(एमएम)
भिवानी 13 एमएम
दादरी 24 एमएम
बाढड़ा 09 एमएम
लोहारू 20 एमएम
सिवानी 22 एमएम
बवानीखेड़ा 16 एमएम
तोशाम 06 एमएम
(26 जनवरी को हुई बरसात)
26 को जिलेभर में अच्छी बरसात है तो दर्जनभर के करीब गांवों में ओलावृष्टि हुई है। कुछ गांवों में ज्यादा है, जिस कारण नुकसान भी हुआ है। ओलावृष्टि के नुकसान का सहीं आंकलन तीन-चार दिन बाद आता है। फिलहाल नुकसान का आंकलन करने के लिए टीमें बना दी गई है।
आत्माराम गोदारा, डिप्टी डायरेक्टर
कृषि विभाग